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जींद में झोपड़ी में आग लगने से जिंदा जले 3 मासूम बच्चे, 3 की हालत गंभीर
ब्यूरो/अमर उजाला, जींद(हरियाणा)
Updated Sun, 23 Apr 2017 02:50 PM IST
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झोपड़ी में आग लगने से जिंदा जले 3 मासूम बच्चे
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हरियाणा के जींद से बड़ी खबर। यहां देर रात एक झोपड़ी में आग लगने से तीन मासूम बच्चे जिंदा जल गए और 6 की हालत गंभीर बनी हुई है। घायलों में दो बच्चे और एक महिला है। दोनों बच्चों को रोहतक पीजीआईएमएस रेफर कर दिया गया है।
आग लगने के कारणों का किसी को कुछ पता नहीं चल पाया है। मिली जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शिकारपुर के रहने वाले सोनू ने अर्बन एस्टेट जींद में रहने वाले वकील जयभगवान का बेरी का बाग ठेके पर ले रखा था।
हांसी रोड पर बीएसएनएल एक्सचेंज के पीछे स्थित इसी बाग में झोंपड़ी डालकर निसार और उसके साले सानू का परिवार रहता था। आग लगने के कारणों का किसी को पता नहीं, लेकिन इससे पहले कि कोई समझ पाता, आग ने भयानक रूप ले लिया।
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आग लगने के कारणों का किसी को कुछ पता नहीं चल पाया है। मिली जानकारी के अनुसार, उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के शिकारपुर के रहने वाले सोनू ने अर्बन एस्टेट जींद में रहने वाले वकील जयभगवान का बेरी का बाग ठेके पर ले रखा था।
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हांसी रोड पर बीएसएनएल एक्सचेंज के पीछे स्थित इसी बाग में झोंपड़ी डालकर निसार और उसके साले सानू का परिवार रहता था। आग लगने के कारणों का किसी को पता नहीं, लेकिन इससे पहले कि कोई समझ पाता, आग ने भयानक रूप ले लिया।
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आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया
झोपड़ी में आग लगने से जिंदा जले 3 मासूम बच्चे
सोनू ने बताया कि उनका परिवार सोया हुआ था कि अचानक तपन सी महसूस हुई। देखा तो झोंपड़ी में आग लगी हुई थी। यह देखते ही चीख पुकार मच गई। उन्होंने चिल्लाकर लोगों को बुलाया और सभी को बाहर निकाला। तब तक वे बुरी तरह झुलस गए थे।
वह अपनी 12 साल की भानजी फक्कू और 2 साल की बेटी जोया को ही निकाल पाया था। तब तक उसकी पत्नी शकीरा के अलावा उसकी 6 साल की बेटी अफ्शा, 4 साल का बेटा पिसान और 4 महीने की बेटी जिया आग में झुलस चुके थे।
जैसे ही उसने सभी को बाहर निकाला, देखते ही देखते उसकी आंखों के सामने अफ्शा, पिसान और जिया ने दम तोड़ दिया। वहीं पत्नी शकीरा, 2 साल की बेटी जोया और भांजी (12) पुत्री निसार को बचा लिया गया।
वह अपनी 12 साल की भानजी फक्कू और 2 साल की बेटी जोया को ही निकाल पाया था। तब तक उसकी पत्नी शकीरा के अलावा उसकी 6 साल की बेटी अफ्शा, 4 साल का बेटा पिसान और 4 महीने की बेटी जिया आग में झुलस चुके थे।
जैसे ही उसने सभी को बाहर निकाला, देखते ही देखते उसकी आंखों के सामने अफ्शा, पिसान और जिया ने दम तोड़ दिया। वहीं पत्नी शकीरा, 2 साल की बेटी जोया और भांजी (12) पुत्री निसार को बचा लिया गया।