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मानसा जेल का वेलफेयर अफसर रिश्वत लेते गिरफ्तार, नकदी और चेक बरामद
ब्यूरो/अमर उजाला, बठिंडा(पंजाब)
Updated Mon, 18 Dec 2017 09:38 AM IST
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गिरफ्तार
- फोटो : file photo
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मानसा की केंद्रीय जेल में तैनात वेलफेयर अफसर सिकंदर सिंह को डिप्टी जेल अधीक्षक गुरजीत सिंह बराड़ के आदेश पर जेल से बाहर जाकर एक कैदी के परिजनों से रविवार को 50 हजार रुपये नगद और 86 हजार रुपये का बगैर नाम का चेक बतौर रिश्वत लेते विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा ने गिरफ्तार किया है। हालांकि मामले का पता चलने पर डिप्टी जेल अधीक्षक गुरजीत सिंह बराड़ भूमिगत हो गया है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार एक्ट के अलावा साजिश रचने के आरोप में बठिंडा में केस दर्ज किया गया है।
विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा रेंज के एसएसपी जगजीत सिंह भगताना ने बताया कि कुरुक्षेत्र के शाहाबाद मारकंडा निवासी गौरव नशा तस्करी के आरोप में मानसा जेल में सजा काट रहा है। उसी जेल में बठिंडा की मौड़ मंडी का पवन कुमार भी हत्या के मामले में सजा काट रहा है। एसएसपी ने बताया कि जेल के वेलफेयर विभाग की तरफ से कैदियों के लिए कैंटीन खोली गई है। उसका इंचार्ज पवन कुमार को बनाया गया है जबकि गौरव को सहायक लगाया गया है।
पैसे न देने पर डिप्टी जेल अधीक्षक ने कैदी को बुरी तरह पीटा
एसएसपी के मुताबिक गौरव ने कैदियों की सहमति से उनके परिजनों से अपने बैंक खाते में पैसे जमा करवा लिए थे। इस संबंध में पवन कुमार और जेल अधिकारियों को पता चला तो दोनों उस पैसे को हड़पने के लिए गौरव को परेशान करने लगे। आरोप है कि गौरव इसके लिए तैयार नहीं हुआ तो डिप्टी जेल अधीक्षक गुरजीत सिंह बराड़ ने उसे अपने कार्यालय में बुरी तरह पीटा। गौरव ने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी।
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पैसे के लिए के लिए गौरव कर रहा था फोन
विजिलेंस अफसर के मुताबिक गौरव के परिजनों को बैंक में जमा 86 हजार 200 रुपये निकलवाने और एक लाख रिश्वत के लिए पवन कुमार फोन करने लगा। गौरव के भाई रविंदर कुमार ने दोनों से सौदा तय करने के बाद विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क साधा। इसके पश्चात रविवार को प्लानिंग के तहत रविंदर कुमार को 50 हजार रुपये व 86 हजार का बिना नाम वाला चेक देकर मानसा भेजा तो वेलफेयर अफसर सिकंदर सिंह और कैदी पवन कुमार गांव तामकोट उसे लेने पहुंचे। जैसे ही आरोपियों ने गौरव के भाई से चेक व नगद लिया तो विजिलेंस की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा रेंज के एसएसपी जगजीत सिंह भगताना ने बताया कि कुरुक्षेत्र के शाहाबाद मारकंडा निवासी गौरव नशा तस्करी के आरोप में मानसा जेल में सजा काट रहा है। उसी जेल में बठिंडा की मौड़ मंडी का पवन कुमार भी हत्या के मामले में सजा काट रहा है। एसएसपी ने बताया कि जेल के वेलफेयर विभाग की तरफ से कैदियों के लिए कैंटीन खोली गई है। उसका इंचार्ज पवन कुमार को बनाया गया है जबकि गौरव को सहायक लगाया गया है।
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पैसे न देने पर डिप्टी जेल अधीक्षक ने कैदी को बुरी तरह पीटा
एसएसपी के मुताबिक गौरव ने कैदियों की सहमति से उनके परिजनों से अपने बैंक खाते में पैसे जमा करवा लिए थे। इस संबंध में पवन कुमार और जेल अधिकारियों को पता चला तो दोनों उस पैसे को हड़पने के लिए गौरव को परेशान करने लगे। आरोप है कि गौरव इसके लिए तैयार नहीं हुआ तो डिप्टी जेल अधीक्षक गुरजीत सिंह बराड़ ने उसे अपने कार्यालय में बुरी तरह पीटा। गौरव ने परिजनों को इस घटना की जानकारी दी।
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पैसे के लिए के लिए गौरव कर रहा था फोन
विजिलेंस अफसर के मुताबिक गौरव के परिजनों को बैंक में जमा 86 हजार 200 रुपये निकलवाने और एक लाख रिश्वत के लिए पवन कुमार फोन करने लगा। गौरव के भाई रविंदर कुमार ने दोनों से सौदा तय करने के बाद विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क साधा। इसके पश्चात रविवार को प्लानिंग के तहत रविंदर कुमार को 50 हजार रुपये व 86 हजार का बिना नाम वाला चेक देकर मानसा भेजा तो वेलफेयर अफसर सिकंदर सिंह और कैदी पवन कुमार गांव तामकोट उसे लेने पहुंचे। जैसे ही आरोपियों ने गौरव के भाई से चेक व नगद लिया तो विजिलेंस की टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।