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Chandigarh: 12 लाख लोगों के शहर में हैं 14 लाख वाहन, हर तीन मिनट में सड़क पर उतरती है कार
Sat, 05 Nov 2022 02:21 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Sat, 05 Nov 2022 02:21 AM IST
सार
घनी आबादी वाले इलाकों में पार्किंग की समस्या सबसे ज्यादा है। वहां तेजी से लोग टू-व्हीलर से फोर-व्हीलर की तरफ जा रहे हैं। इन इलाकों में पहले ही पार्किंग की जगह नहीं है, इसलिए गाड़ी खरीदने के बाद घरों के बीच बने छोटे पार्कों को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है।
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चंडीगढ़ पार्किंग
- फोटो : amar ujala
विस्तार
चंडीगढ़ के निर्माताओं ने कभी नहीं सोचा होगा कि देश की सबसे चौड़ी सड़क वाले शहर की सबसे बड़ी समस्या ही वाहन होंगे। कारण है कि बेहद तेजी से बढ़ती वाहनों की संख्या। हर तीन मिनट में एक गाड़ी आरएलए में पंजीकृत होती है। लोग बिना पार्किंग की जगह के गाड़ियां खरीद रहे हैं। 12 लाख लोगों के शहर में करीब 14 लाख वाहन हैं। मोहाली-पंचकूला से रोजाना आने वाले डेढ़ लाख वाहन अलग। पार्किंग की जिम्मेदारी न लोग ले रहे हैं, न प्रशासन।
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घनी आबादी वाले इलाकों में पार्किंग की समस्या सबसे ज्यादा है। वहां तेजी से लोग टू-व्हीलर से फोर-व्हीलर की तरफ जा रहे हैं। इन इलाकों में पहले ही पार्किंग की जगह नहीं है, इसलिए गाड़ी खरीदने के बाद घरों के बीच बने छोटे पार्कों को पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है और उसे पार्किंग बना दिया गया है। आलम ये है कि अब उनमें भी जगह नहीं बची है तो सड़कों पर गाड़ियां खड़ी होने लगी हैं।
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सड़क, पार्क, ग्रीन बेल्ट, फुटपाथ, प्ले ग्राउंड, हर जगह कारें खड़ी दिखाई देती हैं लेकिन प्रशासन न तो नई गाड़ियों के सड़क पर उतरने की रफ्तार को कम कर पाया है, न ही जो पूर्व की योजनाएं थीं उन्हें लागू कर पाया है। सिर्फ मूक दर्शक बने इस बिगड़ती स्थिति का दर्शक बना हुआ है। प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिए काम चल रहा है। पायलट प्रोजेक्ट की रिपोर्ट आनी है।
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सिर्फ 22,725 कारों को ही खड़ी करने की जगह
- शहर में करीब 14 लाख वाहन। जनसंख्या के अनुसार ये पूरे देश में सबसे ज्यादा।
- रोजाना मोहाली-पंचकूला जिला से चंडीगढ़ में डेढ़ लाख वाहन नौकरी व अन्य काम के सिलसिले में दाखिल होते हैं।
- पूरे शहर में पार्किंग स्थल सिर्फ 89 हैं। इनमें 22,725 कारों को ही खड़ी करने की जगह।
- राइट्स के अनुसार वर्ष 2031 में चंडीगढ़ की जनसंख्या 15.29 लाख, 2041 में 18.38 लाख और 2051 में 22.10 लाख होगी।
- 2021 में 38,659 नई गाड़ियां पंजीकृत हुईं। इस अनुसार हर रोज करीब 166 गाड़ियां सड़क पर उतरीं।
आंकड़ों में समझिए भविष्य के लिए कितनी बड़ी चुनौती है पार्किंग
रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) के सर्वे के अनुसार चंडीगढ़ की वर्तमान जनसंख्या 12 लाख के करीब है, जो 2051 में 22.10 लाख होगी। इसी रफ्तार से वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी, तो अनुमान लगाया जा सकता है कि अभी अगर पार्किंग की जगह नहीं मिलती तो आने वाले वर्षों में क्या हाल होगा। राइट्स ने कहा है कि 2051 तक ट्राइसिटी की जनसंख्या 45 लाख के करीब हो जाएगी।
ये काम कर लेते तो कुछ बदली-बदली होती सूरत
- साइकिल को बढ़ावा देना था। सलाहकार धर्मपाल ने एक दिन साइकिल से दफ्तर आने को अनिवार्य करने की बात कही थी। अधिकारियों ने रुचि नहीं दिखाई।
- सभी सब-सेक्टर में कम्युनिटी पार्किंग की शुरुआत की जानी थी। अगर इसे लागू कर दिया जाता तो पार्किंग की काफी समस्या का समाधान हो जाता।
- बड़े सरकारी व निजी दफ्तरों में कर्मचारियों के लिए बस सेवा शुरू करने की योजना थी। प्रशासन ने खुद अपने विभागों में भी इसे लागू नहीं किया।
- सरकारी दफ्तरों व स्कूलों के समय को अलग-अलग करना था ताकि छुट्टी के समय जाम न लगे। इस पर भी काम नहीं हुआ।