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पहले डीसी रेट में भेदभाव था, उसे ठीक करने के लिए ही की कई ये कार्यवाही: डीसी
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चंडीगढ़। यूटी प्रशासन ने वर्ष 2022-23 के लिए 436 वर्गों में काम कर रहे कर्मचारियों के लिए नया डीसी रेट जारी कर दिया है। इसमें अलग-अलग वर्गों में अलग-अलग फीसदी में डीसी रेट बढ़ाया गया है जबकि 129 वर्गों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसे लेकर यूनियन की तरफ से प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इस मामले पर डीसी विनय प्रताप सिंह ने कहा कि पहले डीसी रेट में भेदभाव था, उसे ठीक करने के लिए ही ऐसा किया गया है।
डीसी विनय प्रताप ने कहा कि अलग-अलग वर्गों में अलग-अलग बढ़ोतरी इसलिए की गई है, क्योंकि पहले एक ही तरह के काम करने वाले अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों का डीसी रेट अलग-अलग था। अब अगर दोनों को एक समान प्रतिशत से बढ़ाया जाएगा, तो वह कभी एक समान ही नहीं होगा। ऐसे में कभी समानता नहीं आएगी। डीसी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि जो कर्मचारी एक समान काम कर रहे हैं, उन्हें समान डीसी रेट मिले। विभाग अलग होने की वजह से भेदभाव नहीं होना चाहिए। उसी को ठीक करने के लिए ये कार्रवाई की गई है। डीसी ने ये भी कहा कि अलग-अलग विभागों में एक ही तरह का काम करने वाले कर्मचारियों का डीसी रेट किसी गलती की वजह से अलग-अलग हो रखा था, उसे ही ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को ज्यादा डीसी रेट मिल रहा था, हम तो उनसे रिकवरी नहीं ले रहे। हम उनकी पे प्रोटेक्शन कर रहे हैं।
जो ज्यादा ले रहे थे, हम तो उनसे रिकवरी नहीं कर रहे : डीसी
नया डीसी रेट जारी होने के बाद से कर्मचारी यूनियन की तरफ से नाराजगी जताई जा रही है। किसी यूनियन ने इसकी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से शिकायत की है तो अन्य यूनियन की तरफ से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस पर डीसी ने कहा कि यूनियन के नेता अच्छी तरह से जानते हैं कि ऐसा क्यों किया गया है, क्योंकि वह हर बार उन्हें रिप्रेजेंटेशन देते थे कि एक तरह का काम करने वाले कर्मचारी को अलग-अलग वेतन मिल रहा है इसलिए हमने कम वेतन वालों का डीसी रेट बढ़ाया गया है। जब समान काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन समान हो जाएगा, तो दोनों के डीसी रेट में एक साथ बढ़ोतरी की जाएगी।
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बढ़े डीसी रेट का प्रतिशत वर्ग
0 प्रतिशत 129
1 प्रतिशत 9
2 प्रतिशत 6
3 प्रतिशत 16
5 प्रतिशत 1
6 प्रतिशत 7
9 प्रतिशत 3
10 प्रतिशत 10
11 प्रतिशत 8
15 प्रतिशत 247
कुल 436
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डीसी विनय प्रताप ने कहा कि अलग-अलग वर्गों में अलग-अलग बढ़ोतरी इसलिए की गई है, क्योंकि पहले एक ही तरह के काम करने वाले अलग-अलग विभागों में कार्यरत कर्मचारियों का डीसी रेट अलग-अलग था। अब अगर दोनों को एक समान प्रतिशत से बढ़ाया जाएगा, तो वह कभी एक समान ही नहीं होगा। ऐसे में कभी समानता नहीं आएगी। डीसी ने कहा कि उनकी कोशिश है कि जो कर्मचारी एक समान काम कर रहे हैं, उन्हें समान डीसी रेट मिले। विभाग अलग होने की वजह से भेदभाव नहीं होना चाहिए। उसी को ठीक करने के लिए ये कार्रवाई की गई है। डीसी ने ये भी कहा कि अलग-अलग विभागों में एक ही तरह का काम करने वाले कर्मचारियों का डीसी रेट किसी गलती की वजह से अलग-अलग हो रखा था, उसे ही ठीक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों को ज्यादा डीसी रेट मिल रहा था, हम तो उनसे रिकवरी नहीं ले रहे। हम उनकी पे प्रोटेक्शन कर रहे हैं।
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जो ज्यादा ले रहे थे, हम तो उनसे रिकवरी नहीं कर रहे : डीसी
नया डीसी रेट जारी होने के बाद से कर्मचारी यूनियन की तरफ से नाराजगी जताई जा रही है। किसी यूनियन ने इसकी प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित से शिकायत की है तो अन्य यूनियन की तरफ से सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया जा रहा है। इस पर डीसी ने कहा कि यूनियन के नेता अच्छी तरह से जानते हैं कि ऐसा क्यों किया गया है, क्योंकि वह हर बार उन्हें रिप्रेजेंटेशन देते थे कि एक तरह का काम करने वाले कर्मचारी को अलग-अलग वेतन मिल रहा है इसलिए हमने कम वेतन वालों का डीसी रेट बढ़ाया गया है। जब समान काम करने वाले कर्मचारियों का वेतन समान हो जाएगा, तो दोनों के डीसी रेट में एक साथ बढ़ोतरी की जाएगी।
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बढ़े डीसी रेट का प्रतिशत वर्ग
0 प्रतिशत 129
1 प्रतिशत 9
2 प्रतिशत 6
3 प्रतिशत 16
5 प्रतिशत 1
6 प्रतिशत 7
9 प्रतिशत 3
10 प्रतिशत 10
11 प्रतिशत 8
15 प्रतिशत 247
कुल 436