फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   nirmal singh bhangoo company pearl group fraud case

मिलिए, जालसाजी के सुल्तान से, ठगे 45000 करोड़

Wed, 03 Feb 2016 02:55 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़
टीम डिजिटल/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 03 Feb 2016 02:55 PM IST
विज्ञापन
nirmal singh bhangoo company pearl group fraud case

PACL यानी पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड का सर्वे सर्वा है निर्मल सिंह। आज से सिर्फ 20 साल पहले ये पंजाब के जिला चमकौर साहिब में साइकिल पर दूध बेचता था, तकिए बेचता था। इसी दौरान वो एक चिट फंड कंपनी में एजेंट बन गया। इसमें माहिर होते ही भंगू ने गुरवंत एग्रोटेक के नाम से कंपनी शुरू कर दी। ये कंपनी मैग्नेटिक पिलोज बेचने के नाम पर लोगों से पैसा जमा कराती थी। 1998 में कंपनी का नाम PACL रखा गया।

विज्ञापन


पंजाब का बरनाला निवासी निर्मल ने पहले 70 के दशक में कोलकाता में इनवेस्टमेंट कंपनी पियरलेस में कुछ साल काम किया। हरियाणा की कंपनी गोल्डन फॉरेस्ट में भी काम किया। निवेशकों से करोड़ों ऐंठने के बाद गोल्डन फॉरेस्ट बंद हो गई। इसके बाद निर्मल ने गोल्डन फॉरेस्ट की तरह 1980 में पर्ल्स गोल्डन फॉरेस्ट (पीजीएफ) नाम की कंपनी बनाई। वो कंपनी वृक्षारोपण के लिए निवेशकों से पैसा जुटाती और अच्छे मुनाफे का दावा करती थी।
विज्ञापन


साल 1996 तक निर्मल सिंह भंगू प्लांटेशन के लिए लोगों से रुपए लेता और उन्हें मोटे रिटर्न का भरोसा देता रहा। इस दौरान इनकम टैक्स और दूसरी जांचों के चलते निर्मल सिंह ने 80 के दशक में बनाई गई कंपनी पर्ल्स गोल्डन फॉरेस्ट यानी पीजीएफ को बंद कर दिया लेकिन उसे पॉन्जी स्कीम से रुपए कमाने का फॉर्मूला मिल चुका था। लिहाजा उसने एक नई कंपनी बनाई जिसका नाम रखा, PACL यानी पर्ल्स एग्रोटेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड।

विज्ञापन
विज्ञापन

बरनाला से की थी पर्ल ग्रुप के सफर की शुरूआत

nirmal singh bhangoo company pearl group fraud case

निर्मल सिंह भंगू ने बरनाला से पॉन्जी स्कीम की शुरुआत की। कमाई के लिए पिरामिड मॉडल अपनाया। शुरु में दो एजेंट बनाएं जिनसे हजार-हजार रुपये लिए और उन्हें ग्राहक लाने पर कमीशन का वादा किया। अगले महीने उन दो एजेंट्स ने दो-दो एजेंट कंपनी के साथ जोड़े। एक महीने बाद 6 एजेंट हो गए। तीसरे महीने 4 एजेंट्स ने 8 नए लोगों को लालच देकर अपने साथ जोड़ लिया। चौथे महीने में उन 8 इनवेस्टर्स ने 16 नए एजेंट तैयार कर लिए।

इस तरह से पर्ल्स ग्रुप से लोग जुड़ते रहे। पर्ल्स ग्रुप निवेश के बदले सालाना 12.5 फीसदी ब्याज का वादा करती थी। कंपनी के एजेंट 6 साल में रकम दोगुनी करने का सपना दिखाते थे, जबकि 10 साल बाद रकम के चार गुना तक होने का लालच दिया जाता था। मोटे कमीशन के चक्कर में पूरे देश में करीब 60 लाख एजेंट कंपनी के साथ जुड़ गए थे। देखते देखते करीब 6 करोड़ लोगों ने पर्ल्स ग्रुप में अपना पैसा लगा दिया।

इस ग्रुप की ताकत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके ब्रांड एंबेसेडर अक्षय कुमार से लेकर ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ब्रैट ली तक रह चुके हैं। पीएसीएल का मुख्य दफ्तर दिल्ली में है। देशभर में इसके एजेंटों का जाल फैला हुआ है। कंपनी के करीब 8 लाख एजेंट पूरे देश में हैं जो चेन मार्केटिंग के तहत काम करते हैं। इसके अलावा आईपीएल में पंजाब की टीम किंग्स इलेवन के साथ भी पर्ल ग्रुप जुड़ा रहा है।

कई क्षेत्रों में हाथ आजमाने के बाद शुरू किया चैनल

nirmal singh bhangoo company pearl group fraud case

कंपनी ने रियल एस्टेट, टिंबर इंडस्ट्री, हेल्थ, बीमा, होटल जैसे क्षेत्रों में हाथ आजमाने के बाद 2011 में अपना न्यूज चैनल शुरू किया। चैनल के अलावा ने क्षेत्रीय चैनल पर्ल्स मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ भी शुरू किया और खूब पूंजी निवेश कराया। आज ऐसा बड़ा शहर नहीं है, जहां पर पर्ल्स ग्रुप की प्रॉपर्टी नहीं है। फिर चाहे वो दिल्ली हो, मुंबई हो, कोलकाता हो, चंडीगढ़ हो या फिर मोहाली। कनॉट प्लेस में ही करीब 61 प्रॉपर्टीज हैं।

रॉल्स रॉयस और बेंटले जैसी बेशकीमती गाड़ियां और गल्फ स्ट्रीम जैसे प्राइवेट जेट्स भंगू के लिए कोई मायने नहीं रखते। उनकी बेहिसाब दौलत अमृतसर से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक फैली है। समंदर में शीशे के घर जैसे सैकड़ों अपार्टमेंट्स भंगू की कंपनी पर्ल ग्रुप ने सिडनी और मैलबर्न जैसे शहरों में ग्राहकों के लिए संजोए हैं। भारत में उसकी इतनी ज्यादा जमीनें हैं। नक्शे पर इन जमीनों को रख दिया जाए तो बैंगलोर जैसा शहर छोटा पड़ जाएगा।

आज 6 करोड़ निवेशकों से 45 हजार करोड़ रुपये ऐंठने के आरोप में भंगू को जेल भेजा जा चुका है। सीबीआई जांच में पचा चला है कि निवेशकों के पैसों से कंपनी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस में 61 दफ्तरों को खरीदा। मोहाली में तो पर्ल्स ग्रुप ने हाउसिंग सोसायटी से लेकर हॉस्पिटल और मेडिकल कॉलेज तक बना रखे हैं वो भी ठगी की रकम से। भंगू फिलहाल सलाखों के पीछे है और पूरे देश में फैले उसके दफ्तरों पर ताला लटक चुका है।

45 हजार करोड़ के करोड़ों पीड़ित

nirmal singh bhangoo company pearl group fraud case

उत्तर प्रदेश में ठगे गए 1.30 करोड़ निवेशक, महाराष्ट्र में पीड़ित निवेशकों की संख्या 61 लाख, तमिलनाडु में 51 लाख लुटे, राजस्थान में 45 लाख निवेशकों ने गंवाई जमा पूंजी, हरियाणा में 25 लाख निवेशकों की रकम डूबी। सीबीआई की प्रवक्ता कंचन प्रसाद का कहना है कि पर्ल ग्रुप के मुखिया निर्मल सिंह भंगू और उसके सहयोगी सुखदेव सिंह से एजेंसी पूछताछ कर रही है।

सीबीआई का कहना है कि शुरुआती जांच से हमें पता चला कि लगभग 45 हजार करोड़ रुपये का घपला हुआ है। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई ने पर्ल ग्रुप के पैंतिस बैंकों में सक्रिय एक हजार खाते भी सील कर दिए हैं। फिलहाल सत्ता के गलियारों से लेकर सीबीआई के ग्लास हाउस तक दबी जुबान में चर्चा है कि जो हाल निवेशकों के चक्कर में सहारा इंडिया के सुप्रीमो सुब्रत राय का हुआ, कहीं वही हाल निर्मल सिंह भंगू का न हो जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed