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शौक पूरे करने के लिए दादी से मांग रहा था पैसे, नहीं दिए तो गला घोंटा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Mon, 18 Apr 2016 02:27 PM IST
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हत्या
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शौक पूरे करने के लिए बूढ़ी दादी ने पैसे नहीं दिए तो पोते ने दादी को मौत के घाट उतार दिया। घटना रोहतक की शिवाजी कॉलोनी की है। कॉलोनी में बने एक मकान में अकेली रहने वाली 85 वर्षीय भगवानी देवी की मौत को पहले तो परिजनों ने सामान्य मौत समझा, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने दिल दहला देने वाला खुलासा किया। सामने आया कि बुजुर्ग की मौत दम घुटने से हुई है। परिजनों ने बयान दर्ज कराए हैं कि भगवानी के पोते दीपक ने पैसों के लालच में हत्या को अंजाम दिया है। पुलिस ने आरोपी दीपक को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस को दी शिकायत में मृतका के बेटे ज्ञानचंद ने बताया कि वह हिसार बाईपास पर रहता है। उनकी माता भगवानी देवी शिवाजी कॉलोनी स्थित पैतृक घर में अकेली रहती थीं। घर में नीचे के हिस्से में उनके रिश्तेदार रहते हैं। शनिवार शाम तक जब उनकी माता नीचे नहीं आई तो उनके रिश्तेदारों ने ऊपर जाकर देखा तो कमरे का गेट अंदर से बंद था। जैसे तैसे दरवाजा खोला तो भगवानी बेसुध पड़ी थी। पीजीआई में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
पहले तो परिजनों को लगा कि भगवानी देवी की सामान्य मौत हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मौत दम घुटने से हुई है। इस खुलासे पर परिजन और पुलिस सक्रि य हो गए। पुलिस ने ज्ञानचंद के बयान पर उनके भतीजे दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे का भी आदी है।
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छत के रास्ते से अंदर घुसा था आरोपी
भगवानी देवी के तीन बेटे थे। इनमें से आरोपी दीपक के पिता सहित दो बेटों की मौत हो चुकी है। जबकि ज्ञानचंद अलग रहते हैं। दीपक का घर भी भगवानी देवी के घर से सटा हुआ है। दीपक की मां सिलाई करती हैं जबकि दीपक रेहड़ी लगाता है। शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी प्रवीन ने बताया कि आरोपी दीपक छत के रास्ते से मकान के अंदर कूदा और दादी के कमरे में चला गया। यहां उसने अपनी दादी की हत्या कर दी।
शौक पूरे करने को लेकर रोज मांगता था रुपये
दीपक ने कई महीनों से रेहड़ी लगानी बंद कर दी थी। एसएचओ ने बताया कि दीपक अच्छे कपड़े पहनने और अच्छा मोबाइल रखने का शौकीन है। इसी शौक को पूरा करने के लिए अक्सर वह अपनी दादी से पैसे मांगता और झगड़ा करता। लेकिन दादी के पास कमाई को कोई साधन नहीं था। वारदात के दिन भी आरोपी की पैसों को लेकर पहले भगवानी देवी से बहस हुई। मांग पूरी नहीं होने पर उसने वारदात को अंजाम दे दिया। रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि वारदात के दिन भी ऊपर से आवाज आई थी। लेकिन दीपक रोज अपनी दादी के साथ ऐसे ही करता था, इस कारण उनका ध्यान नहीं गया।
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पुलिस को दी शिकायत में मृतका के बेटे ज्ञानचंद ने बताया कि वह हिसार बाईपास पर रहता है। उनकी माता भगवानी देवी शिवाजी कॉलोनी स्थित पैतृक घर में अकेली रहती थीं। घर में नीचे के हिस्से में उनके रिश्तेदार रहते हैं। शनिवार शाम तक जब उनकी माता नीचे नहीं आई तो उनके रिश्तेदारों ने ऊपर जाकर देखा तो कमरे का गेट अंदर से बंद था। जैसे तैसे दरवाजा खोला तो भगवानी बेसुध पड़ी थी। पीजीआई में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ खुलासा
पहले तो परिजनों को लगा कि भगवानी देवी की सामान्य मौत हुई है। लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि मौत दम घुटने से हुई है। इस खुलासे पर परिजन और पुलिस सक्रि य हो गए। पुलिस ने ज्ञानचंद के बयान पर उनके भतीजे दीपक के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस के अनुसार आरोपी नशे का भी आदी है।
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छत के रास्ते से अंदर घुसा था आरोपी
भगवानी देवी के तीन बेटे थे। इनमें से आरोपी दीपक के पिता सहित दो बेटों की मौत हो चुकी है। जबकि ज्ञानचंद अलग रहते हैं। दीपक का घर भी भगवानी देवी के घर से सटा हुआ है। दीपक की मां सिलाई करती हैं जबकि दीपक रेहड़ी लगाता है। शिवाजी कॉलोनी थाना प्रभारी प्रवीन ने बताया कि आरोपी दीपक छत के रास्ते से मकान के अंदर कूदा और दादी के कमरे में चला गया। यहां उसने अपनी दादी की हत्या कर दी।
शौक पूरे करने को लेकर रोज मांगता था रुपये
दीपक ने कई महीनों से रेहड़ी लगानी बंद कर दी थी। एसएचओ ने बताया कि दीपक अच्छे कपड़े पहनने और अच्छा मोबाइल रखने का शौकीन है। इसी शौक को पूरा करने के लिए अक्सर वह अपनी दादी से पैसे मांगता और झगड़ा करता। लेकिन दादी के पास कमाई को कोई साधन नहीं था। वारदात के दिन भी आरोपी की पैसों को लेकर पहले भगवानी देवी से बहस हुई। मांग पूरी नहीं होने पर उसने वारदात को अंजाम दे दिया। रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि वारदात के दिन भी ऊपर से आवाज आई थी। लेकिन दीपक रोज अपनी दादी के साथ ऐसे ही करता था, इस कारण उनका ध्यान नहीं गया।