फायरमैन भर्ती घोटाला: डीजीपी ने तलब की फाइल, जांच में देरी के कारणों पर भी मांगा जवाब; होगा बड़ा एक्शन
चंडीगढ़ दमकल विभाग में 2023 में फायरमैन भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था।
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चंडीगढ़ दमकल विभाग में हुए फायरमैन भर्ती घोटाले की जांच अब रफ्तार पकड़ने वाली है। तीन साल से लंबित इस घोटाले की फाइल डीजीपी पुष्पेंद्र कुमार ने तलब की है।
डीजीपी ने सेक्टर-36 थाने से संबंधित दस्तावेज भी पेश करने को कहा है। साथ ही जांच में देरी के कारणों पर जवाब भी मांगा है। सूत्रों के मुताबिक डीजीपी ने मामले में अब तक की प्रगति की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ की और स्पष्ट किया है कि अब जांच में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है।
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जांच में देरी और फेरबदल से फंसी कार्रवाई
फायरमैन भर्ती घोटाले की शुरुआती जांच सब-इंस्पेक्टर यशपाल कुंडू कर रहे थे। उन्होंने कई अहम सुराग जुटाए और आरोपियों की पहचान भी कर ली थी। गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू होने ही वाली थी कि उनका ट्रांसफर सेक्टर-36 से सेक्टर-3 थाने में कर दिया गया। इसके बाद जांच रोक दी गई। फायरमैन की भर्ती में दूसरे की जगह फिजिकल टेस्ट देते हुए कुछ लोग गिरफ्तार हुए थे। उस समय भी यशपाल कुंडू सेक्टर 26 थाने में थे। उन्हीं को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। उन्होंने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन वहां से भी उनके पास से जांच क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दी गई। क्राइम ब्रांच में जांच अटकी हुई है।
ऐसे हुआ था खुलासा
वर्ष 2023 में एएसआई भर्ती की लिखित परीक्षा के दौरान चार फर्जी उम्मीदवार पकड़े गए थे। सोनीपत निवासी सतीश को असली उम्मीदवार की जगह परीक्षा देते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में सतीश ने कबूला था कि उसने सोमवीर नामक व्यक्ति के साथ मिलकर दमकल विभाग में 10-10 लाख रुपये लेकर फर्जी भर्तियां करवाई हैं।
तीन फर्जी फायरमैन गिरफ्तार
सतीश की निशानदेही पर पुलिस ने दीपक, बृजेंद्र और नवीन को गिरफ्तार किया, जो डेढ़ साल से फायरमैन के पद पर कार्यरत थे। जांच में खुलासा हुआ कि उनकी जगह किसी और ने परीक्षा दी थी। सूत्रों के अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि 60 से अधिक फर्जी फायरमैन की भर्ती कराई गई है।
इस मामले की जांच करवाई जाएगी। देरी क्यों हुई, इसकी भी समीक्षा की जा रही है। – पुष्पेंद्र कुमार, डीजीपी चंडीगढ़