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चंडीगढ़ः जीएमसीएच और पीजीआई में हड़ताल पर गए डॉक्टर, ओपीडी ठप और कईं सर्जरी टलीं

Mon, 17 Jun 2019 11:42 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 17 Jun 2019 11:42 PM IST
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Doctors Strike Across the Country, PGI and GMCH 32 OPD Close
डॉक्टरों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

पीजीआई समेत चंडीगढ़ के सभी अस्पतालों में डॉक्टरों के हड़ताल पर चले जाने से सोमवार को हजारों मरीजों को बिना इलाज लौटना पड़ा। इससे मरीजों और उनके अटेंडेंट को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

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उन मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा जो आसपास के प्रदेशों से आए थे। पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टरों के साथ मारपीट की घटना के बाद आईएमए के आह्वान पर चंडीगढ़ सहित पूरे देश के डॉक्टर सोमवार को हड़ताल पर थे।
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 पूरे दिन डॉक्टरों ने विरोध प्रदर्शन किया। शाम को ट्राइसिटी के सभी डॉक्टर एकजुट हुए और पीजीआई से सेक्टर-17 प्लाजा तक मार्च निकाला। विरोध मार्च में पीजीआई, मेडिकल कॉलेज, सेक्टर-16 हास्पिटल, पंचकूला और मोहाली के डॉक्टर भी शामिल रहे। उधर, देर रात पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से डॉक्टरों की मांगे पूरी होने के बाद पीजीआई सहित शहर के अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों ने हड़ताल वापस ले लिया।

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Doctors Strike Across the Country, PGI and GMCH 32 OPD Close
चंडीगढ़ में डॉक्टरों ने निकाला मार्च - फोटो : अमर उजाला

मंगलवार से ओपीडी सुचारु रूप से चलेगी। इससे पहले पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टर के प्रेसिडेंट डा. उत्तम ठाकुर ने कहा था कि यदि हालात में सुधार नहीं हुआ तो वे इमरजेंसी सेवाओं में तैनात डॉक्टर भी हड़ताल पर जा सकते हैं। लेकिन देर रात रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया कि वे अपनी हड़ताल वापस ले रहे हैं लेकिन सेंट्रल लॉ की लड़ाई आगे जारी रहेगी।

पीजीआई में सिर्फ साढ़े तीन हजार मरीज देखे गए
हड़ताल के चलते पीजीआई रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी काम नहीं किया। ओपीडी का रजिस्ट्रेशन काउंटर सिर्फ एक घंटे ही खुला था। इस दौरान 3596 मरीजों को ओपीडी में देखा गया, जबकि आमतौर पर सोमवार को ओपीडी करीब 11 हजार तक पहुंचती है। हालांकि सोमवार को अधिकतर मरीजों को पहले से ही पता चल गया था कि हड़ताल है। 

Doctors Strike Across the Country, PGI and GMCH 32 OPD Close
हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

इस वजह से कई मरीज पीजीआई नहीं आए। सोमवार को पूरे दिन 23 सर्जरी हुई, जबकि आमतौर पर 90 से ज्यादा प्लान सर्जरी होती है। हालांकि इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहीं। पीजीआई की ओपीडी प्रभावित होने से सबसे ज्यादा दिक्कत कैंसर मरीजों को उठानी पड़ी है। सोमवार को कैंसर ओपीडी होती है।

सेक्टर-16 में सिर्फ आधे घंटे चली ओपीडी
हड़ताल से सेक्टर-16 दूर था। आम दिनों की तरह सुबह आठ बजे ओपीडी शुरू हुई लेकिन आधे घंटे बाद डीएनबी के स्टूडेंट आ गए और ओपीडी बंद करवा दी। मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डा. वीएस नागपाल ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में सिर्फ 150 मरीजों को देखा गया। आम दिनों में ओपीडी में तीन हजार मरीज आते हैं। रुटीन सर्जरी में कोई दखल नहीं देखने को मिला। इमरजेंसी सुचारु रूप से जारी रही।

मेडिकल कॉलेज से भी मरीजों को लौटना पड़ा

मेडिकल कॉलेज सेक्टर-32 के भी रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर रहे। इससे ओपीडी की सेवाएं प्रभावित रहीं। मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर डा. बीएस चवन के मुताबिक सोमवार को मेडिकल कॉलेज की रुटीन ओपीडी बंद रही। लेकिन स्पेशल ओपीडी में मरीजों को देखा गया। इमरजेंसी सर्विस व प्लान सर्जरी में कोई बाधा नहीं आई। मेडिकल कॉलेज को ओपीडी इसलिए बंद रखनी पड़ी

हड़ताल भले ही वापस ले ली गई है लेकिन हमारी लड़ाई आगे जारी रहेगी। जब तक डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कानून नहीं लाया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगी। सोमवार को सेंट्रल कानून लागू करने के लिए डीएचएस और होम सेक्रेटरी से मुलाकात की। उनकी तरफ से सकारात्मक आश्वासन दिया गया है। डा. नीरज कुमार पूर्व प्रेसिडेंट आईएमए

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