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लुधियानाः हलवारा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का नोटिस मिलते ही किसान ने की आत्महत्या
Tue, 03 Mar 2020 02:24 PM IST
खुशबू गोयल
वरिंदर राणा,, लुधियाना(पंजाब)
वरिंदर राणा,, लुधियाना(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 03 Mar 2020 02:24 PM IST
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एयरफोर्स स्टेशन हलवारा के लिए मंगलवार को जमीन अधिग्रहण का नोटिस मिलते ही एक किसान ने खेत में जाकर जहर निगल लिया। उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे सिविल अस्पताल सुधार रेफर कर दिया गया। वहां कुछ देर बाद किसान की मौत हो गई। वहीं घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश की लहर दौड़ गई। थाना सुधार प्रभारी अजायब सिंह ने बताया कि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, अभी तक परिजनों ने यही बताया है कि जमीन रिकार्ड दुरुस्त न होने के कारण वह परेशान चल रहा था।
जानकारी के अनुसार गांव एतिआणा निवासी किसान निहाल सिंह (65) पुत्र मलकीत सिंह के पास पांच एकड़ जमीन थी। काफी समय पहले उनकी जमीन गांव के अलग अलग जगह पर थी। बुजुर्गों ने बैठकर यह फैसला किया कि पांच एकड़ जमीन एक जगह इकट्ठी कर ली जाए। सर्वसम्मति से फैसला होने पर निहाल सिंह को एक जगह पर पांच एकड़ जमीन मिल गई।
गलती यह रही कि उस समय माल रिकॉर्ड में जमीन दर्ज नहीं कराई गई। ऐसे में आज भी उसकी जमीन में उसके रिश्तेदारों का नाम था। किसान निहाल सिंह की एक एकड़ जमीन एयरपोर्ट के बीच में आ गई। मुआवजा राशि लेने के लिए जमीन का सिर्फ उसके नाम पर होना जरूरी था। इसलिए वह बीते दो माह से माल विभाग में दुरुस्ती के लिए चक्कर लगा रहा था लेकिन उसका हल नहीं निकल पा रहा था। इसलिए वह काफी परेशान था।
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मंगलवार को ग्लाडा के मुलाजिम जमीन अधिग्रहण का नोटिस लेकर निहाल सिंह के घर पहुंच गए। इससे निहाल सिंह और विचलित हो गया। सुबह दस बजे वह घर से खेत में जाने की बात कहकर निकल गया। दोपहर 12 बजे तक जब निहाल सिंह घर नहीं लौटा, तो उसके परिजनों ने फोन करना शुरू किया। कोई जवाब नहीं मिलने पर उसके दोनों बेटे राजविंदर सिंह और जसविंदर सिंह खेत पहुंचे तो देखा उनका पिता खेत में गिरा पड़ा है।
वे पिता को तुरंत निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें सिविल अस्पताल भेज दिया गया। यहां उपचार के दौरान निहाल सिंह की मौत हो गई। मृतक का एक बेटा राजविंदर सिंह सेना में लांस नायक है जबकि दूसरा बेटा जसपिंदर सिंह दुबई में काम करता है। पत्नी हरबंस कौर गृहिणी है और बेटी परमजीत कौर की शादी हो चुकी है। दोनों बेटे पिता से मिलने के लिए घर आए हुए थे।
एक ही बात बोल रहे थे जमीन शरीक खा जाएंगे
लांस नायक राजविंदर सिंह ने बताया कि बीते दो माह से उसके पिता जमीन को लेकर परेशान चल रहे थे। वह हर बार एक ही बात बोलते थे कि दुरुस्ती नहीं हो रही है, ऐसे में उसके शरीक सारी जमीन का खा जाएंगे। जमीन दुरुस्ती के लिए दो माह से अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को जमीन अधिग्रहण का नोटिस भी आ गया। जबकि उनके परिवार पर 15 लाख रुपये का कर्ज भी है। इसी गम में उसके पिता ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली।
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जानकारी के अनुसार गांव एतिआणा निवासी किसान निहाल सिंह (65) पुत्र मलकीत सिंह के पास पांच एकड़ जमीन थी। काफी समय पहले उनकी जमीन गांव के अलग अलग जगह पर थी। बुजुर्गों ने बैठकर यह फैसला किया कि पांच एकड़ जमीन एक जगह इकट्ठी कर ली जाए। सर्वसम्मति से फैसला होने पर निहाल सिंह को एक जगह पर पांच एकड़ जमीन मिल गई।
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गलती यह रही कि उस समय माल रिकॉर्ड में जमीन दर्ज नहीं कराई गई। ऐसे में आज भी उसकी जमीन में उसके रिश्तेदारों का नाम था। किसान निहाल सिंह की एक एकड़ जमीन एयरपोर्ट के बीच में आ गई। मुआवजा राशि लेने के लिए जमीन का सिर्फ उसके नाम पर होना जरूरी था। इसलिए वह बीते दो माह से माल विभाग में दुरुस्ती के लिए चक्कर लगा रहा था लेकिन उसका हल नहीं निकल पा रहा था। इसलिए वह काफी परेशान था।
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मंगलवार को ग्लाडा के मुलाजिम जमीन अधिग्रहण का नोटिस लेकर निहाल सिंह के घर पहुंच गए। इससे निहाल सिंह और विचलित हो गया। सुबह दस बजे वह घर से खेत में जाने की बात कहकर निकल गया। दोपहर 12 बजे तक जब निहाल सिंह घर नहीं लौटा, तो उसके परिजनों ने फोन करना शुरू किया। कोई जवाब नहीं मिलने पर उसके दोनों बेटे राजविंदर सिंह और जसविंदर सिंह खेत पहुंचे तो देखा उनका पिता खेत में गिरा पड़ा है।
वे पिता को तुरंत निजी अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें सिविल अस्पताल भेज दिया गया। यहां उपचार के दौरान निहाल सिंह की मौत हो गई। मृतक का एक बेटा राजविंदर सिंह सेना में लांस नायक है जबकि दूसरा बेटा जसपिंदर सिंह दुबई में काम करता है। पत्नी हरबंस कौर गृहिणी है और बेटी परमजीत कौर की शादी हो चुकी है। दोनों बेटे पिता से मिलने के लिए घर आए हुए थे।
एक ही बात बोल रहे थे जमीन शरीक खा जाएंगे
लांस नायक राजविंदर सिंह ने बताया कि बीते दो माह से उसके पिता जमीन को लेकर परेशान चल रहे थे। वह हर बार एक ही बात बोलते थे कि दुरुस्ती नहीं हो रही है, ऐसे में उसके शरीक सारी जमीन का खा जाएंगे। जमीन दुरुस्ती के लिए दो माह से अधिकारियों के यहां चक्कर लगा रहे थे। मंगलवार को जमीन अधिग्रहण का नोटिस भी आ गया। जबकि उनके परिवार पर 15 लाख रुपये का कर्ज भी है। इसी गम में उसके पिता ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली।