शराब के नशे में खुला भाई की हत्या का राज, पांच साल पहले यूं उतारा गया था मौत के घाट
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मोगा के थाना समालसर के अधीन गांव सुखानंद में पांच साल पहले हुए हत्याकांड से पर्दा उठ गया है। उक्त मामले में पुलिस ने तीन लोगों को नामजद कर दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा आरोपी अभी फरार है।
जांच अधिकारी थाना समालसर के प्रभारी गुरमीत सिंह के अनुसार शिकायतकर्ता जगदेव सिंह निवासी गांव साहोके ने पुलिस को दर्ज करवाए बयान में कहा कि 21 जुलाई 2014 को उसका भाई मक्खण सिंह (28) किसी को बताए बिना घर से चला गया था और वापस नहीं आया।
इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई गई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ दिन पहले वह गांववासी प्रितपाल सिंह पिरता के साथ शराब पी रहा था। प्रितपाल सिंह ने उसे नशे की हालत में देखा तो कहा कि उसके भाई मक्खण सिंह को वह उस दिन घर से बुलाकर ले गया था और गांववासी हरजिंदर सिंह जिंदा और इकत्तर सिंह ने उसके भाई के साथ मारपीट की। इसके बाद मौत के घाट उतारकर उसका शव सुखानंद के पास बहती नहर मे फेंक दिया।
प्रितपाल ने बताया कि मक्खण को इकत्तर सिंह से डेढ़ लाख रुपये लेने थे, जोकि उससे बार-बार मांग रहा था। इसी कारण से इकत्तर और हरजिंदर ने मिलकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद अगले दिन शिकायतकर्ता ने पुलिस को इस संबंधी शिकायत की तो पुलिस ने हरजिंदर सिंह और इकत्तर सिंह को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी।
करीब तीन चार दिन की गई पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने ने ही मक्खण सिंह की हत्या की थी। बाद में शव को खुर्द-बुर्द करने की नीयत से नहर में फेंक दिया था। यहां जांच अधिकारी ने साफ किया कि मक्खण सिंह की ओर से आरोपियों से पैसे लेने की बात जांच में सामने नहीं आई है। आरोपी इकत्तर सिंह ने कबूल किया है कि मक्खण सिंह के उसकी भाभी के साथ संबंध थे।
इस बात का पता जब उन्हें चला तो उन्होंने अपनी भाभी को मायके भेज दिया था। बावजूद इसके मक्खण सिंह उनकी भाभी से मिलने उसके मायके पहुंच जाया करता था। इस कारण उसने हरजिंदर सिंह और प्रितपाल सिंह के साथ मिलकर मक्खण सिंह की हत्या कर दी। जांच अधिकारी ने बताया कि फिलहाल तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। अभी तीसरे आरोपी प्रितपाल सिंह की गिरफ्तारी बाकी है।