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2 पत्नियों के कारण 3 दिन से अंतिम संस्कार को तरसा पति
ब्यूरो/अमर उजाला, फिल्लौर(लुधियाना)
Updated Thu, 02 Jun 2016 12:03 PM IST
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दो बीवियों के कारण नहीं हो सकता व्यक्ति का अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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एक व्यक्ति की मौत के बाद उसका संस्कार उसकी 2 पत्नियों के कारण रुक गया। 3 दिन से बॉडी फ्रीजर में है। मामला, पंजाब के फिल्लौर इलाके का है। पहली पत्नी जब पति का संस्कार करने जा रही थी तो मृतक की दूसरी पत्नी व अन्य रिश्तेदारों ने ये कहते हुए उसे रोक दिया कि कहीं उसका जायदाद के लिए कत्ल तो नहीं किया गया।
एसडीएम कार्यालय में मृतक लैंहबर सिंह वासी गांव मुठड़ा के रिश्तेदारों व दूसरी पत्नी सर्बजीत कौर ने आरोप लगाया कि उसके पति लैंहबर सिंह की कुदरती मौत नहीं हुई उसे मारा गया है। आज जो पहली पत्नी उसकी मौत के बाद अपना हक जता रही है, उसके साथ उसके पति का 16 वर्ष पहले तलाक हो गया था।
उसकी पहली पत्नी बलजिंद्र कौर अपने बेटे के साथ तलाक के बाद से ही अलग रह रहे हैं, जबकि उसका बेटा विदेश में रह रहा है। सर्बजीत ने कहा कि 10 वर्ष पहले लैंहबर ने उसके साथ शादी की थी। वर्ष 2013 में लैंहबर सिंह ने बकायदा गजटिड अधिकारी की हाजिरी में एक वसीयत की जिसमें उसने स्पष्ट लिखा कि उसकी देखभाल उसका भाई रेशम सिंह उर्फ मनजीत व बहन रेशम कौर करते हैं।
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मेरी मौत के बाद मेरी संपत्ति के 3/4 हिस्से का मालिक मेरी बहन व 1/4 हिस्से का मालिक मेरा भाई होगा। इसमें मेरी तलाकशुदा पत्नी बलजिंद्र कौर व उसके बेटे का कोई हक नहीं होगा। बीमार होने का फायदा उठा कर बलजिंद्र ने उसकी जायदाद गलत ढंग से अपने नाम करवा ली और उसके बैंक खातों में जमा रकम भी निकलवा ली। गत रविवार को लैंहबर की मौत हो गई।
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एसडीएम कार्यालय में मृतक लैंहबर सिंह वासी गांव मुठड़ा के रिश्तेदारों व दूसरी पत्नी सर्बजीत कौर ने आरोप लगाया कि उसके पति लैंहबर सिंह की कुदरती मौत नहीं हुई उसे मारा गया है। आज जो पहली पत्नी उसकी मौत के बाद अपना हक जता रही है, उसके साथ उसके पति का 16 वर्ष पहले तलाक हो गया था।
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उसकी पहली पत्नी बलजिंद्र कौर अपने बेटे के साथ तलाक के बाद से ही अलग रह रहे हैं, जबकि उसका बेटा विदेश में रह रहा है। सर्बजीत ने कहा कि 10 वर्ष पहले लैंहबर ने उसके साथ शादी की थी। वर्ष 2013 में लैंहबर सिंह ने बकायदा गजटिड अधिकारी की हाजिरी में एक वसीयत की जिसमें उसने स्पष्ट लिखा कि उसकी देखभाल उसका भाई रेशम सिंह उर्फ मनजीत व बहन रेशम कौर करते हैं।
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मेरी मौत के बाद मेरी संपत्ति के 3/4 हिस्से का मालिक मेरी बहन व 1/4 हिस्से का मालिक मेरा भाई होगा। इसमें मेरी तलाकशुदा पत्नी बलजिंद्र कौर व उसके बेटे का कोई हक नहीं होगा। बीमार होने का फायदा उठा कर बलजिंद्र ने उसकी जायदाद गलत ढंग से अपने नाम करवा ली और उसके बैंक खातों में जमा रकम भी निकलवा ली। गत रविवार को लैंहबर की मौत हो गई।