अंबाला में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह बोले- देश की ओर उठी निगाहों के लिए ‘बड़ा’ और ‘कड़ा’ संदेश है राफेल
- रक्षामंत्री की दुश्मनों को चेतावनी, किसी भी भावी युद्ध में निर्णायक होगी एयरफोर्स की भूमिका
- प्रायोजित आतंकवाद को भी मिलेगा करारा जवाब, सीमा सुरक्षा, क्षेत्रीय अखंडता के लिए गेमचेंजर है राफेल
- राफेल खरीद पर सवाल उठाने वालों को भी रक्षामंत्री ने दिया जवाब
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राफेल विमान को गुरुवार को भारतीय वायुसेना में औपचारिक रूप से शामिल कर लिया गया है। इससे उत्साहित रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दुश्मनों को चेतावनी देते हुए कहा कि देश की संप्रभुता की ओर उठी निगाहों के लिए राफेल एक ‘बड़ा’ और ‘कड़ा’ संदेश है। सीमा की सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय अखंडता बनाए रखने को भी ये लड़ाकू विमान एक गेमचेंजर साबित होगा।
रक्षामंत्री गुरुवार को अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में राफेल विमानों के प्रवेशन समारोह में भाग लेने बतौर मुख्यातिथि पहुंचे हुए थे। उनके साथ फ्रांस की रक्षामंत्री फ्लोरेंस पार्ले भी मौजूद रहीं। साथ ही चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत, चीफ ऑफ एयर स्टाफ आरकेएस भदौरिया समेत फ्रांस और भारत के आला अफसर भी मौजूद रहे।
दुश्मनों पर निशाना साधते हुए रक्षामंत्री ने कहा कि हमारी सीमाओं पर जिस तरह का माहौल हाल के दिनों में बना है, या मैं सीधा कहूं कि बनाया गया है। उस लिहाज से राफेल का वायुसेना में शामिल होना बहुत अहम है। यह हमारी सरकार की सीमा सुरक्षा के प्रति वचनबद्धता का एक बड़ा उदाहरण भी प्रस्तुत करता है।
वायुसेना साथियों का हौसला बढ़ाते हुए रक्षामंत्री ने कहा सीमा पर हाल में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के दौरान एलएसी के पास भारतीय वायु सेना ने जिस तेजी और सूझबूझ से कार्रवाई की, वह एयरफोर्स की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एयरफोर्स ने सीमाओं के अग्रिम ठिकानों पर जिस तरह से अपने एसेट्स तैनात किए हैं।
वह वाकई भरोसा पैदा करता है कि हमारी वायुसेना अपने ऑपरेशनल दायित्वों को पूरा करने के लिए हमेशा तैयार है। चल रहे विभिन्न अभियानों में वायुसेना ने इस तरह की तेजी दिखाई है। उससे यह साबित हो गया है कि भारतीय वायुसेना विरोधियों के हर वार का जवाब देने में पूरी तरह से समर्थ है।
प्रायोजित आतंकवाद के लिए भी तैयार रहे वायुसेना
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि दुश्मन के प्रायोजित आतंकवाद को न तो नजरअंदाज किया जा सकता है और न ही बर्दाश्त। रक्षामंत्री ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि आज बायोलॉजिकल और केमिकल वॉर फेयर की पृष्ठभूमि में उभरती हुई तकनीकें जैसे कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, साइबर, सन्निहित ज्ञानात्मक सिस्टम और नैनो तकनीक के कारण वार फेयर के नए क्षेत्रों से भी शत्रुतापूर्ण गतिविधियां उत्पन्न हो सकती हैं।
इसके लिए भी भारतीय वायुसेना को हर प्रकार की चुनौतियों का सामना करने को तैयार रहना होगा। वायुसेना को अपनी क्षमताओं को निरंतर सुधार की गुंजाइश के साथ आगे बढ़ना होगा। राजनाथ ने कहा कि वायुसेना आर्मी अभियानों में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। लिहाजा एयरफोर्स की कार्रवाई किसी भी भावी युद्ध में निर्णायक होगी।
राजनीतिक विरोधियों को भी अलग अंदाज में जवाब
रक्षामंत्री ने अपने सरकार के राजनीतिक विरोधियों जो राफेल पर सवाल खड़ा कर रहे थे, को भी अलग अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने किसी विपक्षी दल व नेता का नाम लिए बिना कहा कि हम यह अच्छी तरह समझते हैं कि बदलते समय के साथ हमें स्वयं को भी तैयार करना होगा। हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी प्राथमिकता रही है। जिस ताकत (राफेल) को आज हम अपनी आंखों से देख पा रहे हैं, उसे पाने की राह में अनेक अड़चनें भी आई। प्रधानमंत्री की मजबूत इच्छाशक्ति के सामने वे सभी नेस्तनाबूद होती गई और हमारा मार्ग प्रशस्त होता गया। यह उन्हीं की दूरदर्शी दृष्टि का परिणाम है जिसे हम आज फलीभूत होता देख रहे हैं।
बढ़ रही उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा चुनौतियां
रक्षामंत्री ने कहा कि उत्तरी सीमाओं पर भी लगातार सुरक्षा चुनौतियां बढ़ रही हैं और हम इससे भली प्रकार वाकिफ भी हैं। ऐसे में अपनी राष्ट्र, और मूल्यों की सुरक्षा के लिए हमारी सभी सैन्य बलों को और अधिक मुस्तैदी से तैयार रहना होगा। हमारी चौकसी ही हमारी सुरक्षा का सबसे पहला उपाय है। हमारा देश और समाज आप लोगों की वजह से सुरक्षित और आत्मसम्मान की जिंदगी जी रहा है। हमें उसे किसी भी कीमत पर बरकरार रखना है।