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32 साल से फरार नशा तस्कर चढ़ा पुलिस के हत्थे
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चंडीगढ़। डीएसपी सेंट्रल की अगुवाई में नशा तस्करी के मामले में फरार आरोपी सेक्टर 25 जनता कालोनी निवासी धरमबीर उर्फ भगवान दास (57) को 32 साल बाद दोबारा गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार 14 मई, 1985 को सेक्टर 11 थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। रविवार को धरमबीर को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई जगीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सेक्टर 14/25 डिवाइडिंग रोड के पास से धरमबीर उर्फ भगवान दास को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उसके पास से किलो अफीम बरामद हुई थी। पूछताछ में वह अफीम से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सका था। क्राइम ब्रांच ने धरमबीर को दबोच कर सेक्टर 11 थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद वर्ष 1986 में धरमबीर को एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माने के साथ दोषी ठहराया गया है। वर्ष 1986 में ही तीन महीने की सजा काटने के बाद धरमबीर ने ऊपरी अदालत में सजा के खिलाफ याचिका दायर की। इसमें उसे जमानत मिल गई थी। वर्ष 1987 से धरमबीर फरार था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सेंट्रल डीएसपी कृष्ण कुमार की अगुवाई में टीम का गठन किया गया। बीते शनिवार को हेड कांस्टेबल में धरमबीर को दबोच लिया गया।
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क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई जगीर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि सेक्टर 14/25 डिवाइडिंग रोड के पास से धरमबीर उर्फ भगवान दास को गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उसके पास से किलो अफीम बरामद हुई थी। पूछताछ में वह अफीम से संबंधित कोई कागजात नहीं दिखा सका था। क्राइम ब्रांच ने धरमबीर को दबोच कर सेक्टर 11 थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद वर्ष 1986 में धरमबीर को एक साल की सजा और एक हजार रुपये जुर्माने के साथ दोषी ठहराया गया है। वर्ष 1986 में ही तीन महीने की सजा काटने के बाद धरमबीर ने ऊपरी अदालत में सजा के खिलाफ याचिका दायर की। इसमें उसे जमानत मिल गई थी। वर्ष 1987 से धरमबीर फरार था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सेंट्रल डीएसपी कृष्ण कुमार की अगुवाई में टीम का गठन किया गया। बीते शनिवार को हेड कांस्टेबल में धरमबीर को दबोच लिया गया।
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