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Chandigarh News: स्मार्ट सिटी का ईएसआई अस्पताल, पांच साल पहले खरीदी अल्ट्रासाउंड मशीन, नहीं किया रेडियोलॉजिस्ट तैनात

Thu, 24 Nov 2022 07:30 AM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Thu, 24 Nov 2022 07:30 AM IST
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ESI Hospital of Smart City, bought ultrasound machine five years ago, did not deploy radiologist
चंडीगढ़। स्मार्ट सिटी के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञों की कमी सुविधाओं के संचालन में बाधा बन रही है। मनीमाजरा में रेडियोलॉजिस्ट के न होने से डेढ़ महीने से अल्ट्रासाउंड बंद है। वहीं रामदरबार स्थित ईएसआई अस्पताल इस मामले में कहीं आगे है। अस्पताल में मरीजों के हित को ध्यान में रखकर पांच साल पहले अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन खरीदी गई थी लेकिन उस मशीन को चलाने के लिए अस्पताल प्रशासन पांच वर्षों में एक डॉक्टर की तैनाती नहीं कर पाया है। आलम यह है कि इलाज के लिए आने वाले मरीजों को पिछले पांच वर्षों से जांच के लिए बाहर भेजा जा रहा है। मरीज परेशान हैं। अस्पताल प्रशासन डॉक्टर की तैनाती करना चाहता है लेकिन सरकारी वेतन पर विशेषज्ञ आने को तैयार नहीं हैं। नतीजन मशीन पड़े-पड़े कबाड़ हो रही है और मरीज दिक्कत झेल रहे हैं।
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पांच साल बाद भी नहीं बदली व्यवस्था तो की शिकायत
पंचकूला के रामू मौर्या बुधवार को पत्नी शिव कुमारी का इलाज कराने ईएसआई रामदरबार पहुंचे। डॉक्टर ने ओपीडी में देखने के बाद कुछ जांच, एक्स-रे व अल्ट्रासांड कराने को कहा। जांच यूनिट में जाने पर पता चला कि अल्ट्रासाउंड और एक्स-रे दोनों बाहर से कराना पड़ेगा। बताया गया एक्स-रे मशीन खराब है, जर्मनी से मशीन के पार्ट मंगाए गए हैं। वहीं अल्ट्रासाउंड के लिए रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। रामू ने बताया कि वे पांच वर्ष पहले भी अपनी माता का इलाज कराने ईएसआई रामदरबार आए थे। उस समय भी बाहर से अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा था। उस समय कहा गया था नई मशीन खरीद ली गई है। उसे चलाने के लिए रेडियोलॉजिस्ट के तैनाती की प्रक्रिया चल रही है। पांच साल भी वही जवाब दिया गया है। इसलिए इसकी लिखित शिकायत अस्पताल प्रशासन से की है।
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विज्ञापन पर विज्ञापन हो रहा जारी, पर नहीं मिल रहे डॉक्टर
ईएसआई हॉस्पिटल रामदरबार में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज कराने आ रहे हैं। फॉलोअप में डॉक्टर को दिखाने आए हल्लोमाजरा निवासी देव कुमार का कहना है कि एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच न होने से उन्हें निजी लैब में ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए पांच वर्षों में दर्जनभर विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं लेकिन विशेषज्ञ सरकारी अस्पताल में नौकरी करने को तैयार नहीं हो रहे। विज्ञापन के बाद कोई भी साक्षात्कार के लिए नहीं आ रहा क्योंकि उन्हें निजी अस्पतालों में अच्छा पैकेज मिल रहा है।
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कोट
रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए लगातार विज्ञापन जारी किए जा रहे हैं। इस संबंध में मुख्यालय को भी समय समय पर सूचना दी जा रही है। जल्द ही इस समस्या को दूर कर दिया जाएगा। वहीं एक्स-रे मशीन की मरम्मत की प्रक्रिया भी चल रही है। उसके खराब पार्ट को बदलने के लिए विदेश से नया पार्ट मंगाया गया है। जल्द ही एक्स-रे शुरू हो जाएगा।
-डॉ. सुमिति, कार्यवाहक अधीक्षक रामदरबार ईएसआई हॉस्पिटल
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