मां-बेटी को जिंदा जलाने वाला अब भुगतेगा सजा
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एडीजे राजकुमार यादव की अदालत ने मां और उसकी नौ महीने की बेटी को जलाकर मारने के जुर्म में दो सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। घटना हरियाणा के हिसार की है।
दाहिमा गांव निवासी इंद्र और अमित को पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा। जुर्माना न देने पर उन्हें तीन-तीन महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
कोर्ट में चले अभियोग के अनुसार 5 मई 2010 को इंद्र सिंह की 28 वर्षीय पत्नी और नौ महीने की बेटी अनु झुलस गई। देर रात उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अस्पताल में उपचार के दौरान बेटी की मौत हो गई।
पति और देवर पर जलाने का आरोप
पत्नी शकुंतला ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिए थे कि वह बेटी के साथ चारपाई पर सो रही थी। अचानक उसकी चारपाई पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। आग लगाने का आरोप महिला ने अपने पति इंद्र और देवर अमित पर लगाया था।
पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। मजिस्ट्रेट के सामने बयान देने के अगले ही दिन शकुंतला की भी मौत हो गई थी। इस मामले में मृतका के पिता गांव लुदास निवासी धर्मबीर ने भी उसके ससुराल जनों पर आरोप लगाया था। गिरफ्तारी के बाद इंद्र ने फर्द इंसाफ किया था कि उसकी पत्नी के साथ अनबन चलती थी।
अकसर छोटी-छोटी बातों पर लड़ाई-झगड़ा रहता था। दोनों भाइयों ने मिलकर इस झगड़े को जड़ से ही खत्म करने की सोची। घटना वाली रात भाई अमित ने चारपाई पर मिट्टी का तेल छिड़क दिया और इंद्र ने आग लगा दी थी। कोर्ट ने इस मामले में 17 जनवरी को दोनों को दोषी करार दिया था।