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Chandigarh News: टैक्सी लूटने के लिए चालक की हत्या, पायस ने खोला ब्लाइंड मर्डर
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चंडीगढ़। टैक्सी लूटने के लिए चालक विजय कुमार की हत्या करने वाले दो आरोपियों तक पुलिस इन-ड्राइव बुकिंग, सीसीटीवी और फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर ‘पायस’ के जरिए पहुंच गई। मलोया थाना पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए मानसा के गांव साहनेवाली निवासी पंजाबदीप सिंह और हरप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने सेक्टर-22 की सुनसान सड़क पर विजय की हत्या की, शव सेक्टर-38 वेस्ट की झाड़ियों में फेंका और टैक्सी सेक्टर-56 के जंगल में छोड़कर बस से गांव भाग गए।
मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया था। शुरुआत में हत्या के पीछे रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या लूट का स्पष्ट एंगल सामने नहीं आया था। विजय का पर्स और कार भी मौके पर नहीं मिले थे, जिससे जांच और उलझी हुई थी।
इन-ड्राइव बुकिंग से मिली पहली ठोस कड़ी
जांच में पता चला कि वारदात वाली रात विजय की टैक्सी इन-ड्राइव ऐप से मोहाली के सेक्टर-63 से सेक्टर-22 के लिए बुक हुई थी। पुलिस ने बुकिंग कराने वाले व्यक्ति की जानकारी और मोबाइल नंबर हासिल कर सर्विलांस पर लगाया। इसके साथ सेक्टर-63 से सेक्टर-22 तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें विजय चालक सीट पर, हरप्रीत बगल वाली सीट पर और पंजाबदीप पीछे बैठा दिखाई दिया।
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एक अन्य सीसीटीवी में दोनों संदिग्ध टैक्सी के साथ नजर आए। पहचान के लिए पुलिस ने पंजाब पुलिस के फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर ‘पायस’ (पंजाब ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम) की मदद ली।
पहले हरप्रीत, फिर पंजाबदीप का रिकॉर्ड मैच
पुलिस के अनुसार, सबसे पहले हरप्रीत की तस्वीर पायस में डाली गई, लेकिन कोई रिकॉर्ड मैच नहीं हुआ। इसके बाद पंजाबदीप की तस्वीर अपलोड की गई तो रिकॉर्ड मैच हो गया। पुलिस को उसके नाम, पते और पुराने मामलों से जुड़ी जानकारी मिली। इसके बाद मानसा समेत उसके संभावित ठिकानों पर छापे मारे गए, लेकिन वह नहीं मिला। बाद में मुखबिर की सूचना और सर्विलांस के आधार पर दोनों को सेक्टर-56 के जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गले में परना डालकर खींचा, फिर चाकू से हमला
पुलिस के अनुसार, दोनों रात करीब 11:30 बजे विजय की टैक्सी में सेक्टर-63 से सेक्टर-22 पहुंचे। सुनसान सड़क पर आरोपियों ने विजय से टैक्सी किनारे लगाने को कहा। गाड़ी रुकते ही पीछे बैठे पंजाबदीप ने विजय के गले में परना डालकर पीछे खींच लिया। विजय ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो बगल में बैठे हरप्रीत ने चाकू दिखाकर उसे डराया और वार किया। पुलिस के मुताबिक, चाकू के वार विजय के हाथ और पेट के आसपास लगे। विजय ने बचने के लिए कार के शीशे पर हाथ मारकर शोर किया। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान हरप्रीत ने उसके सीने पर चाकू से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से विजय की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव चालक सीट से हटाकर पिछली सीट पर डाला और टैक्सी सेक्टर-38 वेस्ट ले गए। वहां शव झाड़ियों में फेंक दिया।
हूटर सुनकर टैक्सी जंगल में छोड़ी
शव ठिकाने लगाने के बाद दोनों टैक्सी लेकर सेक्टर-55/56 की ओर गए। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में उन्हें पीछे से हूटर बजाती सरकारी गाड़ी दिखाई दी। आरोपियों को लगा कि पुलिस को वारदात का पता चल गया है और उनका पीछा किया जा रहा है। पकड़े जाने के डर से उन्होंने टैक्सी सेक्टर-56 के जंगल क्षेत्र में छोड़ दी। दोनों जंगल के रास्ते मुख्य सड़क तक पहुंचे और बस पकड़कर गांव चले गए।
अब चाकू और टैक्सी बेचने की योजना की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस वारदात में इस्तेमाल चाकू और विजय के गले में बांधे गए परने की बरामदगी का प्रयास कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि लूटी गई टैक्सी को दोनों किसे और कितने रुपये में बेचने वाले थे। पुलिस के अनुसार, पंजाबदीप के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड में एक मामले में लूटी गई टैक्सी को कथित तौर पर 20 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस वारदात में टैक्सी बेचने के बाद मिलने वाली रकम दोनों के बीच कैसे बांटी जानी थी।
पंजाबदीप पर पहले भी टैक्सी चोरी और हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, पंजाबदीप का नाम वर्ष 2023 के एक मामले में भी सामने आया था। एक व्यक्ति के लापता होने के बाद जांच में पंजाबदीप और रेशम सिंह गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, उस मामले में टैक्सी चोरी करने और शव नाले में फेंकने के आरोप लगे थे। इसके अलावा 22 अगस्त 2025 को थाना त्रिपड़ी, जिला पटियाला में दर्ज मामले में भी पंजाबदीप का नाम सामने आया था। वह दिसंबर 2025 में जमानत पर बाहर आया था। जांच में अहम कड़ियां: सीसीटीवी में आरोपियों की तस्वीरें, ‘पायस’ से पंजाबदीप की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड, इन-ड्राइव बुकिंग रिकॉर्ड, सेक्टर-63 से सेक्टर-22 के रास्ते की फुटेज और टैक्सी के स्टेयरिंग, गियर, हैंडल व बगल वाली सीट समेत अन्य हिस्सों से मिले फिंगरप्रिंट पुलिस के लिए अहम साक्ष्य बने। पुलिस अब चाकू और परने की बरामदगी के साथ टैक्सी के संभावित खरीदार का भी पता लगाएगी।
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मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत हत्या का केस दर्ज किया था। शुरुआत में हत्या के पीछे रंजिश, व्यक्तिगत विवाद या लूट का स्पष्ट एंगल सामने नहीं आया था। विजय का पर्स और कार भी मौके पर नहीं मिले थे, जिससे जांच और उलझी हुई थी।
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इन-ड्राइव बुकिंग से मिली पहली ठोस कड़ी
जांच में पता चला कि वारदात वाली रात विजय की टैक्सी इन-ड्राइव ऐप से मोहाली के सेक्टर-63 से सेक्टर-22 के लिए बुक हुई थी। पुलिस ने बुकिंग कराने वाले व्यक्ति की जानकारी और मोबाइल नंबर हासिल कर सर्विलांस पर लगाया। इसके साथ सेक्टर-63 से सेक्टर-22 तक के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें विजय चालक सीट पर, हरप्रीत बगल वाली सीट पर और पंजाबदीप पीछे बैठा दिखाई दिया।
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एक अन्य सीसीटीवी में दोनों संदिग्ध टैक्सी के साथ नजर आए। पहचान के लिए पुलिस ने पंजाब पुलिस के फेस रिकग्निशन सॉफ्टवेयर ‘पायस’ (पंजाब ऑर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम) की मदद ली।
पहले हरप्रीत, फिर पंजाबदीप का रिकॉर्ड मैच
पुलिस के अनुसार, सबसे पहले हरप्रीत की तस्वीर पायस में डाली गई, लेकिन कोई रिकॉर्ड मैच नहीं हुआ। इसके बाद पंजाबदीप की तस्वीर अपलोड की गई तो रिकॉर्ड मैच हो गया। पुलिस को उसके नाम, पते और पुराने मामलों से जुड़ी जानकारी मिली। इसके बाद मानसा समेत उसके संभावित ठिकानों पर छापे मारे गए, लेकिन वह नहीं मिला। बाद में मुखबिर की सूचना और सर्विलांस के आधार पर दोनों को सेक्टर-56 के जंगल क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
गले में परना डालकर खींचा, फिर चाकू से हमला
पुलिस के अनुसार, दोनों रात करीब 11:30 बजे विजय की टैक्सी में सेक्टर-63 से सेक्टर-22 पहुंचे। सुनसान सड़क पर आरोपियों ने विजय से टैक्सी किनारे लगाने को कहा। गाड़ी रुकते ही पीछे बैठे पंजाबदीप ने विजय के गले में परना डालकर पीछे खींच लिया। विजय ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो बगल में बैठे हरप्रीत ने चाकू दिखाकर उसे डराया और वार किया। पुलिस के मुताबिक, चाकू के वार विजय के हाथ और पेट के आसपास लगे। विजय ने बचने के लिए कार के शीशे पर हाथ मारकर शोर किया। पुलिस का आरोप है कि इसी दौरान हरप्रीत ने उसके सीने पर चाकू से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से विजय की मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने शव चालक सीट से हटाकर पिछली सीट पर डाला और टैक्सी सेक्टर-38 वेस्ट ले गए। वहां शव झाड़ियों में फेंक दिया।
हूटर सुनकर टैक्सी जंगल में छोड़ी
शव ठिकाने लगाने के बाद दोनों टैक्सी लेकर सेक्टर-55/56 की ओर गए। पुलिस के मुताबिक, रास्ते में उन्हें पीछे से हूटर बजाती सरकारी गाड़ी दिखाई दी। आरोपियों को लगा कि पुलिस को वारदात का पता चल गया है और उनका पीछा किया जा रहा है। पकड़े जाने के डर से उन्होंने टैक्सी सेक्टर-56 के जंगल क्षेत्र में छोड़ दी। दोनों जंगल के रास्ते मुख्य सड़क तक पहुंचे और बस पकड़कर गांव चले गए।
अब चाकू और टैक्सी बेचने की योजना की जांच
गिरफ्तारी के बाद पुलिस वारदात में इस्तेमाल चाकू और विजय के गले में बांधे गए परने की बरामदगी का प्रयास कर रही है। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि लूटी गई टैक्सी को दोनों किसे और कितने रुपये में बेचने वाले थे। पुलिस के अनुसार, पंजाबदीप के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड में एक मामले में लूटी गई टैक्सी को कथित तौर पर 20 हजार रुपये में बेचने की बात सामने आई थी। पुलिस यह भी जांच रही है कि इस वारदात में टैक्सी बेचने के बाद मिलने वाली रकम दोनों के बीच कैसे बांटी जानी थी।
पंजाबदीप पर पहले भी टैक्सी चोरी और हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, पंजाबदीप का नाम वर्ष 2023 के एक मामले में भी सामने आया था। एक व्यक्ति के लापता होने के बाद जांच में पंजाबदीप और रेशम सिंह गिरफ्तार किए गए थे। पुलिस के मुताबिक, उस मामले में टैक्सी चोरी करने और शव नाले में फेंकने के आरोप लगे थे। इसके अलावा 22 अगस्त 2025 को थाना त्रिपड़ी, जिला पटियाला में दर्ज मामले में भी पंजाबदीप का नाम सामने आया था। वह दिसंबर 2025 में जमानत पर बाहर आया था। जांच में अहम कड़ियां: सीसीटीवी में आरोपियों की तस्वीरें, ‘पायस’ से पंजाबदीप की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड, इन-ड्राइव बुकिंग रिकॉर्ड, सेक्टर-63 से सेक्टर-22 के रास्ते की फुटेज और टैक्सी के स्टेयरिंग, गियर, हैंडल व बगल वाली सीट समेत अन्य हिस्सों से मिले फिंगरप्रिंट पुलिस के लिए अहम साक्ष्य बने। पुलिस अब चाकू और परने की बरामदगी के साथ टैक्सी के संभावित खरीदार का भी पता लगाएगी।