{"_id":"dffe57554232de457acea68d9f952931","slug":"molestation-case-court-trial-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छेड़छाड़: ट्रायल शुरू, बयान देने नहीं पहुंची छात्रा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छेड़छाड़: ट्रायल शुरू, बयान देने नहीं पहुंची छात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 18 Mar 2015 11:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेक्टर-9 के एक कॉन्वेंट स्कूल की छात्रा से छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग के मामले में मंगलवार को जिला अदालत ने ट्रायल तो शुरू कर दिया, मगर ट्रायल के पहले ही दिन पीड़िता बयान देने नहीं पहुंची। छात्रा ने अपने ही पूर्व स्कूल के डांस टीचर आकाश कुमार उर्फ एरिक पर आरोप लगाए थे। सोमवार को अदालत ने डांस टीचर पर आरोप तय किए थे।
विज्ञापन
कोर्ट ने इस केस का ट्रायल फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर चलाने का फैसला किया था, लेकिन मंगलवार को कोर्ट रूम में पीड़िता के पिता अकेले ही पहुंचे। इस पर अदालत ने पीड़िता के न आने के संदर्भ में पिता से सवाल-जवाब किए।
विज्ञापन
जज ने पिता से किए यह सवाल
जज ने कहा कि मामले को संवेदनशील मानते हुए इसे फास्ट ट्रैक कोर्ट की तर्ज पर चलाया जा रहा है। इसलिए पीड़ित पक्ष इसमें पूरा सहयोग करे, तो पिता ने कहा कि उनकी बेटी के पेपर चल रहे हैं। ऐसे में वह डिस्टर्ब हो जाएगी। अदालत ने पूछा कि पेपर कब है? तो बताया गया कि उसका पेपर 21 मार्च को है।
विज्ञापन
फिर जज ने कहा कि 21 मार्च में अभी काफी दिन हैं, ऐसे में उसे बयान दर्ज करवाने के लिए थोड़ी देर लाया जा सकता था। इस पर पीड़िता के पिता ने कहा कि उनकी बेटी का पेपर 19 मार्च को है। अदालत ने पेपर की डेटशीट दिखाने को कहा तो शिकायतकर्ता पक्ष डेटशीट नहीं दिखा सका।
आज सब इंस्पेक्टर के बयान दर्ज होंगे
कोर्ट ने पीड़िता के पिता को 24 मार्च को उसे बयान देने के लिए लाने को कहा। वहीं, बुधवार को सब-इंस्पेक्टर अशोक कुमार और वीरवार को सेक्टर-34 थाने के पूर्व एसएचओ कृपाल सिंह और एएसआई परमजीत सिंह के बयान होंगे।
एरिक अभी न्यायिक हिरासत में
आरोपी डांस टीचर 50-50 हजार के दो श्योरिटी बॉन्ड जमानत के लिए पेश नहीं कर सका, इसलिए अभी वह न्यायिक हिरासत में ही है। टीचर पर छेड़छाड़, जबरन वसूली, धमकाने और पॉस्को एक्ट सेक्शन-8 के तहत आरोप तय किए गए थे।