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Hindi News ›   Chandigarh ›   narcotics bureau will train courier agencies for caught drug traffickers

अब कोरियर कंपनियां ड्रग तस्करों की धरपकड़ में करेंगी मदद

Tue, 19 Jan 2016 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 19 Jan 2016 11:48 AM IST
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narcotics bureau will train courier agencies for caught drug traffickers

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) कई बार कोरियर पार्सल में ड्रग की खेप पकड़ चुका है। पार्सल में नशीले पदार्थ तो पकड़े जाते हैं। लेकिन सप्लाई करने वालों तक पहुंचना नामुमकिन सा होता है।

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एनसीबी अधिकारियों के मुताबिक ड्रग की खेप पार्सल करने वाले व्यक्ति फर्जी पहचान पर ड्रग भेजते हैं। उन तक पहुंचना मुश्किल होता है।

एनसीबी अब इस धंधे पर लगाम लगाने के लिए कोरियर कंपनियों को ट्रेनिंग देगा। ट्रेनिंग की बदौलत कोरियर कंपनियां ऐसे लोगों की धरपकड़ में मदद करेंगी। एनसीबी इन कोरियर कंपनियों को बताएगा कि पार्सल बुक करने में किस तरह की सावधानियां बरतनी चाहिए।
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एनसीबी नॉर्थ जोन के जोनल डायरेक्टर कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि  22 जनवरी को कोरियर कंपनियों के स्टाफ को एक दिन की ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि कंपनियां फर्जी पहचान पर नशीले पदार्थों का कोरियर करने आए लोगों को पकड़ सके।
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कौस्तुभ शर्मा ने बताया कि किसी भी कोरियर कंपनी को पार्सल करने आये व्यक्ति का पहचान पत्र अच्छी तरह से चेक करना चाहिए। पहचान पत्र में फोटो के साथ उस व्यक्ति के चेहरे का मिलान अवश्य कर लें। अक्सर तस्कर दूसरे का पहचान पत्र इस्तेमाल करते हैं और कोरियर कंपनियां चेहरा देखती ही नहीं हैं। आईडी किसी और व्यक्ति का होता है व पार्सल कोई दूसरा करने आया होता है।

एयरपोर्ट पर ड्रग का पार्सल पकड़ना आसान होता है। हर एयरपोर्ट पर स्कैनर लगे होते हैं। हालांकि कभी कभी यहां से भी खेप निकल जाती है। लेकिन रेलवे और पोस्टआफिस के पार्सल में ड्रग तस्करी पकड़नी काफी मुश्किल होती है। क्योंकि यहां पार्सल की अधिक होती है और पार्सल स्कैन करने की भी सुविधा नहीं होती। ऐसे में पार्सल जब कोरियर करने आते हैं तो उसी वक्त पकड़े जा सकते हैं।


एनसीबी ने बताया कि पिछले साल करीब पांच ड्रग तस्करी के पार्सल पकड़े गए थे। जिनमें कोकीन, अफीम और चरस पकड़ी गई थी। लेकिन तस्कर को पकड़ा नहीं जा सका था। तस्करों ने तस्करी के लिए फर्जी आईडी इस्तेमाल की थी।

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