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पाक जासूस प्रकरण: मेजर समेत तीन के बयान दर्ज
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Feb 2014 10:33 AM IST
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पाक जासूस कासिफ अली की गिरफ्तारी मामले में सीजेएम रजनीश कुमार शर्मा की अदालत में भारतीय सेना के मेजर समेत तीन लोगों के बयान दर्ज किए गए। इसके अलावा दो अन्य के भी बयान दर्ज किए गए।
सीजेएम कोर्ट में पश्चिमी कमांड के मुख्यालय में तैनात मेजर दीपक वशिष्ठ ने कासिफ अली के पास से बरामद चंडी मंदिर के संवेदनशील जगह की तस्वीरों और उसकी पहचान के संबंध में गुप्त रिपोर्ट अदालत में जमा करवाई।
सेक्टर-44 के जिस मकान में वह रहता था उसकी मालकिन तुप्ता देवी ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान में कहा कि कासिफ अली ने मकान किराये पर लेते हुए अपना नाम पवन कुमार बताया था।
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उन्होंने कहा कि डीलर के जरिये कासिफ को 27 जुलाई 2009 को रेंट डीड कर मकान किराये पर दिया था। उसे बाद में पता चला कि उसका किरायेदार पाक जासूस है और उसका असली नाम कासिफ अली है। इसके अलावा अदालत में तृप्ता देवी की बेटी तरणजीत कौर के भी बयान दर्ज हुए।
तरणजीत ने बताया कि वह मां की गैर मौजूदगी में पवन उर्फ कासिफ से हर महीने किराया वसूला करती थी। उसे नहीं पता था कि वह कासिफ है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को तय की है।
बतातें चलें कि पाक जासूस कासिफ अली को क्राइम ब्रांच की टीम ने 10 जुलाई 2010 को सेक्टर-44 स्थित एक मंदिर के पास से दबोचा था।
पुलिस ने कासिफ अली से पूछताछ की तो उसने अपना नाम पवन और दिल्ली का रहने वाला बताया था। बाद में उसने खुलासा किया वह आईएसआई एजेंट है और वह पाकिस्तान से भारत जासूसी करने आया था।
पुलिस को सेक्टर-44 स्थित उसके किराये के घर से नक्शे, कैमरे, सेना से जुडे़ कागजात और पासपोर्ट की रसीद बरामद हुई थी। कासिफ अली ने बताया था कि उसका पासपोर्ट रुपये लेकर एजेंट गुरपिंदर सिंह, कुलविंदर और जगदीश ने बनवाया था।
पुलिस ने उसी समय तीनों एजेंट को सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट दफ्तर के बाहर से गिरफ्तार किया था। वहींजाली पहचानपत्र और बैंक अकाउंट खुलवाने वाले दिल्ली निवासी आनंद कुमार को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था।
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सीजेएम कोर्ट में पश्चिमी कमांड के मुख्यालय में तैनात मेजर दीपक वशिष्ठ ने कासिफ अली के पास से बरामद चंडी मंदिर के संवेदनशील जगह की तस्वीरों और उसकी पहचान के संबंध में गुप्त रिपोर्ट अदालत में जमा करवाई।
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सेक्टर-44 के जिस मकान में वह रहता था उसकी मालकिन तुप्ता देवी ने कोर्ट में दर्ज कराए बयान में कहा कि कासिफ अली ने मकान किराये पर लेते हुए अपना नाम पवन कुमार बताया था।
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उन्होंने कहा कि डीलर के जरिये कासिफ को 27 जुलाई 2009 को रेंट डीड कर मकान किराये पर दिया था। उसे बाद में पता चला कि उसका किरायेदार पाक जासूस है और उसका असली नाम कासिफ अली है। इसके अलावा अदालत में तृप्ता देवी की बेटी तरणजीत कौर के भी बयान दर्ज हुए।
तरणजीत ने बताया कि वह मां की गैर मौजूदगी में पवन उर्फ कासिफ से हर महीने किराया वसूला करती थी। उसे नहीं पता था कि वह कासिफ है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को तय की है।
बतातें चलें कि पाक जासूस कासिफ अली को क्राइम ब्रांच की टीम ने 10 जुलाई 2010 को सेक्टर-44 स्थित एक मंदिर के पास से दबोचा था।
पुलिस ने कासिफ अली से पूछताछ की तो उसने अपना नाम पवन और दिल्ली का रहने वाला बताया था। बाद में उसने खुलासा किया वह आईएसआई एजेंट है और वह पाकिस्तान से भारत जासूसी करने आया था।
पुलिस को सेक्टर-44 स्थित उसके किराये के घर से नक्शे, कैमरे, सेना से जुडे़ कागजात और पासपोर्ट की रसीद बरामद हुई थी। कासिफ अली ने बताया था कि उसका पासपोर्ट रुपये लेकर एजेंट गुरपिंदर सिंह, कुलविंदर और जगदीश ने बनवाया था।
पुलिस ने उसी समय तीनों एजेंट को सेक्टर-34 स्थित पासपोर्ट दफ्तर के बाहर से गिरफ्तार किया था। वहींजाली पहचानपत्र और बैंक अकाउंट खुलवाने वाले दिल्ली निवासी आनंद कुमार को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था।