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Hindi News ›   Chandigarh ›   Pawan Bansal Statement in Railway Bribe Case

रेल रिश्वत कांड में पवन बंसल के खुलासे

Tue, 23 Sep 2014 10:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़/नई दिल्ली Updated Tue, 23 Sep 2014 10:37 AM IST
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Pawan Bansal Statement in Railway Bribe Case

पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल सोमवार को 12 करोड़ रुपये के रेलवे रिश्वत मामले में बतौर गवाह पेश हुए। उन्होंने कहा कि आरोपी विजय सिंगला ने कभी भी आरोपी महेश कुमार को रेलवे बोर्ड का सदस्य बनाने की सिफारिश नहीं की थी।

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कुमार की नियुक्ति तय नियमों के तहत हुई। हालांकि उन्होंने माना कि कुमार ने उनसे मिलकर अपनी नियुक्ति के लिए आग्रह किया था। पटियाला हाउस अदालत स्थित सीबीआई की विशेष न्यायाधीश स्वर्ण कांता शर्मा के समक्ष बंसल ने कहा कि मामले में आरोपी विजय सिंगला उनका भांजा है और उनके कार्यकाल में उनसे घर पर तीन बार मिला था।
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उन्होंने माना कि वे आरोपी महेश कुमार को भी जानते हैं। बंसल ने कहा कि रेलवे बोर्ड चेयरमैन ने उनको बताया था कि बोर्ड सदस्यों के कई पद रिक्त हो रहे हैं। महेश कुमार वरिष्ठता क्रम में थे और इसी आधार पर उसका नाम तय किया गया था।

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प्रबंधकों से मिला था महेश कुमार

Pawan Bansal Statement in Railway Bribe Case

बंसल ने माना कि महेश कुमार महाप्रबंधकों के सम्मेलन में उनसे मिला था और सदस्य इलेक्ट्रिक के रूप में उसके नाम पर विचार करने को कहा था। इसी प्रकार कुमार उनसे मुंबई में 16 अप्रैल 2013 को हुए पुरस्कार समारोह में भी मिला था।

इसके बाद महेश कुमार एक बार बतौर रेलवे बोर्ड सदस्य की फाइल क्लीयर होने के बाद मिला था। उन्होंने कहा कि उनके भांजे विजय सिंगला ने कभी भी महेश की नियुक्ति को लेकर उनसे चर्चा नहीं की थी।

इतना ही नहीं उन्होंने अपने निजी सचिव राहुल भंडारी तक से इस नियुक्ति को लेकर चर्चा नहीं की थी। उन्होंने कहा महेश की नियुक्ति की फाइल स्वयं चेयरमैन विनय मित्तल लेकर आए थे और उन्होंने हस्ताक्षर कर फाइल उन्हें वापस कर दी।

सुनवाई 27 अक्तूबर के लिए स्‍थगित

Pawan Bansal Statement in Railway Bribe Case

मामले में सरकारी वकील जांच अधिकारी ने कुछ स्पष्टीकरण चाहते थे लेकिन जांच अधिकारी के उपस्थित न होने के कारण अदालत ने सुनवाई 27 अक्तूबर तक के लिए स्थगित कर दी।

मामले में आठवें गवाह के रूप में केए शिवदास संयुक्त सचिव, कैबिनेट सचिवालय के भी बयान दर्ज किए गए। इस मामले में पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल के भांजे विजय सिंगला, रेलवे बोर्ड के निलंबित सदस्य महेश कुमार सहित 10 आरोपी हैं।

सीबीआई का आरोप है कि पूरा मामला रेलवे बोर्ड के सदस्य एवं अभियुक्त महेश को सदस्य (इलेक्ट्रिकल) बनाने के लिए रचा गया। आरोप है कि 12 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर महेश को लाभदायक पद दिलवाने का वायदा किया गया था।

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