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चंडीगढ़: कैप्टन का आवास घेरने जा रहे दिव्यांगों को पुलिस ने रोका, छह घंटे बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी मिले
Wed, 28 Jul 2021 01:04 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 28 Jul 2021 01:04 AM IST
सार
मुख्यमंत्री आवास के बाहर सड़क पर धरना दे रहे दिव्यांगों ने बताया कि पैसों के अभाव में अभी वह अपनी पढ़ाई भी पूरी नहीं कर पा रहे हैं। अभी उन्हें सिर्फ 200 रुपये प्रति माह ही मिल रहा है। सदस्यों ने बताया कि 2002 के बाद से अभी तक उनको मिलने वाले पैसों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
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कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अपनी मांगों को लेकर बैसाखियों के सहारे पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह का आवास घेरने पहुंचे दिव्यांगों को पुलिस ने रोक लिया। जिद पर अड़े दिव्यांग सीएम आवास के पास ही सड़क पर बैठ गए। लगभग छह घंटे बाद मुख्यमंत्री के ओएसडी ने पहुंचकर उनसे मांग पत्र लिया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री जल्द ही उनकी मांगों को पूरा करेंगे।
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पंजाब से आए दिव्यांगों की यूनियन के प्रधान मंगल सिंह ने बताया कि इससे पहले वह पांच जुलाई को अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास पर आए थे। इस दौरान उन्हें आश्वासन दिया गया था कि एक सप्ताह में उनकी मांगें पूरी हो जाएंगी। लेकिन अभी तक उन पर कोई कुछ नहीं हुआ।
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मजबूरी में फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। यूनियन प्रधान ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने 19 हजार 500 लोगों को भर्ती किया था। उसमें एक भी दिव्यांग नहीं था। उन्होंने कहा कि कान्ट्रैक्ट बेस, अंडर रिसोर्स व डीसी रेट पर भर्ती करते समय दिव्यांगों को 4 प्रतिशत कोटा दिया जाए।
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दिव्यांगों को पढ़ाई का वजीफा चार हजार रुपये प्रति माह किया जाए। मंगल सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर अमल नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल के लिए विवश होंगे। दिव्यांगों की मांग है कि गुजारा भत्ता बढ़ा कर चार हजार रुपये सरकार को करना चाहिए। साथ ही आने जाने के लिए बसों में किराया मुफ्त किया जाए।