बड़ा एक्शन: पंजाब विजिलेंस ने वनपाल विशाल चौहान को किया गिरफ्तार, मोटी रिश्वत लेने की रची साजिश
घटनाक्रम से यह साफ हो गया कि विशाल चौहान ने उक्त दोनों के साथ सांठगांठ कर दविंदर संधू की कंपनी से मोटी रिश्वत हासिल करने की कोशिश की, इसलिए गुरुवार को विजिलेंस ने उसे भी इस केस में गिरफ्तार कर लिया।
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पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने गुरुवार को आईएफएस अधिकारी पंजाब के वनपाल (योजना) विशाल चौहान को भ्रष्टाचार रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के अलावा आईपीसी की धारा 120 बी के तहत दर्ज मुकदमे में नामजद करने के बाद गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि गत दो जून को दर्ज मुकदमे के तहत पहले ही गिरफ्तार मोहाली के वन मंडल अफसर गुरअमनप्रीत सिंह और ठेकेदार हरमोहेंदर सिंह उर्फ हम्मी से पूछताछ और इस संबंधी की गई जांच में उजागर हुए घटनाक्रम को मुख्य रखते हुए वनपाल विशाल चौहान को गिरफ्तार किया गया है। प्रवक्ता ने बताया कि विशाल चौहान ने कॉलोनाइजर दविंदर सिंह संधू की कंपनी से मोटी रिश्वत लेने के लिए पहले तो उसे सरकारी कार्रवाई का डर दिखाया और फिर गुरअमनप्रीत सिंह और हम्मी के जरिये रिश्वत की सेटिंग में सीधी भूमिका निभाई।
यह है पूरा मामला
प्रवक्ता ने बताया कि दविंदर सिंह संधू निवासी चंडीगढ़ के पास गांव मसौल और टांडा, सब तहसील माजरी जिला एसएएस नगर में करीब 100 एकड़ जमीन कंपनी के नाम पर है। इस जमीन का कुछ हिस्सा पीएलपीए कानून की धारा 4 के अधीन आता है। 24 अप्रैल को रेंज अफसर रणजोध सिंह की तरफ से दविंदर सिंह संधू के पिता कर्नल बलजीत सिंह संधू और उनके दफ्तर के कर्मचारी तरसेम सिंह के खिलाफ प्राकृतिक जंगली पौधों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाते हुए एक शिकायत मुख्य अफसर थाना नयागांव को दी गई।
इसके बाद 27 अप्रैल को दविंदर सिंह संधू को रणजोध सिंह और अमन वन पटवारी ने बताया कि उन्होंने जो शिकायत थाना नयागांव में दी है, वह गुरअमनप्रीत सिंह और विशाल चौहान वनपाल के कहने पर दी है, इसलिए अब आप उनसे मिलकर मामला हल कराएं अन्यथा आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी जाएगी।
इसके बाद दविंदर सिंह संधू को 30 अप्रैल, 2022 को ठेकेदार हरमोहेंदर सिंह उर्फ हम्मी और गुरअमनप्रीत सिंह से मुलाकात की। तीनों के बीच, रणजोध सिंह द्वारा दी गई शिकायत पर करीब डेढ़ घंटा बातचीत हुई, जिसे दविंदर सिंह संधू ने वीडियो रिकॉर्डिंग कर लिया। इसी दौरान ठेकेदार हम्मी के कहने पर दविंदर सिंह संधू ने दो लाख रुपये का पैकेट गुरअमनप्रीत सिंह को दे दिया, जिसे गुरअमनप्रीत ने अपने पास रख लिया।
तब गुरअमनप्रीत सिंह ने दविंदर सिंह संधू को बताया कि वह इस प्रोजेक्ट संबंधी वनपाल विशाल चौहान से बात करेगा और बाकी पैसों संबंधी बाद में बताएगा। कुछ दिन बाद ठेकेदार हम्मी ने दविंदर संधू से संपर्क करके उन्हें बताया कि उसकी और गुरअमनप्रीत की विशाल चौहान के साथ बातचीत हो चुकी है, जिन्होंने कहा है कि यदि प्रोजेक्ट की शुरुआत करनी है तो उसमें से एक करोड़ रुपये पहले और फिर 10 लाख प्रति महीना और जो भी जमीन बिकेगी, उसमें से पांच लाख बतौर हिस्सा देना पड़ेगा लेकिन दविंदर सिंह संधू यह सारी रिश्वत देने पर सहमत नहीं हुए।
दविंदर संधू ने दी थी विजिलेंस को शिकायत
आखिरकार दविंदर सिंह संधू ने एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। इस पर विजिलेंस ब्यूरो ने कार्रवाई करते हुए उक्त मुकदमे में गुरअमनप्रीत सिंह और ठेकेदार हम्मी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में ही यह बात भी साबित हो गई कि गुरअमनप्रीत सिंह और विशाल चौहान ने ही सांठगांठ करके अपने अधीनस्थ मुलाजिमों पर दबाव बनाते हुए दविंदर संधू के पिता के खिलाफ नयागांव थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।
इसके बाद विशाल चौहान ने गुरअमनप्रीत की मौजूदगी में अपने अधीन कर्मचारियों को कहा था कि इस मुकदमे में दविंदर संधू का नाम भी शामिल करवाया जाए। इसके लिए विशाल चौहान ने कर्मचारियों को खुद टाइप की एक दरखास्त भी मुहैया करवाई। इस पूरे घटनाक्रम से यह साफ हो गया कि विशाल चौहान ने उक्त दोनों के साथ सांठगांठ कर दविंदर संधू की कंपनी से मोटी रिश्वत हासिल करने की कोशिश की, इसलिए गुरुवार को विजिलेंस ने उसे भी इस केस में गिरफ्तार कर लिया।