जेईई मेन में दिशांक जिंदल बने ट्राइसिटी टॉपर, पढ़ें सफलता की कहानी...जानिए कैसे रचा इतिहास
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जेईई मेन का रिजल्ट शनिवार की शाम घोषित किया गया। इसमें दिशांक जिंदल 99.99 परसेंटाइल अंक पाकर ट्राइसिटी टॉपर बने हैं। रेगुलर सेल्फ स्टडी और परिवार के सदस्यों के भरपूर सहयोग ने उन्हें पहाड़ जैसी सफलता मिली। जेईई मेन की परीक्षा 10 जनवरी को हुई थी। इसमें ट्राइसिटी से लगभग तीन हजार विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया था।
पंचकूला सेक्टर- 7 के रहने वाले दिशांक सेक्टर 27 स्थित भवन विद्यालय में पढ़ते हैं। दिशांक की बड़ी बहन भी एक नामचीन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी में काम कर रही हैं। उनके पिता हरीश चंद्र फार्मास्युटिक बिजनेस से जुड़े हैं। मां नीरू गृहणी हैं। वह कहती हैं कि बेटे ने नाम रोशन कर दिया। जैसी उम्मीद उससे थी वैसा ही उसने काम किया। घर के कार्यों में दिशांक हाथ बंटाता था। स्कूल जाने के अलावा कोचिंग भी करता था। घर पर आकर पांच से छह घंटे पढ़ाई भी करता था।
मोबाइल का प्रयोग केवल नोट्स के लिए किया
आजकल मोबाइल हर किसी की जरूरत बन गया है। उसके बिना जीवन भी अब अधूरा सा लगने लगा है। लोगों में मोबाइल की लत तेजी से बढ़ी, लेकिन इस लत के शिकार दिशांक जिंदल नहीं हुए। उन्होंने मोबाइल रखा, लेकिन नोट्स बनाने के लिए। स्कूल से घर जाते समय भी दिशांक अपने मोबाइल पर ऑनलाइन स्टडी करते नजर आते थे। दिशांक का कहना है कि मोबाइल रखना कोई गलत बात नहीं है। उसका सदुपयोग होना चाहिए। दिशांक ने बताया कि वह जेईई की कोचिंग श्री चैतन्या इंस्टीट्यूट सेक्टर- 34 से ले रहे थे।
छह घंटे करते थे पढ़ाई, क्रिकेट का है शौक
दिशांक को क्रिकेट खेलना व मैच देखना पसंद है। वह मोबाइल पर स्कोर भी देखते हैं। कहते हैं कि शुरू से लेकर पढ़ाई एग्जाम के लिए रेगुलर रही। वह बाधित नहीं होने दी। इसमें परिवार को पूरा सहयोग मिला। नोट्स खुद बनाए, कोचिंग की भी मदद ली। निरंतरता किसी कार्य में बनी रहती है तो वहां सफलता मिलने लगती है।
जेईई मेन में भी यही हुआ। वह कहते हैं कि गणित उनका पसंदीदा विषय है। सबसे अधिक समय उन्होंने उसे दिया। उसी के जरिये नंबर अच्छे आए। मालूम हो कि दिशांत फिजिक्स व गणित में ओलंपियाड भी रहे हैं।
आईआईटी बांबे में दाखिले का सपना
दिशांक जिंदल कहते हैं कि उनका सपना है कि आईआईटी बांबे में दाखिले लें। आए अंकों के आधार पर सपना साकार भी हो रहा है। जेईई एडवांस के जरिये आगे बढ़ूंगा। उनका आईटी क्षेत्र में जाकर देश के लिए बेहतर कार्य करने का सपना है। भवन विद्यालय चंडीगढ़ की वाइस प्रिंसिपल सुपर्णा ने कहा कि दिशांक बेहतरीन विद्यार्थी हैं। पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भी हिस्सा लेता है।
इन विद्यार्थियों ने भी बाजी मारी
नाम परसेंटाइल
आदित्य खोखर 99.9
प्रथम 99.9
दिव्यांक बेनीवाल 99.9
अक्षत गोयल 99.9