चंडीगढ़: नवंबर में जीएसटी संग्रह में 27 फीसदी की वृद्धि, मार्च 2020 के बाद पहली बार दर्ज की गई बढ़ोतरी
माल और सेवा कर (जीएसटी) पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। जीएसटी, एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाते हैं।
विस्तार
चंडीगढ़ के जीएसटी संग्रह में नवंबर माह में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले साल नवंबर महीने के मुकाबले नवंबर 2021 में सकल (ग्रॉस) जीएसटी संग्रह में 27 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मार्च 2020 में कोरोना के आने के बाद ये पहली बार है, जब जीएसटी संग्रह में भारी वृद्धि दर्ज की गई है।
माल और सेवा कर (जीएसटी) पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। जीएसटी, एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के खजाने को भरने में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन लॉकडाउन की वजह से बड़ा असर भी इन्हीं पर पड़ा था। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से लगातार एक साल तक शहर में जीएसटी संग्रह घटा।
डेढ़ साल तक जद्दोजहद करती रही चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था
मार्च 2021 में जाकर जीएसटी संग्रह में मामूली वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद दूसरी लहर आ गई और फिर से जीएसटी संग्रह में कमी आई। जुलाई 2021 से संग्रह में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अगस्त में 144 करोड़ रुपये, सितंबर में 152 करोड़ रुपये, अक्तूबर में 158 करोड़ और नवंबर में 180 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह हुआ है। देश के अन्य राज्य व केंद्र शासित प्रदेश कोरोना की वजह से हुए घाटे से उबर गए, लेकिन चंडीगढ़ की अर्थव्यवस्था लगातार डेढ़ साल तक जद्दोजहद करती रही। अब जाकर जीएसटी संग्रह में बड़ी वृद्धि देखी गई है।
जीएसटी संग्रह
महीना संग्रहअगस्त 144 करोड़
सितंबर 152 करोड़
अक्तूबर 158 करोड़
नवंबर 180 करोड़ रुपये
पड़ोसी राज्यों की स्थिति
पंजाब- नवंबर 2020 में 1396 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था, जबकि इस बार 1845 करोड़ रुपये आए हैं। 32 फीसदी की वृद्धि हुई है।हरियाणा - नवंबर 2020 में 5928 करोड़ रुपये का संग्रह हुआ था, जबकि इस बार 6016 करोड़ रुपये आए हैं। महज एक फीसदी की वृद्धि हुई है।