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स्कूली छात्र का किडनैप, वजह जान चौंक जाएंगे आप

Wed, 11 Mar 2015 01:09 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल(हरियाणा) Updated Wed, 11 Mar 2015 01:09 PM IST
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truth and reason of kidnap of school student

नंबर वन और नंबर टेन के बीच फंसे हरित प्रदेश हरियाणा की झकझोर कर देने वाली एक तस्वीर सामने आई है। बेरोजगारी दूर करने व लखपति बनने के फेर में एक युवक ने छात्र का अपहरण कर डाला और परिजनों से 50 लाख रुपये की फिरौती की मांग कर डाली।

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हालांकि, पुलिस व परिजनों की सूझ-बूझ और तत्परता से आरोपी अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका। पुलिस ने आरोपी युवक के कब्जे से बच्चे को अंबाला के कालीदेवी मंदिर से बरामद कर लिया और बदमाश को गिरफ्तार कर लिया।
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सोमवार शाम को घरौंडा से प्रॉपर्टी डीलर जितेंद्र खुराना के बेटे नौंवी कक्षा के छात्र मनीष खुराना का ट्यूशन के बाद जीटी रोड से अपहरण कर लिया गया था। शाम छह बजे अपहरणकर्ता युवक ने छात्र के फोन से उसके पिता को फोन करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांग ली। छात्र के पिता ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक गर्ग ने पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी डीएसपी हेडक्वार्टर राजेश कुमार को सौंपी। अपहरण की सूचना मिलते ही अलग अलग करीब 15 टीमें गठित कर दी गई। सीआईए-1, सीआईए-1 और साइबर एक्सपर्ट की टीमें ऑपरेशन पर जुट गई। पुलिस ने इसी नंबर को सर्विलांस पर लगा दिया और उसकी लोकेशन लेते रहे। खुद एसपी अभिषेक गर्ग इस पूरे ऑपरेशन से जुड़े रहे।

सुबह आरोपी युवक ने जितेंद्र खुराना को फोन करके अंबाला सिटी में स्थित कालीदेवी मंदिर में पैसे लेकर बुलाया। इस पर पुलिस की टीमें भी सादी वर्दी में मंदिर के आसपास रही। एसपी के अनुसार, मंगलवार सुबह दस बजे बच्चे को वहां पर रस्सी के साथ हाथ बांध रखे थे, जैसे ही बदमाश रुपयों का बैग उठाने लगा तो उसे पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस इस आपरेशन में पुलिस के 50 से अधिक अधिकारी व जवान जुटे हुए थे। पुलिस को आखिरकार 17 घंटे के बाद सफलता मिली।

17 घंटे तक युवक ने पुलिस को खूब छकाया

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आरोपी की पहचान करनाल की मंगल कालोनी निवासी प्रमोद सोनी के रूप में हुई है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला है कि वह कई माह से बेरोजगार था। बेरोजगारी और तंगी को दूर करने के लिए ही उसने यह षड्यंत्र रचा। वह एक माह से मनीष की रेकी कर रहा था। किस समय स्कूल जाता है और किस समय ट्यूशन, उसके पिता के कारोबार के बारे में भी उसने पता किया था।

सोमवार शाम करीब साढ़े पांच बजे उसने छात्र मनीष को फोन करके जायका रेस्टोरेंट के सामने बहाने से बुलाया और उसे कार में बैठा लिया। आरोपी युवक ने यह भी माना है कि वह बेरोजगार था और जल्द लखपति बनने के लिए उसने किडनेप किया था।

एसपी के अनुसार, युवक का आपराधिक रिकार्ड अभी नहीं दिख रहा है, फिल्मी स्टाइल में उसने जल्दी लखपति बनने के लिए वारदात को अंजाम दिया। पहले वह मोबाइल की दुकान पर काम करता था, इसके अलावा एक फैक्ट्री में भी उसने काम किया है, लेकिन पिछले कई माह से वह खाली था।

बकौल एसपी अभिषेक गर्ग, आरोपी प्रमोद सोनी छात्र को कार में बैठा लिया और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद, आरोपी ने मनीष से फोन से ही उसके पिता जितेंद्र खुराना को फोन करके 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी, साथ ही धमकी भी दी। एसपी ने बताया कि पहले आरोपी ने जितेंद्र खुराना को पैसे लेकर करनाल बुलाया।

युवक बच्चे को लेकर इंद्री और नीलोखड़ी गया, लेकिन शक होने के कारण आरोपी ने कार को नीलोखेड़ी में ही छोड़ दिया और बच्चे को लेकर बस से अंबाला चला गया। बीच बीच में वह जितेंद्र खुराना को फोन करके कभी निर्मल कुटिया तो कभी अन्य स्थानों पर बुलाता रहा। कभी ऑटो से आने के लिए कहता तो कभी गाड़ी से। जितेंद्र के फोन पर जो लोकेशन मिलती उसी के आधार पर पुलिस नाकों व अन्य टीमों को अलर्ट किया जाता। करीब 17 घंटे तक युवक ने पुलिस को खूब छकाया।

वाट्सअप नंबर ग्रुप ने अहम भूमिका अदा की

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सीआईए स्टाफ के कार्यालय में प्रेस से रूबरू एसपी ने कहा कि इस आपरेशन को कामयाब करने में पुलिस के वाट्सअप नंबर ग्रुप ने भी अहम भूमिका अदा की। आरोपी की लोकेशन व अन्य जानकारी पुलिस द्वारा इस नंबर पर डाली जाती रही और इस कारण पूरे जिले की पुलिस अलर्ट रही। इस कारण आपरेशन में तीव्रता भी आई।

पुलिस की कहानी में भी कई पेंच
बेशक पुलिस ने अपहरण कर्ता को काबू कर लिया है, लेकिन अभी पुलिस की कहानी में कई पेंच हैं। पुलिस के अनुसार, बदमाश छात्र को लेकर अंबाला बस में गया, लेकिन क्या बस में छात्र ने शोर नहीं मचाया? दूसरा अंबाला से वह कालीदेवी मंदिर में आटो के माध्यम से पहुंचा और वहां पर बच्चे को रस्सी से बांध दिया, मंदिर में श्रद्धालु आते जाते रहते हैं, लेकिन यहां पर भी ऐसी कोई आवाज नहीं हुई, क्यों? जब पूरे जिले की पुलिस अलर्ट थी तो आरोपी कैसे करनाल क्रास कर गया और नीलोखेड़ी के बाद अंबाला तक पहुंच गया? अकेले युवक ने वारदात को अंजाम दिया या फिर कोई अन्य सदस्य भी इसमें शामिल है?

एसपी अभिषेक गर्ग ने बताया कि आरोपी को अंबाला से काबू किया, बच्चा सकुशल है और उसे केवल डराया धमकाया गया है, उसे कोई चोट नहीं है। फिलहाल इस बात की जांच चल रही है कि आरोपी प्रमोद का कोई अन्य साथी तो इस वारदात में शामिल नहीं था। प्राथमिक जांच में लगता है कि आरोपी ने पैसे के लिए ही अपहरण किया था, रंजिश की बात सामने नहीं आई है। प्रमोद के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है। बुधवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा।

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