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Haryana: विद्यार्थियों को दिए टैब में अश्लील सामग्री देखने का मामला, शिक्षा मंत्री ने पंचायतों पर साधा निशाना
Tue, 01 Aug 2023 11:33 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 01 Aug 2023 11:33 AM IST
सार
पंचायतों की ओर से टैब वापस लेने के प्रस्ताव के सवाल पर पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि 100 में से एक बच्चे ने ऐसा किया होगा। बच्चों को टैब देने के पीछे सरकार का मकसद साफ है कि उन प्रतिभावान गरीब बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा दी जाए, जो कंप्यूटर और टैब नहीं खरीद सकते।
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- फोटो : प्रतीकात्मक
विस्तार
हरियाणा में स्कूल विद्यार्थियों को दिए गए टैब में सॉफ्टवेयर क्रैक करके अश्लील सामग्री देखने के मामले में शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने पंचायतों और अभिभावकों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुछ पंचायतें अच्छे प्रोजेक्ट को भी गलत साबित करने पर तुली हुई हैं।
वहीं, बच्चों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है, मां-बाप को भी अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सॉफ्टवेयर क्रैक करने वाले बच्चों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
यह भी पढ़ें: Monu Manesar: कौन है मोनू मानेसर, जिसके एक बयान पर भड़का बवाल और जल उठा नूंह
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पंचायतों की ओर से टैब वापस लेने के प्रस्ताव के सवाल पर पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि 100 में से एक बच्चे ने ऐसा किया होगा। बच्चों को टैब देने के पीछे सरकार का मकसद साफ है कि उन प्रतिभावान गरीब बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा दी जाए, जो कंप्यूटर और टैब नहीं खरीद सकते। उन्होंने कहा कि किसी एक बच्चे की शरारत का मतलब ये नहीं है कि पूरा प्रोजेक्ट ही गलत है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने यह टैब दिए थे तो उसमें ऐसी व्यवस्था की थी कि बच्चे केवल पाठ्य सामग्री ही देख सकेंगे। बावजूद इसके कुछ बच्चों ने इसके सॉफ्टवेयर को क्रैक करा लिया है, लेकिन इसके लिए केवल सरकार को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।
बख्शे नहीं जाएंगे टैब से छेड़छाड़ करने वाले
एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि टैब से छेड़छाड़ के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि कोई भी बच्चा या अन्य गलत हरकत करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अगर शिकायत आती है कि किसी ने सॉफ्टवेयर को क्रैक किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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वहीं, बच्चों की जिम्मेदारी केवल सरकार की नहीं है, मां-बाप को भी अपने बच्चों पर नजर रखनी चाहिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि सॉफ्टवेयर क्रैक करने वाले बच्चों और उनकी मदद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पंचायतों की ओर से टैब वापस लेने के प्रस्ताव के सवाल पर पत्रकारों से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि 100 में से एक बच्चे ने ऐसा किया होगा। बच्चों को टैब देने के पीछे सरकार का मकसद साफ है कि उन प्रतिभावान गरीब बच्चों को भी आधुनिक शिक्षा दी जाए, जो कंप्यूटर और टैब नहीं खरीद सकते। उन्होंने कहा कि किसी एक बच्चे की शरारत का मतलब ये नहीं है कि पूरा प्रोजेक्ट ही गलत है। उन्होंने कहा कि जब सरकार ने यह टैब दिए थे तो उसमें ऐसी व्यवस्था की थी कि बच्चे केवल पाठ्य सामग्री ही देख सकेंगे। बावजूद इसके कुछ बच्चों ने इसके सॉफ्टवेयर को क्रैक करा लिया है, लेकिन इसके लिए केवल सरकार को जिम्मेदार ठहराना ठीक नहीं है।
बख्शे नहीं जाएंगे टैब से छेड़छाड़ करने वाले
एक सवाल के जवाब में शिक्षा मंत्री ने कहा कि टैब से छेड़छाड़ के बढ़ते मामलों को देखते हुए सरकार ऐसी व्यवस्था करने जा रही है कि कोई भी बच्चा या अन्य गलत हरकत करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा अगर शिकायत आती है कि किसी ने सॉफ्टवेयर को क्रैक किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।