गैंगस्टर टीनू का लुधियाना कनेक्शन: AGTF ने तीन को दबोचा, स्कोडा कार भी बरामद, फरार होने में की थी मदद
आरोपी कुलदीप कोहली दो साल से टीनू से जुड़ा हुआ था। दोनों की पहली मुलाकात कपूरथला जेल में हुई थी। इस दौरान दोनों की दोस्ती गहरा गई थी। साल 2021 में उसको जमानत मिल गई थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया था। इसके बाद से वह टीनू के नेटवर्क का हिस्सा बन गया था।
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सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर दीपक टीनू को पुलिस हिरासत से भगाने में मदद करने वाले तीन लोगों को पंजाब पुलिस ने लुधियाना से गिरफ्तार किया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई एक काले रंग की स्कोडा कार भी बरामद की है। आरोपियों की पहचान कुलदीप सिंह उर्फ कोहली, राजवीर सिंह उर्फ काजमा व राजिंदर सिंह उर्फ गोरा लुधियाना के रूप में हुई है।
एक आरोपी गगनदीप सिंह खैरा अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। यहां मंगलवार को डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने तीनों आरोपियों को काबू करने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने आरोपियों को दबोचा है। कुलदीप उर्फ कोहली पेशे से एक जिम मालिक है। साथ ही उसकी आड़ में नशे का कारोबार करता था।
पुलिस ने रविवार को गैंगस्टर दीपक टीनू की महिला दोस्त जतिंदर कौर को मुंबई एयरपोर्ट से उस समय काबू किया था, जब वह वहां से मालदीव भागने की तैयारी में थी। उसकी गिरफ्तारी से यह बात साफ हो गई कि जल्दी इस मामले में शामिल अन्य आरोपी पकडे़ जाएंगे। इसके बाद पुलिस ने टीनू की महिला मित्र और बर्खास्त सीआईए प्रभारी प्रितपाल सिंह को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तो उनसे अहम सुराग हाथ लगे थे। इसके बाद पुलिस ने छह टीमें बनाकर कई जगह छापे मारकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी टीनू के काफी करीबी है। उन्होंने ही टीनू को पुलिस हिरासत से भागने में मदद की थी।
पुलिस जांच में पता चला है कि टीनू ने भागने की रणनीति पूरी फिल्मी स्टाइल में बनाई थी। उसे भागते समय कोई पकड़ न पाए और उसकी पहचान उजागर न हो इसका भी इंतजाम किया था। इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया था। एक अक्तूबर को उसने कुलदीप सिंह से संपर्क किया था। साथ ही उसे पूरी रणनीति के साथ महिला सहयोगी को मानसा भेजने को कहा था।
इसके बाद इस ऑपरेशन पर काम शुरू हुआ था। फिर राजवीर सिंह अपने साथी गगनदीप खैरा निवासी लुधियाना के साथ निकला। इस दौरान कुलदीप सिंह ने उसे एक कपड़ों का बैग दिया। जिसे लेकर वे दोनों जीरकपुर पहुंचे। फिर वहां से महिला मित्र को साथ लेकर गए। साथ ही सीआईए मानसा के नजदीक कपड़ों का बैग फेंक दिया। साथ ही वह आगे निकल गए। इसके बाद उसे पुलिस कस्टडी से भगाया।
जेल में हुई थी मुलाकात, सरहद पार से तस्करी में शामिल
आरोपी कुलदीप कोहली दो साल से टीनू से जुड़ा हुआ था। दोनों की पहली मुलाकात कपूरथला जेल में हुई थी। इस दौरान दोनों की दोस्ती गहरा गई थी। साल 2021 में उसको जमानत मिल गई थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया था। इसके बाद से वह टीनू के नेटवर्क का हिस्सा बन गया था। साथ ही वह सरहद पार से होने वाली नशा तस्करी का हिस्सा था। इस काम में हरियाणा आधारित उसके साथी सहयोग करते थे। इस मामले की जांच पटियाला रेंज के आईजी एमएस छीना की अगुवाई वाली टीम कर रही है।