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नए मेयर से उम्मीद, आरडब्ल्यूए की परेशानियों को समझेंगे
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चंडीगढ़। शहर की रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने नया मेयर बनने पर रविकांत शर्मा को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने मेयर के प्रति अपनी उम्मीदों को भी व्यक्त किया है। आरडब्ल्यूए सदस्यों का कहना है कि शहर की समस्याओं को लेकर उनके साथ कभी विचार नहीं किया गया। इस कारण शहर में कई प्रोजेक्ट विफल रहे। नए मेयर से उन्हें बहुत उम्मीदें हैं। वह आशा करते हैं कि नए मेयर आरडब्ल्यूए सदस्यों के साथ सेक्टरों की समस्याओं पर उन्हें साथ लेकर चलेंगे।
शहर के लोगों को साथ लेकर करें काम
एक दशक से एमसी की पॉलिसी जनता की इच्छा के विरुद्ध रही है। इस कारण शहर की स्थिति खराब हो चुकी है। नए मेयर से उम्मीद है कि वह सबको साथ लेने का मॉडल अपनाएंगे ताकि समस्याएं हल हो सकें। आरडब्ल्यूए को साथ लिए बिना शहर की समस्याओं को दूर करने का कार्य संभव नहीं है। -विनोद वशिष्ट, कन्वीनर सिटी फॉर्म ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन
पानी के दाम कम करने की है आवश्यकता
नए मेयर को पानी के कई गुना बढ़ाए शुल्क को कम करने पर विचार करना चाहिए। डोर-टु-डोर कचरा संग्रहण समस्या है। पहली और दूसरी मंजिल पर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को काफी समस्या है। शहर में बढ़ती कुत्तों की समस्या पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। यह एक गंभीर समस्या बन चुकी है। -मेजर डीपी सिंह, संरक्षक, चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड)
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सीएचबी की उल्लंघन पॉलिसी में हो संशोधन
सीएचबी फ्लैट्स के 64 हजार आवंटियों का मेयर प्रतिनिधित्व करते हैं। मेयर को सीएचबी से संबंधित लंबित पड़े बदलावों को आगे बढ़ाना चाहिए। जब बिना किसानों की सलाह लिए कानून बनाया जा सकता है तो सीएचबी आवंटियों के लिए नया कानून क्यों नहीं। सीएचबी ल्लंघन की पॉलिसी में उचित संशोधन किया जाना चाहिए। -अशोक नाभे वाला, अध्यक्ष, सीएचबी रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन
डंपिंग ग्राउंड से लोगों को मिले निजात
नए मेयर से आशा है कि वह चंडीगढ़ को दोबारा ‘द सिटी ब्यूटीफुल’ बनाने के लिए प्रयास करेंगे। लोगों पर नए टैक्स लगाए बिना एमसी के लिए अधिक ग्रांट जुटाएंगे ताकि विकास कार्यों को गति मिले। डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की बदबू और प्रदूषण से त्रस्त लोगों का समाधान होगा। जानवरों का निष्पादन प्लांट भी आबादी से कहीं दूर लगाया जाए। -पंकज गुप्ता, स्पीकर फॉस्वेक
कॉलोनियों की तरफ दिया जाएगा ध्यान
मेयर से उम्मीद है कि 22 गांवों की तरफ ध्यान दिया जाएगा। गांव विकास से दूर हैं। वहां की सड़कों की हालत बदतर है। सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, ऐसी स्थिति बनी हुई है। मेयर शहर की कॉलोनियों पर ध्यान दें, जहां पर एक के बाद एक समस्या आती रहती है। कभी भी कॉलोनियों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। -क्रांति शुक्ला, फाउंडर सदस्य, समस्या समाधान टीम
स्ट्रीट वेंडरों के अतिक्रमण से दिलाएं मुक्ति
सेक्टर-22 की स्थिति बहुत ही खराब है। स्ट्रीट वेंडरों के कारण शहर फड़ीगढ़ बन गया है। शहर के सभी नेबरहुड पार्कों और पब्लिक शौचालय की स्थिति भी दयनीय हो चुकी है। वहां लगे पौधे सूख चुके हैं। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अपने खर्चे पर पार्कों की देखभाल कर रही हैं। -सुरजीत सिंह सिद्धू, सेक्रेटरी सरकारी मकान रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी सेक्टर-22
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शहर के लोगों को साथ लेकर करें काम
एक दशक से एमसी की पॉलिसी जनता की इच्छा के विरुद्ध रही है। इस कारण शहर की स्थिति खराब हो चुकी है। नए मेयर से उम्मीद है कि वह सबको साथ लेने का मॉडल अपनाएंगे ताकि समस्याएं हल हो सकें। आरडब्ल्यूए को साथ लिए बिना शहर की समस्याओं को दूर करने का कार्य संभव नहीं है। -विनोद वशिष्ट, कन्वीनर सिटी फॉर्म ऑफ रेजिडेंट वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन
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पानी के दाम कम करने की है आवश्यकता
नए मेयर को पानी के कई गुना बढ़ाए शुल्क को कम करने पर विचार करना चाहिए। डोर-टु-डोर कचरा संग्रहण समस्या है। पहली और दूसरी मंजिल पर रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों को काफी समस्या है। शहर में बढ़ती कुत्तों की समस्या पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। यह एक गंभीर समस्या बन चुकी है। -मेजर डीपी सिंह, संरक्षक, चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशन वेलफेयर फेडरेशन (क्राफ्ड)
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सीएचबी की उल्लंघन पॉलिसी में हो संशोधन
सीएचबी फ्लैट्स के 64 हजार आवंटियों का मेयर प्रतिनिधित्व करते हैं। मेयर को सीएचबी से संबंधित लंबित पड़े बदलावों को आगे बढ़ाना चाहिए। जब बिना किसानों की सलाह लिए कानून बनाया जा सकता है तो सीएचबी आवंटियों के लिए नया कानून क्यों नहीं। सीएचबी ल्लंघन की पॉलिसी में उचित संशोधन किया जाना चाहिए। -अशोक नाभे वाला, अध्यक्ष, सीएचबी रेजिडेंट्स वेलफेयर फेडरेशन
डंपिंग ग्राउंड से लोगों को मिले निजात
नए मेयर से आशा है कि वह चंडीगढ़ को दोबारा ‘द सिटी ब्यूटीफुल’ बनाने के लिए प्रयास करेंगे। लोगों पर नए टैक्स लगाए बिना एमसी के लिए अधिक ग्रांट जुटाएंगे ताकि विकास कार्यों को गति मिले। डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड की बदबू और प्रदूषण से त्रस्त लोगों का समाधान होगा। जानवरों का निष्पादन प्लांट भी आबादी से कहीं दूर लगाया जाए। -पंकज गुप्ता, स्पीकर फॉस्वेक
कॉलोनियों की तरफ दिया जाएगा ध्यान
मेयर से उम्मीद है कि 22 गांवों की तरफ ध्यान दिया जाएगा। गांव विकास से दूर हैं। वहां की सड़कों की हालत बदतर है। सड़कों में गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, ऐसी स्थिति बनी हुई है। मेयर शहर की कॉलोनियों पर ध्यान दें, जहां पर एक के बाद एक समस्या आती रहती है। कभी भी कॉलोनियों की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। -क्रांति शुक्ला, फाउंडर सदस्य, समस्या समाधान टीम
स्ट्रीट वेंडरों के अतिक्रमण से दिलाएं मुक्ति
सेक्टर-22 की स्थिति बहुत ही खराब है। स्ट्रीट वेंडरों के कारण शहर फड़ीगढ़ बन गया है। शहर के सभी नेबरहुड पार्कों और पब्लिक शौचालय की स्थिति भी दयनीय हो चुकी है। वहां लगे पौधे सूख चुके हैं। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन अपने खर्चे पर पार्कों की देखभाल कर रही हैं। -सुरजीत सिंह सिद्धू, सेक्रेटरी सरकारी मकान रेजिडेंट वेलफेयर सोसाइटी सेक्टर-22