फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Demand to ban InDriver apps who run without permission

इन ड्राइवर एप पर बैन की मांग: पंजाब व हरियाणा सरकार को 24 मई तक दाखिल करना होगा जवाब, केंद्र ने मांगी एक सप्ताह की मोहलत

Thu, 24 Mar 2022 02:56 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 24 Mar 2022 02:56 PM IST
सार

एप को दुनिया के कई देशों में प्रतिबंधित किया गया है और भारत में भी इस पर प्रतिबंध होना चाहिए। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब इस मामले में हरियाणा व पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 24 मई तक की मोहलत दी है।

विज्ञापन
Demand to ban InDriver apps who run without permission
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ट्राइसिटी में बिना पंजीकरण कैब सेवा चलाने वाली इन ड्राइवर एप पर प्रतिबंध लगाने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा व पंजाब सरकार को 24 मई तक जवाब सौंपने का आदेश दिया है। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने हाईकोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत मांगी है।

विज्ञापन


याचिका दाखिल करते हुए मोहाली निवासी हरगोबिंद सिंह ने एडवोकेट प्रदीप शर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि भारत में रजिस्ट्रेशन के बिना इन ड्राइवर एप के माध्यम से कैब सर्विस उपलब्ध करवा रही है। याची ने कहा कि ऐसा करने से देश को राजस्व का नुकसान हो रहा है, क्योंकि पैसे सीधा ड्राइवर लेता है और कैब के बिल पर जीएसटी की वसूली भी नहीं हो पाती। 
विज्ञापन


यह विदेशी कंपनी है और भारत में पंजीकृत नहीं है, ऐसे में यह भारतीय कानून की जद से भी बाहर है। ट्राइसिटी में यह सर्विस जुलाई 2019 में आरंभ की गई थी और तब से यह जारी है। एप में लोगों से उनकी निजी जानकारी ली जाती है और भारतीय कानून के आधीन न होने के चलते इस जानकारी को बेचा जा सकता है। इस एप पर ड्राइवरों के लाइसेंस की वेरिफिकेशन भी पूरी तरह से नहीं की जाती है जिससे ग्राहकों की सुरक्षा को खतरा बना रहता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


याची ने बताया कि भारतीय प्रावधान के तहत एप में पैनिक बटन अनिवार्य होता है जिसे खास तौर पर महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए रखा गया है। इस एप में इस तरह का पैनिक बटन भी नहीं है। एप को दुनिया के कई देशों में प्रतिबंधित किया गया है और भारत में भी इस पर प्रतिबंध होना चाहिए। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अब इस मामले में हरियाणा व पंजाब सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 24 मई तक की मोहलत दी है। हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की मोहलत दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed