कोर्ट में बयान से पलटा नाबालिग, 'जुल्फीकार कुकर्मी नहीं'
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बहुचर्चित जुल्फीकार केस की सुनवाई के दौरान उस समय सभी हक्के-बक्के रह गए, जब पीड़ित नाबालिग अपने बयान से पलट गया। नाबालिग ने कहा कि जुल्फीकार ने कभी उसके साथ कुकर्म नहीं किया। उसने एक अर्जी दायर कर कहा कि पुलिस ने इस मामले में कभी उसके बयान लिए ही नहीं हैं।
साथ ही पुलिस ने जो आपत्तिजनक तस्वीरें पेश की हैं, उनमें भी वह नहीं है। वहीं नाबालिग की अर्जी को आधार बनाते हुए बचाव पक्ष की ओर से वकील ने जुल्फीकार को आरोपमुक्त करने की अपील की है। अदालत ने अर्जी के बाद सेक्टर-11 थाना पुलिस को 2 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।
उक्त नाबालिग को भी पुलिस ने बतौर शिकायतकर्ता केस में शामिल किया है। गौरतलब है कि ‘थियेटर एज’ एनजीओ के संचालक और डायरेक्टर जुल्फिकार खान पर लगे नाबालिग बच्चों से कुकर्म के आरोप मामले की सुनवाई हुई।
पुलिस ने कोर्ट को सौंपी अश्लील फोटो की सीडी की कॉपी
वहीं सोमवार को पुलिस ने जुल्फिकार के वकील की ओर से चालान पर उठाए गए सवाल और बतौर सबूत पेश की गई सीडी की कॉपी अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जेएस सिद्धू की अदालत में सौंपी। इस सीडी में जुल्फिकार की बच्चों के साथ कथित रूप से किए गए दुराचार की तस्वीरें हैं।
बचाव पक्ष ने पुलिस के चालान पर सवाल उठाते हुए इस सीडी की कॉपी की मांग की थी। इस पर कोर्ट ने सेक्टर-11 पुलिस थाने को नोटिस जारी किया था। मामले की अगली सुनवाई दो नवंबर को होगी। संभवत: अब जुल्फिकार के खिलाफ आरोप तय कर उसके खिलाफ केस का ट्रायल शुरू हो सकेगा।
पुलिस आठ सितंबर को इस मामले में जुल्फिकार के खिलाफ चालान पेश कर चुकी है। इसमें पुलिस की ओर से कहा गया था कि आरोपी बच्चों से वर्ष 2002 से कुकर्म कर रहा था।
पुलिस ने जुल्फिकार के खिलाफ अप्राकृतिक यौन शोषण, अश्लील कृत्य, धमकाने व पोक्सो एक्ट की धारा 8 व 15 के तहत चालान पेश किया था। चालान में जुल्फिकार के अश्लील कृत्यों की तस्वीरें बतौर सबूत पेश की गई हैं। बचाव पक्ष ने इन्हीं तस्वीरों की ओरिजनल कॉपी पेश करने की अपील की थी, जिसे सोमवार को पुलिस ने सौंप दिया है।