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Chandigarh News: पीजीआई में 3500 अनुबंध कर्मचारियों की हड़ताल से व्यवस्था ध्वस्त, मरीज हुए बेहाल

Thu, 04 Apr 2024 02:20 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Apr 2024 02:20 AM IST
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Due to strike of 3500 contract employees in PGI, system collapsed, patients in distress
चंडीगढ़। कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी के गिरफ्तारी से नाराज पीजीआई के अनुबंध कर्मचारी बुधवार की सुबह हड़ताल पर चले गए। लगभग 3500 अस्पताल परिचारिकाओं, लिपिक, सफाई व रसोई कर्मचारियों, लिफ्ट ऑपरेटरों और सुरक्षा गार्डों के एक साथ हड़ताल पर जाने के कारण पीजीआई की व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। ओपीडी से लेकर इमरजेंसी और वार्ड में हर तरफ गंदगी और अव्यवस्था का आलम दिखा। सबसे खराब स्थिति न्यू ओपीडी में रही। इलाज के लिए आए मरीजों को पंजीकरण से लेकर जांच का नमूना देने के लिए घंटों लाइन में लगे रहना पड़ा। इस दौरान कई मरीजों की हालत भी बिगड़ गई। वहीं, पीजीआई प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सामाजिक संगठनों के स्वयंसेवकों से भी मदद मांगी। उन्होंने ओपीडी में पहुंचकर व्यवस्था संभालने में सहयोग किया, लेकिन हजारों की संख्या में गैर मौजूद कर्मचारियों की जगह पर चंद स्वयंसेवक व्यवस्था संभालने में नाकाम नजर आए। सुबह कर्मचारी भार्गव सभागार के बाहर एकत्र हुए और नारेबाजी की। इस मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। वहीं, ओपीडी में रेजिडेंट डॉक्टरो ने अनुबंध कर्मचारियों के न होने पर खुद ही मरीजों के कार्ड एकत्रित किए और आवाज लगाकर उन्हें अंदर बुलाया। इस कारण मरीज को इलाज के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। स्थिति यह थी कि सैंपल कलेक्शन काउंटर पर हॉस्पिटल अटेंडेंट, सेनेटरी अटेंडेंट और सुरक्षाकर्मी के न होने से सैंपल कलेक्ट करने वाले कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया। इस कारण कलेक्शन काउंटर की संख्या कम कर दी गई जिससे दोपहर 2:30 बजे तक नमूना एकत्र करना पड़ा। सामान्य दिनों में दोपहर 1:00 बजे तक नमूना लेने की व्यवस्था है। वहीं शुल्क जमा करने वाले काउंटर पर कर्मचारियों के न होने से लाइन में लगी कई महिलाएं चक्कर खाकर गिर गई। इसके कारण वह जमीन पर लेटी और बैठी नजर आई।
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साफ-सफाई न होने से देर से खुली डे केयर ओटी
न्यू ओपीडी बिल्डिंग स्थित माइनर और डे केयर ओटी में साफ-सफाई का कार्य न होने के कारण वहां 1:00 बजे के बाद व्यवस्था बहाल हो सकी। इससे ओपीडी में आए मरीजों को काफी परेशान होना पड़ा। वहीं, वार्ड में मरीज के बेड से बदले गए चादर, ओटी के ड्रेस के बंडल भी जगह-जगह पड़े नजर आए। सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण सफाई व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित नजर आई। इमरजेंसी ओपीडी समेत विभिन्न विभागों के वार्डों में कूड़े का ढेर नजर आया, न तो बायोमेडिकल वेस्ट हटाया गया और न ही वार्ड से प्रतिदिन निकलने वाली गंदगी ही साफ हुई।
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