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इंटरनेट पर रिज्यूम डालने से पहले सावधान, ऑनलाइन ठगी का नया तरीका!
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Wed, 16 Nov 2016 10:05 AM IST
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इंटरनेट पर रिज्यूम डालने से पहले सावधान
- फोटो : Demo Pic
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हम अक्सर नौकरी की तलाश में इंटरनेट पर अपना रिज्यूम अपलोड करते है और किसी बड़े ऑफर का इंतजार करते है। ऐसा करना इस महिला को भारी पड़ गया। माजरी निवासी मोनिका ऐसे ज़ाल में फंसी कि अपने साढ़े पांच लाख रुपये गंवा बैठी। थाना सदर की पुलिस ने मोनिका की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
मोनिका के मुताबिक उसने नर्सिग का कोर्स किया हुआ है। अमेरिका (यूएसए) जाने के लिए उसने छह-सात महीने पहले अपना रिज्यूम नेट पर डाला था। गत 15 अक्टूबर को उसके पास यूएसए के नंबर से एक कॉल आई थी, जिसमें उसे कहा गया कि उसका रिज्यूम सेलेक्ट हो गया है। उसे एक ई-मेल आइडी देकर कहा गया कि वह अपना रिज्यूम उस आइडी पर डाले। उसने रिज्यूम उस मेल आइडी पर डाल दिया।
उसी दिन शाम को उसके पास फिर फोन आया कि वो यूएसए की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के लिए सिलेक्ट हो गई है और उसे उसी आइडी पर नियुक्ति पत्र भेजा गया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जब उसने उक्त कंपनी के किसी अधिकारी या कर्मचारी से मिलने की इच्छा जताई तो उसे कहा गया कि भारत में वह उनकी कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क करे। मोनिका को एक मोबाइल नंबर देकर कहा गया कि वह उससे संपर्क करे तो वो उसे सारी प्रक्रिया बता देगा।
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मोनिका के मुताबिक उसने नर्सिग का कोर्स किया हुआ है। अमेरिका (यूएसए) जाने के लिए उसने छह-सात महीने पहले अपना रिज्यूम नेट पर डाला था। गत 15 अक्टूबर को उसके पास यूएसए के नंबर से एक कॉल आई थी, जिसमें उसे कहा गया कि उसका रिज्यूम सेलेक्ट हो गया है। उसे एक ई-मेल आइडी देकर कहा गया कि वह अपना रिज्यूम उस आइडी पर डाले। उसने रिज्यूम उस मेल आइडी पर डाल दिया।
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उसी दिन शाम को उसके पास फिर फोन आया कि वो यूएसए की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के लिए सिलेक्ट हो गई है और उसे उसी आइडी पर नियुक्ति पत्र भेजा गया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जब उसने उक्त कंपनी के किसी अधिकारी या कर्मचारी से मिलने की इच्छा जताई तो उसे कहा गया कि भारत में वह उनकी कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क करे। मोनिका को एक मोबाइल नंबर देकर कहा गया कि वह उससे संपर्क करे तो वो उसे सारी प्रक्रिया बता देगा।
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विदेश जाने की चाहत मोनिका को पड़ा महंगा
इंटरनेट पर रिज्यूम डालने से पहले सावधान
- फोटो : demo pic
उसी दिन शाम को उसके पास फिर फोन आया कि वो यूएसए की एक फार्मास्यूटिकल कंपनी के लिए सिलेक्ट हो गई है और उसे उसी आइडी पर नियुक्ति पत्र भेजा गया। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद जब उसने उक्त कंपनी के किसी अधिकारी या कर्मचारी से मिलने की इच्छा जताई तो उसे कहा गया कि भारत में वह उनकी कंपनी के प्रतिनिधि से संपर्क करे। मोनिका को एक मोबाइल नंबर देकर कहा गया कि वह उससे संपर्क करे तो वो उसे सारी प्रक्रिया बता देगा।
उसने उक्त नंबर पर संपर्क करके बात की और उक्त व्यक्ति को मिलने की बात कही तो उसने मिलने से साफ मना करते हुए कहा कि वह मिल नहीं सकता, क्योंकि उसके पास कंपनी के नए कर्मचारियों को अमेरिका भेजने का ही काम चलता रहता है।
जब मोनिका उनके मकड़जाल में फंस गई तो भारतीय व्यक्ति ने उससे यूएसए जाने के खर्च सहित अन्य कई जरूरी कामों के नाम पर अलग-अलग हिस्सों में रुपये बैंकों में जमा करवाने शुरू कर दिए। जो व्यक्ति मोनिका के संपर्क में था वो कभी खुद को मुंबई तो कभी दिल्ली सहित अन्य राज्यों में बताता था। अब वह नंबर बंद आ रहा है। जिन खातों में उससे रुपये जमा करवाए हैं वे खाते गुजरात के बैंक में चल रहे थे। मोनिका के मुताबिक उक्त सारी प्रक्रिया 5 नवंबर तक जारी रही।
उसने उक्त नंबर पर संपर्क करके बात की और उक्त व्यक्ति को मिलने की बात कही तो उसने मिलने से साफ मना करते हुए कहा कि वह मिल नहीं सकता, क्योंकि उसके पास कंपनी के नए कर्मचारियों को अमेरिका भेजने का ही काम चलता रहता है।
जब मोनिका उनके मकड़जाल में फंस गई तो भारतीय व्यक्ति ने उससे यूएसए जाने के खर्च सहित अन्य कई जरूरी कामों के नाम पर अलग-अलग हिस्सों में रुपये बैंकों में जमा करवाने शुरू कर दिए। जो व्यक्ति मोनिका के संपर्क में था वो कभी खुद को मुंबई तो कभी दिल्ली सहित अन्य राज्यों में बताता था। अब वह नंबर बंद आ रहा है। जिन खातों में उससे रुपये जमा करवाए हैं वे खाते गुजरात के बैंक में चल रहे थे। मोनिका के मुताबिक उक्त सारी प्रक्रिया 5 नवंबर तक जारी रही।