नशे की दवा पिलाकर युवती से गैंगरेप
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बहाने से महिला युवती को घर से बुलाकर ले गई और उसने अपनी पहचान के युवकों से करवा दिया गैंगरेप। घटना पंजाब के पटियाला में दो साल पहले की दिवाली के रात की है।
मामले में शनिवार को कोर्ट ने एक महिला समेत चार दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जबकि तत्कालीन बादशाहपुर चौकी के इंचार्ज एएसआई नसीब सिंह को कोर्ट ने बरी कर दिया है। पुलिस ने आरोपियों गुरप्रीत सिंह उर्फ अमन, बलविंदर सिंह निवासी गांव खेड़ी नगाइयां, शिंदरपाल कौर निवासी गांव बादशाहपुर और संदीप सिंह को कोर्ट में पेश किया।
कुछ मिनटों बाद ही एडिशनल सेशन जज जतिंदर कौर की कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए चारों को दोषी करार दे दिया। दोषी बलविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह उर्फ अमन को गैंगरेप के जुर्म में उम्रकैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त कैद होगी। जबकि बहलाने-फुसलाने के दोष में उन्हें दस-दस साल की कैद व 10-10 हजार जुर्माने की सजा हुई है। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त कैद काटनी होगी। नशीली चीज पिलाने के दोष में दोनों को सात साल कैद व पांच हजार जुर्माने की सजा हुई है। जुर्माना न भरने पर छह माह की अतिरिक्त कैद होगी।
वहीं शिंदरपाल कौर व संदीप सिंह को गैंगरेप व साजिश रचने के दोष में उम्रकैद व 10-10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त कैद काटनी होगी, जबकि बहला-फुसलाकर ले जाने व साजिश रचने की धारा में दस साल कैद व 10 हजार जुर्माना व नशीली चीज पिलाने व साजिश रचने पर सात साल कैद व 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने इस केस में गलत ऑफिशियल रिकार्ड फ्रेम करने के आरोप में नामजद एएसआई नसीब सिंह को बरी किया है।
जबरन लड़की को कार में डाल ले गए
13 नवंबर 2012 की शाम करीब साढ़े चार बजे बादशाहपुर गांव की शिंदरपाल कौर 18 साल की पीड़ित लड़की को गुग्गा माड़ी पर दीप लगाने अपने साथ ले गई। रास्ते में दोनों के पास एक स्विफ्ट कार आकर रूकी।
इसे गुरप्रीत सिंह उर्फ अमन चला रहा था, जबकि बलविंदर सिंह पीछे बैठा था। दोनों ने जबरन लड़की को कार में डाल लिया। शिंदरपाल ने कोई विरोध नहीं किया। शाम करीब सात बजे दोनों पीड़िता को संदीप सिंह की मोटर पर ले गए। संदीप उन्हें मोटर के कोठे की चाबी देकर चला गया। जहां पहले बलविंदर सिंह और फिर अमन ने पीड़िता से रेप किया।
अमन ने पीड़िता को नशे की दवा पिलाई। इसके बाद दोनों ने बारी-बारी पीड़िता से दुराचार किया। रात साढ़े 9 बजे दोनों पीड़िता को गांव बादशाहपुर के गुरुद्वारा साहिब के पास फेंक गए। पहले तो पीड़ित परिवार बादशाहपुर चौकी व संबंधित घग्गा थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
बाद में मीडिया में मामले के उछलने के बाद 27 नवंबर 2012 को पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। लेकिन फिर भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से परेशान होकर 26 दिसंबर 2012 को पीड़ित लड़की ने समाना के सरां पती में अपनी मौसेरी बहन के घर पर जहरीली चीज खाकर सुसाइड कर लिया था। सुसाइड केस में आरोपियों के खिलाफ एक और केस दर्ज है।