एक ही परिवार के तीन लोगों ने निगला जहर, माता-पिता की मौत...सुसाइड नोट में लिखी मरने की वजह
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मकान मालिक की प्रताड़ना से परेशान होकर एक परिवार ने जहर निगल लिया। लुधियाना के गुरु अर्जुन देव नगर में यह परिवार रहता था। परिवार लगभग ढाई साल से इस मकान में रह रहा था। जहर निगलने वाले दंपति की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि अनाथ हो चुके बेटे की हालत गंभीर बनी हुई है। डिविजन नंबर सात की पुलिस ने मौके पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर मकान मालिक, उसके बेटे, दो बेटियों और दामाद के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मृतक सुशील कुमार (70) की सबसे छोटी विवाहित बेटी संगीता ने बताया कि उसके पिता हौजरी का काम करते थे। शुक्रवार देर शाम पिता ने उन्हें होशियारपुर स्थित टांडा में फोन कर बताया कि मकान मालिक उन्हें मकान खाली करने के लिए प्रताड़ित कर रहा है। परेशान होकर उसकी मां आशा (65) और भाई प्रवीण (42) सहित पिता ने जहर निगल लिया है।
संगीता ने तुरंत मामले की सूचना लुधियाना पुलिस कंट्रोल रूम मे दी। पुलिस मौके पर पहुंच तो गई, लेकिन जहर खाने से तड़प रहे किसी भी पारिवारिक सदस्य को अस्पताल पहुंचाने की जहमत नहीं की। जब वह मौके पर पहुंची तो उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसके पिता की मौत हो चुकी थी, जबकि मां आशा रानी ने भी कुछ समय बाद दम तोड़ दिया।
मकान मालिक और उसके रिश्तेदार मौत के जिम्मेदार
मृतक सुशील कुमार की ओर से लिखे सुसाइड नोट को पुलिस ने मौके से बरामद कर लिया है। इसमें लिखा है ‘मैं सुशील कुमार मरने से पहले एसएसपी लुधियाना को लिख रहा हूं कि हमें मरने के लिए मजबूर करने वाले मकान मालिक डिंपल कपूर, उसका बेटा मवनीश कपूर, लड़की आइना और अलीशा है। डिंपल कपूर की सास भी उन्हें आकर गालियां देती हैं। हमने अदालत से स्टे ऑर्डर भी ले रखा है।
फिर भी हमें मारा पीटा गया। हमने सात नंबर डिविजन पुलिस को शिकायत भी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। हमारे मरने के बाद घर का सारा सामान हमारी बेटी को दे दिया जाए और हमारी चिताओं को मुखाग्नि बेटी दे। इस मामले में डिंपल का जीजा पवन कुमार भी जिम्मेदार है।’
पुलिस ने मृतक दंपति की बेटी के बयान और मौके पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर मकान मालिक सहित 6 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों की तलाश में छापेमारी की जा रही है। जहां तक पुलिस द्वारा अस्पताल नहीं पहुंचाने की बात है, वो गलत है। -राजेश ठाकुर, एसएचओ डिविजन 7