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हरियाणा से राज्यसभा की दोनों सीटें भाजपा के खाते में
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़।
Updated Mon, 13 Jun 2016 09:35 AM IST
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राज्यसभा चुनाव जीतने का जश्न मनाते हुए सुभाष चंद्रा
- फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा से राज्यसभा की दोनों सीटें भाजपा की झोली में आ गई हैं। केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह भाजपा की ओर से चुनाव जीत कर राज्यसभा पहुंचे हैं, जबकि भाजपा समर्थित सुभाष चंद्रा की जीत आश्चर्यजनक मानी जा रही है। इसे भाजपा की रणनीति का करिश्मा कहा जा रहा है। इसकी बदौलत इनेलो समर्थित प्रत्याशी आरके आनंद को शिकस्त देकर चंद्रा राज्यसभा की सीट हासिल करने में कामयाब रहे।
हरियाणा में बीरेंद्र सिंह की जीत तय थी, लेकिन दूसरी सीट को लेकर संशय था। आरके आनंद ने जीत के लिए पूरा जोर लगा दिया था, जिसके लिए उन्हें सोनिया के दरबार तक जाना पड़ा। हालांकि ,इनेलो आरके आनंद का समर्थन पहले ही कर चुकी थी, लेकिन आनंद की जीत के रास्ते में भाजपा की रणनीति रोड़ा बन गई और उन्हें मुंह की खानी पड़ी।
शनिवार दोपहर तक आनंद और चंद्रा के चेहरे गंभीर थे। सुबह तक सुभाष चंद्रा धोती कुर्ता पहनकर विधायकों को अपने पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित कर रहे थे, लेकिन दोपहर बाद जब सुभाष चंद्रा अपनी ड्रेस बदल कर मतदान केंद्र पर आए तो उनका विश्वास बढ़ चुका था। मतगणना के समय 14 मतों के रद होने की सूचना के साथ चंद्रा समर्थक जीत को लेकर आश्वस्त हो गए और मिठाई के डिब्बे पहुंचने शुरू हो गए। चंद्रा की जीत के साथ ही भाजपाइयों के चेहरे खिल गए।
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हरियाणा में बीरेंद्र सिंह की जीत तय थी, लेकिन दूसरी सीट को लेकर संशय था। आरके आनंद ने जीत के लिए पूरा जोर लगा दिया था, जिसके लिए उन्हें सोनिया के दरबार तक जाना पड़ा। हालांकि ,इनेलो आरके आनंद का समर्थन पहले ही कर चुकी थी, लेकिन आनंद की जीत के रास्ते में भाजपा की रणनीति रोड़ा बन गई और उन्हें मुंह की खानी पड़ी।
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शनिवार दोपहर तक आनंद और चंद्रा के चेहरे गंभीर थे। सुबह तक सुभाष चंद्रा धोती कुर्ता पहनकर विधायकों को अपने पक्ष में मतदान के लिए प्रेरित कर रहे थे, लेकिन दोपहर बाद जब सुभाष चंद्रा अपनी ड्रेस बदल कर मतदान केंद्र पर आए तो उनका विश्वास बढ़ चुका था। मतगणना के समय 14 मतों के रद होने की सूचना के साथ चंद्रा समर्थक जीत को लेकर आश्वस्त हो गए और मिठाई के डिब्बे पहुंचने शुरू हो गए। चंद्रा की जीत के साथ ही भाजपाइयों के चेहरे खिल गए।
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यह बना समीकरण
राज्यसभा चुनाव जीतने का जश्न मनाते हुए सुभाष चंद्रा
- फोटो : अमर उजाला
कुल---------------------------90
बीरेंद्र सिंह को मिले वोट-----------40
आरके आनंद को मिले वोट---------21
सुभाष चंद्रा को मिले वोट------------15+14
रद्द हुए वोट 14
ऐसे मिली जीत
हरियाणा विधानसभा के कुल 90 वोट में से 14 वोट रद्द होने के बाद बीरेंद्र को जीत के लिए 26 वोट चाहिए थे। उन्हें कुल 40 वोट मिले। बीरेंद्र सिंह को पड़े इन वोटों में दूसरे प्रत्याशी के तौर पर सुभाष चंद्रा का नाम था। लिहाजा बाकी बचे 14 वोट चंद्रा के खाते में जुड़ गए। जिसके बाद चंद्रा के मतों की संख्या 15+14 होकर 29 के आंकड़े पर पहुंच गई।
बीरेंद्र सिंह को मिले वोट-----------40
आरके आनंद को मिले वोट---------21
सुभाष चंद्रा को मिले वोट------------15+14
रद्द हुए वोट 14
ऐसे मिली जीत
हरियाणा विधानसभा के कुल 90 वोट में से 14 वोट रद्द होने के बाद बीरेंद्र को जीत के लिए 26 वोट चाहिए थे। उन्हें कुल 40 वोट मिले। बीरेंद्र सिंह को पड़े इन वोटों में दूसरे प्रत्याशी के तौर पर सुभाष चंद्रा का नाम था। लिहाजा बाकी बचे 14 वोट चंद्रा के खाते में जुड़ गए। जिसके बाद चंद्रा के मतों की संख्या 15+14 होकर 29 के आंकड़े पर पहुंच गई।