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एजीएम की मिलीभगत से ट्रांसपोर्ट के टेंडर में धांधली
ब्यूरो/अमरउजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 23 Oct 2015 12:36 PM IST
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फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) के रीजनल ऑफिस के असिस्टेंट जनरल मैनेजर ने टेंडर अलॉटमेंट में धोखाधड़ी की है। आरोप है कि एजीएम ने महंगे रेट की बोली लगाने वाले कांट्रेक्टर को सबसे कम रेट का बोलीदाता बताकर ट्रांसपोर्ट का टेंडर अलॉट कर दिया था।
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विभाग की ओर से गठित जांच कमेटी की जांच में सामने आया है कि (एजीएम) पहले भी एक टेंडर की अलॉटमेंट में घपलेबाजी कर चुका है। ऑफिस के ही एक अन्य असिस्टेंट जनरल मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने एजीएम समेत चार लोगों केखिलाफ मामला दर्ज किया है।
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जानकारी के अनुसार सेक्टर-31 में स्थित एफसीआई के रीजनल ऑफिस में ट्रांसपोर्ट का कांट्रेक्ट पाने के लिए टेंडर भरे गए थे। टेंडर में सबसे कम रेट 28.65 रुपये था। टेंडर 28 रुपये बताकर विकास गोयल को दे दिया गया, जबकि ऑनलाइन वेबपोर्टल पर उसकी बोली 48 रुपये की थी।
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फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ तब हुआ जब एक बिडर गोपी चंद ने ऑनलाइन बिडिंग के रेट चेक किए। उन्होंने पाया कि टेंडर का सबसे कम रेट 28.65 रुपये है। इसके बावजूद टेंडर दूसरे कांट्रेक्टर को दे दिया गया। उसने इसकी शिकायत विभाग में आला अफसरों से की। विभाग ने तुरंत चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी।
कमेटी ने भी अपनी जांच में पाया कि न सिर्फ ट्रांसपोर्ट के टेंडर के रेट में धांधली हुई, बल्कि और भी कई टेंडरों को अलॉट करने में धांधली हुई है। कमेटी ने आरोपी असिस्टेंट जनरल मैनेजर नितिन गर्ग की सस्पेंशन की सिफारिश कर दी।
वहीं विभाग की शिकायत पर सेक्टर-31 पुलिस स्टेशन में एफसीआई केअसिस्टेंट जनरल मैनेजर नितिन गर्ग के अलावा राजीव कुमार, विकास गोयल और गमदूर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।