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पतंग उड़ाने के चीनी डोर पर डीसी ने लगाई रोक
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चंडीगढ़। शहर में चीनी सामान का बहिष्कार शुरू हो गया है। यदि अगर आप भी चीनी मांझे से पतंग उड़ाते हैं तो अब खैर नहीं। डिप्टी कमिश्नर मनदीप सिंह बराड़ ने चीनी मांझे और डोर पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। यह आदेश 21 जून से 19 अगस्त तक लागू रहेंगे। डीसी ने अधिकारियों से चीनी मांझे पर सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं।
यूटी प्रशासन के अनुसार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के चीनी डोर को लेकर आदेशों के तहत शनिवार को चंडीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर ने चीनी मांझे की बिक्री, स्टोर और प्रयोग करने पर पूरी तरह से धारा-144 के तहत निर्देश जारी कर पाबंदी लगा दी है।
आदेश में कहा गया है कि चीनी मांझा प्लास्टिक कोटेड है। यह न केवल मनुष्यों के लिए बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी खतरनाक है। यह नॉन-बायोडिग्रेडेबल है। दरअसल, इस डोर से अलग-अलग तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कुछ पक्षी घायल हो गए थे, जबकि कई मामलों में डोर के चलते पक्षी मर भी गए थे। वहीं, लोगों का भी इस खतरनाक डोर के चलते नुकसान हुआ है। जारी आदेश में कहा गया है कि शहर में चीनी डोर रखना, बेचना व इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
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यूटी प्रशासन के अनुसार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के चीनी डोर को लेकर आदेशों के तहत शनिवार को चंडीगढ़ में डिप्टी कमिश्नर ने चीनी मांझे की बिक्री, स्टोर और प्रयोग करने पर पूरी तरह से धारा-144 के तहत निर्देश जारी कर पाबंदी लगा दी है।
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आदेश में कहा गया है कि चीनी मांझा प्लास्टिक कोटेड है। यह न केवल मनुष्यों के लिए बल्कि पशु-पक्षियों के लिए भी खतरनाक है। यह नॉन-बायोडिग्रेडेबल है। दरअसल, इस डोर से अलग-अलग तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। इनमें कुछ पक्षी घायल हो गए थे, जबकि कई मामलों में डोर के चलते पक्षी मर भी गए थे। वहीं, लोगों का भी इस खतरनाक डोर के चलते नुकसान हुआ है। जारी आदेश में कहा गया है कि शहर में चीनी डोर रखना, बेचना व इस्तेमाल करना दंडनीय अपराध माना जाएगा।
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