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रिटा. BSF अधिकारी की बेटी की हत्या, 9 दिन पहले अपहरण
बनवारी लाल शर्मा /अमर उजाला, हिसार
Updated Mon, 28 Mar 2016 04:25 PM IST
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रिटायर्ड बीएसएफ अधिकारी की बेटी कांता शर्मा का फाइल फोटो
- फोटो : फाइल फोटो
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हिसार में नौ दिन पहले अपहृत बीएसएफ के रिटायर्ड असिस्टेंट कमांडेंट की फाइनेंसर बेटी कांता शर्मा की हत्या कर दी गई। पुलिस ने शनिवार को उसका शव भिवानी जिले में जूई नहर से बरामद किया। शव का रविवार को पीजीआई में पोस्टमार्टम किया गया। रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि कांता को गोली मारी गई है और बाद में शव नहर में फेंक दिया।
आरोपियों ने अपहरण के बाद बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस को उसके मोबाइल नंबर के आधार पर शुरुआत में पानीपत और जींद में लोकेशन मिली थी, लेकिन उसे बरामद नहीं कर सकी थी। अपहरण की साजिश में शामिल एक युवक को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी जींद के रोझला का प्रवीण अभी फरार है।
हिसार में शिवनगर निवासी बीएसएफ के रिटायर्ड अधिकारी बनवारी लाल शर्मा की पुत्री कांता शर्मा(26) 19 मार्च की शाम किसी का फोन आने पर अपनी बाइक लेकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच कांता के मोबाइल फोन से ही परिजनों के पास फोन आया कि 20 लाख रुपये देकर अपनी बेटी को ले जा सकते हो।
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पुलिस ने इसके बाद टीमें गठित की और मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा तो उसकी लोकेशन जींद में मिली। पुलिस ने लगातार आठ दिन तक जींद, सफीदों, समालखा, पानीपत और यूपी के शामली क्षेत्र में कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी अपनी लोकेशन बदलते रहे। शनिवार को कांता का शव भिवानी जिले में जुई नहर में मिला।
मुंहबोले भाई के साथ भेजी बाइक
घर से निकलने के बाद कांता अपनी बाइक पर सेक्टर1-4 गई थी। उसके बाद उसने फोन कर मुंहबोले भाई प्रदीप को कहा था कि वह सेक्टर 1-4 से बाइक ले जाए। कुछ देर बाद किसी ने कांता की बहन भावना के मोबाइल पर फोन कर कहा था कि कांता का अपहरण कर लिया गया है। 20 लाख रुपए का बंदोबस्त कर जींद की तरफ आ जाओ।
कांता ने तभी फोन पर कहा था कि पुलिस को शिकायत मत देना, नहीं तो मुझे मार दिया जाएगा। सिटी पुलिस ने उसी रात अपहरण और फिरौती का केस दर्ज कर कांता और उसके अज्ञात अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी थी। कांता तीन भाई-बहनों में मंझली थी और फाइनेंस का काम करती थी।
जींद का प्रवीण है मुख्य आरोपी
यूपी के झिंझाना के पीएनबी की एटीएम से 22 मार्च को कांता के खाते से 15 हजार रुपए निकाले गए। पुलिस की टीम ने वहां पहुंच रुपए निकालने वाले रोहतक के शिव कॉलोनी निवासी अमित उर्फ राजेश को गांव तपराला से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया था कि जींद जिले के गांव रोझला का प्रवीण अपने एक साथी के साथ 22 मार्च को कार में एक युवती लेकर उसके पास आया था। वे मुझे फिर कार में झिंझाना लेकर गए।
वहां प्रवीण ने उसे एक एटीएम कार्ड देकर उसके हाथ पर कोड नंबर लिखकर एटीएम से रुपए निकालने को कहा था। वह 15 हजार रुपए निकालकर लाया तो प्रवीण ने उसे 5 हजार रुपए दिए थे। बाकी रुपए उसने खुद रख लिए थे। वे करीब आधा घंटा उसके साथ रहे थे, फिर पता नहीं कहां चले गए। उसने बताया था कि वह हत्या और लूट के मामले में आरोपी है और प्रवीण रोझला के साथ रोहतक में जेल में बंद था। बाद में वह भगोड़ा हो गया और पहचान छुपाकर यूपी के गांव तपराला में चाऊमीन-बर्गर की दुकान पर कारिंदा लग गया।
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आरोपियों ने अपहरण के बाद बीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पुलिस को उसके मोबाइल नंबर के आधार पर शुरुआत में पानीपत और जींद में लोकेशन मिली थी, लेकिन उसे बरामद नहीं कर सकी थी। अपहरण की साजिश में शामिल एक युवक को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य आरोपी जींद के रोझला का प्रवीण अभी फरार है।
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हिसार में शिवनगर निवासी बीएसएफ के रिटायर्ड अधिकारी बनवारी लाल शर्मा की पुत्री कांता शर्मा(26) 19 मार्च की शाम किसी का फोन आने पर अपनी बाइक लेकर घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। इसी बीच कांता के मोबाइल फोन से ही परिजनों के पास फोन आया कि 20 लाख रुपये देकर अपनी बेटी को ले जा सकते हो।
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पुलिस ने इसके बाद टीमें गठित की और मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखा तो उसकी लोकेशन जींद में मिली। पुलिस ने लगातार आठ दिन तक जींद, सफीदों, समालखा, पानीपत और यूपी के शामली क्षेत्र में कई बार दबिश दी, लेकिन आरोपी अपनी लोकेशन बदलते रहे। शनिवार को कांता का शव भिवानी जिले में जुई नहर में मिला।
मुंहबोले भाई के साथ भेजी बाइक
घर से निकलने के बाद कांता अपनी बाइक पर सेक्टर1-4 गई थी। उसके बाद उसने फोन कर मुंहबोले भाई प्रदीप को कहा था कि वह सेक्टर 1-4 से बाइक ले जाए। कुछ देर बाद किसी ने कांता की बहन भावना के मोबाइल पर फोन कर कहा था कि कांता का अपहरण कर लिया गया है। 20 लाख रुपए का बंदोबस्त कर जींद की तरफ आ जाओ।
कांता ने तभी फोन पर कहा था कि पुलिस को शिकायत मत देना, नहीं तो मुझे मार दिया जाएगा। सिटी पुलिस ने उसी रात अपहरण और फिरौती का केस दर्ज कर कांता और उसके अज्ञात अपहरणकर्ताओं की तलाश शुरू कर दी थी। कांता तीन भाई-बहनों में मंझली थी और फाइनेंस का काम करती थी।
जींद का प्रवीण है मुख्य आरोपी
यूपी के झिंझाना के पीएनबी की एटीएम से 22 मार्च को कांता के खाते से 15 हजार रुपए निकाले गए। पुलिस की टीम ने वहां पहुंच रुपए निकालने वाले रोहतक के शिव कॉलोनी निवासी अमित उर्फ राजेश को गांव तपराला से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने बताया था कि जींद जिले के गांव रोझला का प्रवीण अपने एक साथी के साथ 22 मार्च को कार में एक युवती लेकर उसके पास आया था। वे मुझे फिर कार में झिंझाना लेकर गए।
वहां प्रवीण ने उसे एक एटीएम कार्ड देकर उसके हाथ पर कोड नंबर लिखकर एटीएम से रुपए निकालने को कहा था। वह 15 हजार रुपए निकालकर लाया तो प्रवीण ने उसे 5 हजार रुपए दिए थे। बाकी रुपए उसने खुद रख लिए थे। वे करीब आधा घंटा उसके साथ रहे थे, फिर पता नहीं कहां चले गए। उसने बताया था कि वह हत्या और लूट के मामले में आरोपी है और प्रवीण रोझला के साथ रोहतक में जेल में बंद था। बाद में वह भगोड़ा हो गया और पहचान छुपाकर यूपी के गांव तपराला में चाऊमीन-बर्गर की दुकान पर कारिंदा लग गया।