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Chandigarh News: क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पांच एकड़ से ऊपर फसल नुकसान का ब्योरा नहीं हो रहा दर्ज
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कृषि मंत्री जेपी दलाल बोले- शिकायत मिली है, पता करवाकर किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा देंगे
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। राज्य के हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र, अंबाला और सोनीपत में सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान की खबरें आई हैं। हालांकि सरकार ने किसानों से 15 मार्च तक फसलों के मुआवजे के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन मांग लिए हैं। इसके लिए किसानों ने आवेदन करने शुरू कर दिए हैं, मगर जिन किसानों की पांच एकड़ से ज्यादा फसल का नुकसान हुआ है, वे पोर्टल पर ब्योदा दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह नियम पहले से ही। विपक्ष ने इस नियम पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जिस किसान का पांच एकड़ से ज्यादा नुकसान हुआ है, उसका हर्जाना सरकार को देना होगा। वहीं, कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि इस बारे में उन्हें शिकायत मिली है। इसका पता करवा रहे हैं। सरकार सभी प्रभावितों को मुआवजा देगी। पहले भी सरकार ने किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा दिया है।
कहां कितना नुकसान हुआ
कृषि विभाग के मुताबिक हिसार में करीब एक लाख एकड़ में गेहूं की फसल और 38 हजार एकड़ में सरसों की फसल को 51 से 75 फीसदी तक नुकसान हुआ है। वहीं, गेहूं की 230 एकड़ और सरसों की 4,571 एकड़ फसल को 76 फीसदी से अधिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सरसों की 43,220 एकड़ फसल और गेहूं की 39,065 एकड़ फसल 26-50 फीसदी तक खराब हुई है। कई इलाकों में 25 फीसदी से कम नुकसान हुआ है। वहीं, भिवानी में सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। करीब 4500 एकड़ सरसों की फसल 76 से 100 फीसदी प्रभावित हुई। जबकि 8117 एकड़ 51 से 75 फीसदी प्रभावित है। वहीं, 33772 एकड़ फसल 26 से 50 फीसदी तक प्रभावित हुई है। हालांकि भिवानी में गेहूं की फसल को थोड़ा कम नुकसान पहुंचा है। 21 सौ एकड़ फसल 76 फीसदी से अधिक प्रभावित है। वहीं, 51 से 75 फीसदी 580 एकड़ और 9289 एकड़ 26 से 50 फीसदी फसल प्रभावित है। वहीं, सोनीपत में गेहूं की 17065 एकड़ फसल 76-100 फीसदी, 19635 एकड़ 51-75 फीसदी और 40563 एकड़ 26-50 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सरसों की 2021 एकड़ 76-100 फीसदी, 2340 एकड़ 51-75 फीसदी और 1577 एकड़ फसल 26-50 फीसदी प्रभावित है। कुरुक्षेत्र में लगभग 63,807 एकड़ फसल प्रभावित हुई है। यहां गेहूं की फसल ज्यादा प्रभावित है। करीब 62200 एकड़ गेहूं और सरसों की 1607 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की 500 एकड़ की फसल को 51-75 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, 26-50 फीसदी करीब 12400 एकड़ फसल है। बाकी फसलों को 0-25 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सरसों की 12 एकड़ फसल 51-75 फीसदी, 280 एकड़ फसल करीब 26-50 और 1315 एकड़ फसल 0-25 फीसदी फसल प्रभावित है। अंबाला में अनुमानित नुकसान करीब 10780 एकड़ का है। इसमें 8500 एकड़ गेहूं, सरसों और तोरिया की 1140 एकड़, सूरजमुखी की 980 एकड़ और 160 एकड़ मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। बेमौसमी बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। राज्य के हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र, अंबाला और सोनीपत में सबसे ज्यादा फसलों को नुकसान की खबरें आई हैं। हालांकि सरकार ने किसानों से 15 मार्च तक फसलों के मुआवजे के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल के माध्यम से आवेदन मांग लिए हैं। इसके लिए किसानों ने आवेदन करने शुरू कर दिए हैं, मगर जिन किसानों की पांच एकड़ से ज्यादा फसल का नुकसान हुआ है, वे पोर्टल पर ब्योदा दर्ज नहीं करवा पा रहे हैं। हालांकि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह नियम पहले से ही। विपक्ष ने इस नियम पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि जिस किसान का पांच एकड़ से ज्यादा नुकसान हुआ है, उसका हर्जाना सरकार को देना होगा। वहीं, कृषि मंत्री जेपी दलाल ने बताया कि इस बारे में उन्हें शिकायत मिली है। इसका पता करवा रहे हैं। सरकार सभी प्रभावितों को मुआवजा देगी। पहले भी सरकार ने किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा दिया है।
कहां कितना नुकसान हुआ
कृषि विभाग के मुताबिक हिसार में करीब एक लाख एकड़ में गेहूं की फसल और 38 हजार एकड़ में सरसों की फसल को 51 से 75 फीसदी तक नुकसान हुआ है। वहीं, गेहूं की 230 एकड़ और सरसों की 4,571 एकड़ फसल को 76 फीसदी से अधिक नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सरसों की 43,220 एकड़ फसल और गेहूं की 39,065 एकड़ फसल 26-50 फीसदी तक खराब हुई है। कई इलाकों में 25 फीसदी से कम नुकसान हुआ है। वहीं, भिवानी में सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को हुआ है। करीब 4500 एकड़ सरसों की फसल 76 से 100 फीसदी प्रभावित हुई। जबकि 8117 एकड़ 51 से 75 फीसदी प्रभावित है। वहीं, 33772 एकड़ फसल 26 से 50 फीसदी तक प्रभावित हुई है। हालांकि भिवानी में गेहूं की फसल को थोड़ा कम नुकसान पहुंचा है। 21 सौ एकड़ फसल 76 फीसदी से अधिक प्रभावित है। वहीं, 51 से 75 फीसदी 580 एकड़ और 9289 एकड़ 26 से 50 फीसदी फसल प्रभावित है। वहीं, सोनीपत में गेहूं की 17065 एकड़ फसल 76-100 फीसदी, 19635 एकड़ 51-75 फीसदी और 40563 एकड़ 26-50 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सरसों की 2021 एकड़ 76-100 फीसदी, 2340 एकड़ 51-75 फीसदी और 1577 एकड़ फसल 26-50 फीसदी प्रभावित है। कुरुक्षेत्र में लगभग 63,807 एकड़ फसल प्रभावित हुई है। यहां गेहूं की फसल ज्यादा प्रभावित है। करीब 62200 एकड़ गेहूं और सरसों की 1607 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है। गेहूं की 500 एकड़ की फसल को 51-75 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, 26-50 फीसदी करीब 12400 एकड़ फसल है। बाकी फसलों को 0-25 फीसदी नुकसान पहुंचा है। वहीं, सरसों की 12 एकड़ फसल 51-75 फीसदी, 280 एकड़ फसल करीब 26-50 और 1315 एकड़ फसल 0-25 फीसदी फसल प्रभावित है। अंबाला में अनुमानित नुकसान करीब 10780 एकड़ का है। इसमें 8500 एकड़ गेहूं, सरसों और तोरिया की 1140 एकड़, सूरजमुखी की 980 एकड़ और 160 एकड़ मक्के की फसल को नुकसान पहुंचा है।
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