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घर से रोजाना चोरी हो रहे थे पैसे, खोजबीन में सामने आया हैरान कर देने वाला सच
ब्यूरो/अमर उजाला, पिंजौर(हरियाणा)
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:13 AM IST
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- फोटो : सांकेतिक चित्र
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घर से लगातार पैसे चोरी हो रहे थे... कभी दो हजार तो कभी तीन हजार... यह सिलसिला पिछले करीब एक साल से चल रहा था। इस बात को लेकर पति-पत्नी में कई बार झगड़ा भी हुआ। काफी खोजबीन करने पर पता चला यह पैसे सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले वाला उनका 13वर्षीय बेटा ही चोरी कर रहा था। जब दंपति ने चोरी के संबंध में उससे बात की तो बेटे के जवाब से वह चौंक गए। उसने बताया कि उसकी कक्षा में पढ़ने वाला लड़का उसे और परिवारवालों को मारने की धमकी देकर पैसे मंगवाता है। पीड़ित परिवार ने पुलिस को इस संबंध में जानकारी दे दी है।
बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर कभी भी पैसे चोरी करने का शक नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इसका खुलासा तीन दिन पहले हुआ, जब बेटे की कक्षा में पढ़ने वाले लड़के का सुबह करीब 7 बजेे उसके पास फोन आया। अभिभावकों ने बताया कि इतनी सुबह फोन आने पर उन्हें बच्चे पर शक हुआ। इस पर उन्होंने बेटे से फोन का स्पीकर ऑन कर बात करने के लिए कहा, लेकिन बेटे ने मना कर दिया।
बाद में जब उससे पूछा गया तो बताया कि वह ही घर से रुपये चोरी करता था। क्योंकि उसकी कक्षा में पढ़ने वाला लड़का उससे पैसे मंगवाया करता था। उसने बताया कि इस संबंध में उसने स्कूल में भी किसी अध्यापक या अध्यापिका को नहीं बताया, क्योंकि जो लड़का उससे पैसे मंगवाता था उसने दूसरे बड़े लड़कों से उसे और उसके परिवार को मरवाने की धमकी देता था। इस डर से उसने किसी को नहीं बताया।
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बच्चों के अभिभावकों ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर कभी भी पैसे चोरी करने का शक नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि इसका खुलासा तीन दिन पहले हुआ, जब बेटे की कक्षा में पढ़ने वाले लड़के का सुबह करीब 7 बजेे उसके पास फोन आया। अभिभावकों ने बताया कि इतनी सुबह फोन आने पर उन्हें बच्चे पर शक हुआ। इस पर उन्होंने बेटे से फोन का स्पीकर ऑन कर बात करने के लिए कहा, लेकिन बेटे ने मना कर दिया।
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बाद में जब उससे पूछा गया तो बताया कि वह ही घर से रुपये चोरी करता था। क्योंकि उसकी कक्षा में पढ़ने वाला लड़का उससे पैसे मंगवाया करता था। उसने बताया कि इस संबंध में उसने स्कूल में भी किसी अध्यापक या अध्यापिका को नहीं बताया, क्योंकि जो लड़का उससे पैसे मंगवाता था उसने दूसरे बड़े लड़कों से उसे और उसके परिवार को मरवाने की धमकी देता था। इस डर से उसने किसी को नहीं बताया।
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Fake calls
वहीं, स्कूल के प्रिंसिपल व अन्य बच्चों ने बताया है कि इस बच्चे के पास पैसे हुआ करते थे और वह खुद बच्चों केा पैसे देता था। स्कूली बच्चों ने बताया कि उसके पास एटीएम भी था। बच्चे ने जिस सहपाठी पर पैसे मंगवाने का आरोप लगाया है उसके अभिभावकों से पूछताछ की जाएगी। वहीं, थाना प्रभारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला बहुत संवेदनशील है। क्योंकि बच्चे छोटे हैं।
लड़ाई-झगड़े वाले गेम का बच्चों पर पड़ रहा असर
पीएचसी पिंजौर के प्रभारी डॉ. धीरज कपूर ने बताया कि बच्चों पर इस उम्र में संगत का असर अधिक पड़ता है। गलत संगत में पड़ कर बच्चे अक्सर डर और अन्य कारणों से झूठ बोलने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। इस लिए अभिभावकों और स्कूल अध्यापकों में समय समय पर मीटिंग होनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वह अभिभावकों को बुला कर बच्चे में हो रहे परिवर्तन के बारे में बताएं। आजकल वीडियो गेम का भी विशेष कर वायलेंट गेम, लड़ाई झगड़े वाले गेम का बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बच्चों के भोलेपन का फायदा उठाते हैं कुछ असामाजिक तत्व
इस संबंध में जब कुछ अन्य लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला छोटे बच्चों से संबंधित है इसलिए पुलिस को एहतियात बरत कर सच को सामने लाना चाहिए। अक्सर कुछ असामाजिक बच्चे भी स्कूलों के बाहर घूमते देखे जाते हैं जो इन मासूम बच्चों के भोलेपन का फायदा उठा कर उनसे चोरी जैसे काम भी करवा सकते हैं। इसके अलावा पुलिस को भी स्कूलों में जा कर बच्चों को भी जागरूक करना चाहिए कि अगर कोई उन्हें तंग करता है तो वह इसकी जानकारी अपने अभिभावकों को अवश्य दें।
लड़ाई-झगड़े वाले गेम का बच्चों पर पड़ रहा असर
पीएचसी पिंजौर के प्रभारी डॉ. धीरज कपूर ने बताया कि बच्चों पर इस उम्र में संगत का असर अधिक पड़ता है। गलत संगत में पड़ कर बच्चे अक्सर डर और अन्य कारणों से झूठ बोलने से भी नहीं हिचकिचाते हैं। इस लिए अभिभावकों और स्कूल अध्यापकों में समय समय पर मीटिंग होनी चाहिए। स्कूल प्रबंधन को चाहिए कि वह अभिभावकों को बुला कर बच्चे में हो रहे परिवर्तन के बारे में बताएं। आजकल वीडियो गेम का भी विशेष कर वायलेंट गेम, लड़ाई झगड़े वाले गेम का बच्चों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
बच्चों के भोलेपन का फायदा उठाते हैं कुछ असामाजिक तत्व
इस संबंध में जब कुछ अन्य लोगों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मामला छोटे बच्चों से संबंधित है इसलिए पुलिस को एहतियात बरत कर सच को सामने लाना चाहिए। अक्सर कुछ असामाजिक बच्चे भी स्कूलों के बाहर घूमते देखे जाते हैं जो इन मासूम बच्चों के भोलेपन का फायदा उठा कर उनसे चोरी जैसे काम भी करवा सकते हैं। इसके अलावा पुलिस को भी स्कूलों में जा कर बच्चों को भी जागरूक करना चाहिए कि अगर कोई उन्हें तंग करता है तो वह इसकी जानकारी अपने अभिभावकों को अवश्य दें।