शर्मनाक: थाने में जिंदा जलने लगा था वो
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हरियाणा पुलिस का एक और शर्मनाक चेहरा सामने आया है। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर एक क्रूजर चालक थाना परिसर में ही जिंदा जलने लगा था। खुद पर मिट्टी का तेल डाल जैसे ही आग लगाने लगा, इसी दौरान पुलिस कर्मचारियों ने चालक को काबू कर लिया।
सफीदों वार्ड-14 निवासी कुलदीप क्रूजर गाड़ी चलाता है। सफीदों से जींद के लिए सवारी ढोने का काम करता है। बृहस्पतिवार अल सुबह अपनी गाड़ी को सवारी भरने के लिए शहर के नहर पूल पर लगाई थी। इसी दौरान पुलिस की जिप्सी वहां पर पहुंची और गाड़ी को थाने ले गई। चालक कुलदीप ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया, इसके बाद भी पुलिस नहीं मानी।
इसके बाद कुलदीप सफीदों थाने पहुंचा और गाड़ी छोड़ने की गुहार लगाई। कुलदीप ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारियों ने गाड़ी छोड़ने की बजाए मारपीट कर उसको थाने से भगा दिया। थोड़ी देर के बाद कुलदीप मिट्टी के तेल से भरी कैन लेकर थाने पहुंचा। अपने ऊपर तेल छिड़कर कुलदीप माचिस से आग लगाने वाला ही था कि वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने उसको पकड़कर लॉकअप में डाल दिया।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान क्रूजर चालक द्वारा मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने के प्रयास की सूचना पाकर डीएसपी हरेंद्र कुमार थाने पहुंचे और क्रूजर चालक की आपबीती सुनी। कुलदीप ने सफीदों थाना पुलिस कर्मचारियों पर बेगार करवाने का आरोप लगाया। उसने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मचारी उसकी गाड़ी को बेगार पर ले जाने के लिए जबरदस्ती उठाकर लेकर आए।
उसने परेशान होकर यह कदम उठाया। डीएसपी हरेंद्र कुमार ने तुरंत ही क्रूजर चालक को छोड़ने के आदेश दिए। इस दौरान जांच करने के बाद डीएसपी हरेंद्र कुमार ने सफीदों थाने के कार्यवाहक थाना प्रभारी ओमप्रकाश सहित पीसीआई चालक रमेश को लाइन हाजिर कर दिया।
थाना प्रभारी और पीसीआर चालक लाइन हाजिर
चालक कुलदीप ने डीएसपी हरेंद्र कुमार को बताया कि साहब, मैं गरीब आदमी हूं। मुझे भी अपने बच्चे पालने हैं। मैंने गाड़ी फाइनेंस पर ली हुई है। मैं गाड़ी चलाकर फाइनेंस की किश्त चुकता करूं या पुलिस वालों को गाड़ी बेगार पर दूं। पुलिस वाले को बेगार देना अब उसके बस की बात नहीं रही है। कुलदीप ने कहा कि पुलिस की ज्यादती का शिकार होने के बाद ही उन्होंने थाने में मिट्टी का तेल छिड़ककर आत्मदाह करने का फैसला लिया।
डीएसपी की फटाकर के बाद थाना प्रभारी बेसुध
डीएसपी हरेंद्र कुमार ने क्रूजर चालक कुलदीप की आपबीती सुनने के बाद वहां मौजूद पुलिस कर्मचारियों पर फटकार लगाई। फटकार लगाने के बाद कार्यवाहक थाना प्रभारी ओमप्रकाश एकदम से गिर गए। उन्होंने बेचैनी होने की शिकायत की। उन्हें अन्य पुलिस कर्मचारियों द्वारा तुरंत सफीदों के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां पर उसका उपचार चल रहा है।
डीएसपी पर कार्रवाई फाड़ने का आरोप
सामान्य अस्पताल में भर्ती कार्यवाहक थाना प्रभारी ओमप्रकाश ने कहा कि उच्चाधिकारियों के आदेश पर क्रूजर चालक के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे। डीएसपी ने मौके पर पहुंचते ही उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और की गई कार्रवाई को फाड़ दिया। इस कारण उसके दिल को ठेस पहुंची है और वह मानसिक रूप से परेशान है। उसने आरोप लगाया कि डीएसपी बार-बार उनको सस्पेंड करने की धमकी दी। इसलिए वह खुद ही यहां से तबादले की मांग करते हैं। उसने कहा कि डीएसपी ने थाने में मिट्टी का तेल डालकर आग लगाने का प्रयास करने वाले चालक कुलदीप को तेल की कैन देकर लॉकअप से बाहर कर उसे घर भेज दिया। उन्होंने यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के आदेशों पर ही की थी।
हरेंद्र कुमार, डीएसपी ने बताया कि मैंने इस पूरे मामले में जांच की है। जांच में क्रूजर चालक को परेशान किया जा रहा था। कार्यवाहक थाना प्रभारी ओमप्रकाश और पीसीआर चालक रमेश को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि जिस कर्मचारी पर अगर कोई कार्रवाई होती है तो वह आरोप तो लगाता ही है। ऐसा कुछ नहीं है।