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जीएसटी घाटे से उबरने के लिए उद्यमियों ने दिए सुझाव
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चंडीगढ़। कोरोना के इफेक्ट से कोई भी अछूता नहीं है। उद्योग और व्यापार पूरी तरह से ठप होने के कारण सरकार को भी जीएसटी में भारी नुकसान हो रहा है। इस घाटे से उबरने के लिए चंडीगढ़ के उद्यमियों ने वस्तु एवं सेवाकर विभाग को चार सूत्र बताए हैं। इसमें 18 प्रतिशत जीएसटी वाले उत्पादों पर छह फीसदी जीएसटी घटाने का प्रस्ताव भी शामिल है।
केंद्र ने हाल ही में जीएसटी डिपार्टमेंट चंडीगढ़ से जीएसटी घाटे से उबरने के लिए कुछ सुझाव मांगे थे। विभाग की ओर से उद्यमियों से भी इसको लेकर सुझाव देने को कहा था। चंडीगढ़ के उद्यमियों ने जीएसटी घाटे से उबरने के लिए चार सुझाव दिए हैं। इसमें जिन उत्पादों पर 18 फीसदी जीएसटी वसूल किया जाता है उसे घटाकर 12 प्रतिशत करने, व्यापारियों को एक साल तक हर माह 90 प्रतिशत तक ही जीएसटी जमा करने की छूट और लॉकडाउन खुलने के 30 दिन के बाद बिना पेनल्टी जीएसटी फाइल करने की सुविधा दी जाना है। चौथे और अंतिम सुझाव के बारे में बताते हुए चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री के अध्यक्ष नवीन मंगलानी ने बताया कि वैट के सभी पुराने मामलों का डीम्ड असेसमेंट कर बंद कर दिया जाए। इन चारों सुझावों में सरकार को घाटे से उबरने में मदद मिलेगी।
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केंद्र ने हाल ही में जीएसटी डिपार्टमेंट चंडीगढ़ से जीएसटी घाटे से उबरने के लिए कुछ सुझाव मांगे थे। विभाग की ओर से उद्यमियों से भी इसको लेकर सुझाव देने को कहा था। चंडीगढ़ के उद्यमियों ने जीएसटी घाटे से उबरने के लिए चार सुझाव दिए हैं। इसमें जिन उत्पादों पर 18 फीसदी जीएसटी वसूल किया जाता है उसे घटाकर 12 प्रतिशत करने, व्यापारियों को एक साल तक हर माह 90 प्रतिशत तक ही जीएसटी जमा करने की छूट और लॉकडाउन खुलने के 30 दिन के बाद बिना पेनल्टी जीएसटी फाइल करने की सुविधा दी जाना है। चौथे और अंतिम सुझाव के बारे में बताते हुए चैंबर आफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री के अध्यक्ष नवीन मंगलानी ने बताया कि वैट के सभी पुराने मामलों का डीम्ड असेसमेंट कर बंद कर दिया जाए। इन चारों सुझावों में सरकार को घाटे से उबरने में मदद मिलेगी।
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