{"_id":"576d44df4f1c1b0f32b48d74","slug":"pgi-pgi-ambulance-pgi-ambulance-racket-pgi-ambulance-case-court-hearing-chandigarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीजीआई फर्जी एंबुलेंस रैकेट मामले में एक और आरोपी ने दायर की जमानत याचिका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पीजीआई फर्जी एंबुलेंस रैकेट मामले में एक और आरोपी ने दायर की जमानत याचिका
ब्यूरो, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 25 Jun 2016 12:25 AM IST
विज्ञापन
एंबुलेंस
- फोटो : demo pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीजीआई में फर्जी एंबुलेंस रैकेट मामले में शुक्रवार को एक और आरोपी गुरकिरपाल ने जिला अदालत में वेकेशनल बैंच में जमानत याचिका दायर की है। याचिका में उसने कहा है कि उसे रंजिश में फंसाया गया है। जिन लोगों के बयान के आधार पर उसे गिरफ्तार किया है, वह उसे पुरानी रंजिश रखते हैं। याचिका पर कोर्ट ने सेक्टर-11 थाना पुलिस को नोटिस जारी कर 30 जून को जवाब दाखिल करने को कहा है। इससे पहले आरोपी की याचिका 13 जून को निचली अदालत से खारिज हो चुकी है। वीरवार को भी इस केस में दो आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की थी।
खुड्डा लाहौरा निवासी गुरकिरपाल का कहना है कि वह पीजीआई में 3 महीने पहले ही बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी लगा था। उसे पुलिस ने 9 जून को अन्य आरोपियों सहित गिरफ्तार किया था। याचिका में उसकी ओर से कहा गया है कि जिस दिन पीजीआई में यह मामला सामने आया था, उस दिन वह राजस्थान में था। वहां उसकी कृषि भूमि है, जिसकी लीज के पैसे लेने वह वहां गया था।
वहीं गुरकिरपाल के अनुसार उसने सेक्टर-11 थाने में खुद सरेंडर किया था। क्योंकि जब वह राजस्थान से आया तो उसे पता चला कि उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। झूठा पर्चा दर्ज होने पर पर वह खुद सेक्टर-9 थाने गया था, जबकि पुलिस ने उसकी वहां गिरफ्तारी दिखा दी। उसके अनुसार एफआईआर में उसका कहीं नाम ही नहीं है। उसे केवल अन्य आरोपियों के बयान और संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। वह 9 जून से जेल में है और अब पुलिस को उससे कुछ रिकवर भी नहीं करवाना है। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
खुड्डा लाहौरा निवासी गुरकिरपाल का कहना है कि वह पीजीआई में 3 महीने पहले ही बतौर सिक्योरिटी गार्ड नौकरी लगा था। उसे पुलिस ने 9 जून को अन्य आरोपियों सहित गिरफ्तार किया था। याचिका में उसकी ओर से कहा गया है कि जिस दिन पीजीआई में यह मामला सामने आया था, उस दिन वह राजस्थान में था। वहां उसकी कृषि भूमि है, जिसकी लीज के पैसे लेने वह वहां गया था।
विज्ञापन
वहीं गुरकिरपाल के अनुसार उसने सेक्टर-11 थाने में खुद सरेंडर किया था। क्योंकि जब वह राजस्थान से आया तो उसे पता चला कि उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है। झूठा पर्चा दर्ज होने पर पर वह खुद सेक्टर-9 थाने गया था, जबकि पुलिस ने उसकी वहां गिरफ्तारी दिखा दी। उसके अनुसार एफआईआर में उसका कहीं नाम ही नहीं है। उसे केवल अन्य आरोपियों के बयान और संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। वह 9 जून से जेल में है और अब पुलिस को उससे कुछ रिकवर भी नहीं करवाना है। ऐसे में उन्हें जमानत का लाभ दिया जाए।
विज्ञापन