Kolkata Case: पंजाब में हर जिले में बनेगा डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सिक्योरिटी बोर्ड, सुरक्षा मानकों का करेगा ऑडिट
कोलकाता के मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में पूरे देश के चिकित्सकों में रोष है। पंजाब में डॉक्टर्स ने सेवाएं रोककर इंसाफ की मांग की थी। अब पंजाब सरकार ने एक अहम फैसला लिया है।
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कोलकाता में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या के मामले से सबक लेते हुए पंजाब सरकार ने अस्पतालों में डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की सुरक्षा के लिए अहम कदम उठाया है। अब पंजाब के हर जिले में डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सिक्योरिटी बोर्ड बनाया जाएगा। इसके जरिये अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेजों और क्लीनिकों में सुरक्षा मानकों का ऑडिट होगा।
प्रत्येक अस्पताल और मेडिकल कॉलेजों में एक नामित अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पुलिस के साथ संपर्क में रहेगा। किसी भी विपरीत परिस्थिति में नामित अधिकारी पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। यह जानकारी स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने सोमवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन पंजाब इकाई, पीसीएमएस, मेडिकल टीचर्स, सरकारी डॉक्टरों और नर्सिंग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक के बाद दी।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने कोलकाता पीड़िता मामले में केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को परिवार को 10 करोड़ रुपये अनुग्रह राशि मुहैया कराने की मांग की है।
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि बैठक में यह निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के सभी जिलों में बने डिस्ट्रिक्ट हेल्थ बोर्ड के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट हेल्थ सिक्योरिटी बोर्ड सुरक्षा से जुड़े मानकों का ऑडिट करेगा। इसमें अस्पतालों, मेडिकल कॉलेज और क्लीनिकों में सीसीटीवी कैमरा, सिक्योरिटी गार्ड की कमी, महिला स्वास्थ्य कर्मियों के लिए पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और देर रात अस्पतालों में ड्यूटी करने वाली महिला स्टाफ के घर छोड़ने से संबंधित सेवाओं को लेकर क्या व्यवस्थाओं की रिपोर्ट ली जाएगी।
48 घंटे में एसओपी तैयार करने करने के आदेश
स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों के प्रबंधन और मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर प्रिंसिपल को यह आदेश जारी किए गए हैं कि सुरक्षा मानकों को लेकर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) तैयार की जाए। सुरक्षा मानकों पर आधारित पर एसओपी तैयार करने के लिए करने मंगलवार को प्रदेश के हर अस्पताल प्रबंधन और मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर प्रिंसिपलों के नेतृत्व में बैठक बुलाई गई है, जो अगले 48 घंटे के अंदर अपने स्तर पर इस एसओपी को तैयार कर नोटिफाई करेगी। इसके अलावा नाइट शिफ्ट के दौरान महिला मेडिकल प्रोफेशनल के साथ दो पुरुष स्टाफ, जिसमें एक सुरक्षाकर्मी हो, उसे वार्ड के राउंड या मरीजों की जांच परख के समय मौजूद रहने जैसे मानकों को सुनिश्चित करने को कहा है।
प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंस अगेंस्ट मेडिकल प्रोफेशनल्स एक्ट सुनिश्चित करेगी पुलिस
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने अपने स्तर पर प्रिवेंशन ऑफ ऑफेंस अगेंस्ट मेडिकल प्रोफेशनल्स एक्ट लागू किया है। पंजाब पुलिस को इस एक्ट के तहत प्रदेश में मेडिकल प्रोफेशनल पर किसी प्रकार के हमले, उत्पीड़न या अन्य किसी मामले में उचित कार्रवाई के लिए कहा है। आईजीपी हेडक्वार्टर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि इसके हर एसएसपी और थाना प्रभारी को अपने एरिया में स्थित अस्पताल से संपर्क बनाने के लिए कोऑर्डिनेशन टीम बनाने को कहा है।
संसद में चर्चा की मांग
स्वास्थ्य मंत्री ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से देश के सभी स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक बुलाने के लिए कहा है, ताकि डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर मरीज के इलाज के दौरान उन पर होने वाले हमले या उत्पीड़न से जुड़े मामलों को लेकर कानून बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए। बैठक में सांसद डॉ. राजकुमार चब्बेवाल, डॉ. अवनीश कुमार, डॉ. हितेंद्र कौर, डॉ. सुनील कटयाल, डॉ. अखिल सरीन व अन्य अधिकारी मौजूद थे।