'संत' रामपाल के फिर सैकड़ों समर्थक देख चौंकी पुलिस
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रामपाल की पेशी के दौरान अचानक सैकड़ों की संख्या में पहुंचे रामपाल के अनुयायियों ने पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूला दिए। मामला हरियाणा के हिसार का है। एकबारगी तो प्रशासन भी परेशान हो गया, फिर बिना कोई हलचल किए अचानक रामपाल को कोर्ट में पेश कर तुरंत वापस गाड़ी में बैठाकर जेल भेज दिया। पेशी के दौरान रामपाल से पुलिस ने पूछा कि फिर से खेल शुरू कर दिया। इस पर रामपाल ने हाथ जोड़ लिए और बोला यह खेल मेरा नहीं अनुयायियों ने कुछ किया होगा। मैं सत्य कह रहा हूं।
दबाव बनाने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक रामपाल के अनुयायी पुलिस व प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं। ज्यों ही रामपाल के कुछ अनुयायी जेल से जमानत पर बाहर आए उन्होंने प्रशासन पर दबाव बनाने की रणनीति शुरू कर दी है। सोशल नेटवर्क व मैसेज के जरिए उन्होंने अनुयायियों को सूचना भेजी और 18 मार्च को हिसार में पहुंचने का न्यौता दिया गया। इतना ही नहीं प्लानिंग के तहत ही अनुयायियों ने एक दिन पहले जाट धर्मशाला में 35 सौ रुपये में एक बड़ा हाल व लाइब्रेरी बुक करवा दी।
‘हम तो दर्शन करने आए’
रामपाल को देखने पहुंचे कई अनुयायियों से मीडिया ने बात की। उनमें से अधिकतर अनुयायियों ने यही कहा कि वे दर्शन करने के लिए हिसार आए हैं। उन्हें कोर्ट में पेशी के दौरान दर्शन करने थे। वे शांतिप्रिय तरीके से यह सब कर रहे थे पुलिस ने उन्हें बंधक बना लिया। नागौर से आए रामपाल के अनुयायी रामपाल ने कहा कि पुलिस ने उन्हें दर्शन नहीं करने दिए। वे हर हल में दर्शन कर जाएंगे।
सुबह छह बजे ही पहुंच गए कोर्ट
काफी संख्या में रामपाल के अनुयायी कोर्ट परिसर में छह बजे ही पहुंच गए। इनमें से कुछ लोग कोर्ट के इर्द गिर्द एकत्रित हो गए। पुलिस ने कोर्ट परिसर में बाहर घूम रहे दर्जनों लोगों को पीटा और वहां से भगा दिया।
रामपाल के दर्शन करने के लिए न्यौता दिया था
अनुयायियों ने पूछताछ में बताया है कि उनके पास मैसेज आए थे। जहां-जहां से अनुयायी पहुंचे उनके क्षेत्र के लीडर ने उन्हें मैसेज कर रामपाल के दर्शन करने के लिए न्यौता दिया था। अलवर के मनोहर लाल, राधेश्याम व भरत ने बताया कि उन्हें सुशील भक्त ने मैसेज कर हिसार पहुंचने की बात कही थी। मगर सुशील खुद नहीं पहुंचा।
छोटा गेट खुला था आकर सो गए हाल में
सैकड़ों अनुयायियों का अचानक आकर धर्मशाला में ठहर जाने के मामले में पुलिस ने धर्मशाला प्रबंधन से भी पूछताछ की। धर्मशाला प्रबंधन ने कहा कि सर कुछ लोग मंगलवार को हॉल व लाइब्रेरी बुक करवाकर गए थे। समय तो बताया नहीं रात को धर्मशाला का छोटा गेट खुला था वे एंट्री कर गए और आकर हॉल में सो गए।
इन लोगों की हुई पेशी
जेएमआईसी प्रतीक जैन की कोर्ट में रामपाल सहित आठ लोगों की पेशी हुई। कोर्ट ने मुकदमा नंबर 429 में हत्या मामले में पेशी हुई जिसमें कोर्ट ने आगे की तारीख 27 मार्च दी है। पेशी के दौरान रामपाल, महेंद्र, राजेंद्र, बबीता, योगेंद्र, पूनम, सावित्री की हाजिरी लगी। राजकपूर को पुलिस हाई कोर्ट में पेशी पर लेकर गई थी जिसके कारण उसे हिसार कोर्ट में पेश नहीं किया जा सका। बुधवार को पुलिस ने इस मामले में चालान भी पेश कर दिया।
कुलदीप, मैनेजर, जाट धर्मशाला ने बताया कि मंगलवार को दो तीन लोग धर्मशाला में हॉल बुक करवाने के लिए आए थे। नाम मुझे अब ध्यान नहीं है। उन्होंने एक बड़ा हॉल व लाइब्रेरी 35 सौ रुपये में बुक करवाई थी।