239 किराना दुकानों को मंजूरी, दवा, सब्जियों को भटके लोग, अधिकांश नंबर बंद या निकले गलत
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चंडीगढ़ में कर्फ्यू के पांचवें दिन भी यूटी प्रशासन कुछ खास नहीं कर पाया। अधिकांश लोगों के घरों में राशन, दवाइयां और सब्जियों की आपूर्ति नहीं हो पाई। लोग सारा दिन जरूरी चीजों के लिए इधर-उधर भटकते रहे। जरूरी चीजों की उपलब्धता के लिए प्रशासन की ओर से जारी किए गए नंबरों पर लोग फोन करते रहे लेकिन लोगों को समस्या से राहत नहीं मिल पाई। अधिकांश फोन या तो बंद मिले या नंबर गलत मिले। लोगों में प्रशासन की इस हीलाहवाली को लेकर खासी नाराजगी है।
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यूटी प्रशासन द्वारा लोगों को घरों में रोकने के लिए राशन, दवाइयां और सब्जियों की सप्लाई डोर-टू-डोर करने के दावे किए जा रहे हैं। दावों के विपरीत हालात कुछ और ही रहे। बता दें कि प्रशासन द्वारा राशन, दवाइयों और सब्जियों के लिए जो मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं, उनमें कई नंबर या तो बंद हैं या गलत हैं। ऐसे में लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि लिस्ट प्रतिदिन अपडेट की जाएगी लेकिन अब प्रतिदिन हालात बिगड़ते ही जा रहे हैं।
पांचवें दिन तक 239 करियाना दुकानों को मंजूरी
घरों में राशन की सप्लाई के लिए यूटी प्रशासन ने वीरवार तक मात्र 239 करियाना की दुकानों को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही दुकानों से राशन की सप्लाई देने के लिए 1500 पास जारी किए गए। हालांकि प्रशासन दावे यह कह रहा है कि जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे।
संदीप सिंगला के नाम से ही अधिकांश दुकानें
प्रशासन की ओर से राशन की सप्लाई किए जाने को लेकर दुकानों की और मोबाइल नंबर की जो लिस्ट जारी की गई है, उनमें अधिकांश संदीप सिंगला के नाम हैं। प्रशासनिक अधिकारियों से जब इस विषय में पूछा तो वे इसका सही जवाब नहीं दे पाए।
11 डिजिट के मोबाइल नंबर भी
यूटी प्रशासन की ओर से सबसे बड़ी लापरवाही तो यह हुई कि राशन के लिए जारी की लिस्ट में जो मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं, उनमें कई तो 11 डिजिट के हैं। इसके अलावा अलग-अलग सेक्टरों में एक ही मोबाइल नंबर दिया गया है, जिसे लेकर भी लोग असमंजस में हैं।