'संत' रामपाल के साथ कोर्ट में चौंकाने वाली घटना
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करौंथा आश्रम की जमीन के धोखाधड़ी मामले में पेशी के दौरान रामपाल के साथ काफी चौंकाने वाली घटना हुई। मामले में रामपाल को हाजिरी माफी थी। उसकी जमानत मकड़ौली निवासी राज सिंह नाम के व्यक्ति ने ले रखी थी, लेकिन बुधवार को राज सिंह ने जमानत ही वापस ले ली।
बताया जा रहा है कि कोर्ट में काफी देर तक रामपाल की जमानत लेने के लिए कोई और सामने नहीं आया। कोर्ट ने रामपाल की जमानत खारिज कर दी और उसे वापस हिसार जेल भेज दिया गया। अगली सुनवाई के लिए 21 फरवरी की तारीख निर्धारित की है, लेकिन रामपाल को 21 जनवरी और 4 फरवरी को भी अदालत में हाजिरी के लिए पेश होना पड़ेगा।
इससे पूर्व, बुधवार सुबह हिसार जेल में बंद रामपाल को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस ने अदालत में पेश किया। शिकायतकर्ता पक्ष के एडवोकेट नरेंद्र सिंह कटारिया ने बताया कि बुधवार को हाजिरी के लिए न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कीर्ति जैन की अदालत में सुनवाई हुई। 10 दिसंबर को 3 आरोपी सत्यदेव, राजेंद्र और रवींद्र अदालत में पेश नहीं हुए थे। कोर्ट ने तीनों आरोपियों के वारंट जारी कर दिए थे।
धोखे से जमीन को कब्जा करने का मामला
अदालत में बचाव पक्ष की ओर से जानकारी दी गई कि रविंद्र और राजेंद्र हिसार जेल में बंद हैं। कोर्ट ने दोनों के प्रोडक्शन वारंट जारी कर दिए। वहीं, आरोपी सत्यदेव वारंट के बाद भी अदालत में पेश नहीं हुआ। इस पर अदालत ने सत्यदेव को भगौड़ा अपराधी घोषित करने की कार्रवाई शुरू कर दी। एक अन्य महिला आरोपी सुनहरी की अदालत ने हाजिरी माफी कर दी।
रामपाल को 21 जनवरी और 4 फरवरी को हाजिरी देने के लिए रोहतक अदालत में आना होगा। एडवोकेट कटारिया ने बताया कि क्योंकि रामपाल जेल में बंद है, इसलिए उसे 14 दिनों में पेश करना अनिवार्य है। इसी के तहत अदालत ने आदेश दिए हैं कि उसे 21 जनवरी व 4 फरवरी को अदालत में पेश करें।
मामला 1999 का है। रामपाल के बंदी छोड़ भक्ति मुक्ति ट्रस्ट ने गांव करौंथा में आश्रम के लिए गिफ्ट डीड के तहत जमीन ली। जमीन की मालिक कमला, सुनहरी व कृष्णा के अलावा कई दूसरे लोग थे। आरोप है कि कमला के स्थान पर ट्रस्ट संचालकों ने किसी और को खड़ा करके फर्जी अंगुठे लगवा लिए और धोखे से जमीन को कब्जा लिया।
कमला के चाचा करतार सिंह ने पुलिस में शिकायत दी, जिसके आधार पर मामला दर्ज किया गया है। अदालत में कमला समेत अन्य की गवाही भी हो चुकी है। इस मामले में अब केवल मधुबन स्थित एफएसएल के हैंड राइटिंग एक्सपर्ट व दो पुलिस अधिकारियों की गवाही बाकी है।