फर्जी सर्टिफिकेट से पुलिस और बैंक में नौकरी, खुलासा
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में दस्तावेजों की वेरिफिकेशन में दो लोग ऐसे सामने आए हैं। जिन्होंने जाली दस्तावेजों के आधार पर बैंक व पंजाब पुलिस में नौकरी हासिल की थी। बोर्ड ने इस संबंध में रिपोर्ट विभागों को भेज दी है।
साथ ही उक्त व्यक्तियों को रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया है। यह लोग दोबारा किसी को अपना शिकार न बना सकें। इसलिए बोर्ड ने सारा ब्योरा वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को तीन महीने में सैकड़ों सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचे। यह विभिन्न विभागों से संबंधित थे। इसी बीच जिला होशियारपुर के थाना बुलेवाल के सुरिंदर सिंह नाम के व्यक्ति का 8वीं और दसवीं का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया।
8वीं का सर्टिफिकेट 2009 का बना था। जो कि जांच में सही पाया। जबकि 10वीं का सर्टिफिकेट जो कि साल 2011 का बना था। उसका बोर्ड के रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पाया।
जम्मू कश्मीर बैंक में जॉब कर रहा था आरोपी
इसके बाद बोर्ड ने उक्त व्यक्ति को रिकॉर्ड में ब्लैक लिस्ट कर दिया। साथ ही संबंधित थाने को सूचित कर दिया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के बैंक से प्रेम कुमार नाम के व्यक्ति का सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचा था। यह सर्टिफिकेट 12वीं का था।
बोर्ड की जांच में सर्टिफिकेट फर्जी निकला है। बोर्ड ने इस संबंध में रिपोर्ट बनाकर बैंक को अगली कार्रवाई के लिए भेज दी है। कोई पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सर्टिफिकेट्स की वेरिफिकेशन के लिए विशेष नियम बनाए हैं।
नियमों के तहत कोई व्यक्ति अपने स्तर पर सर्टिफिकेट्स की वेरिफिकेशन नहीं करा सकता है। बल्कि संस्थान, फर्म, आर्म्ड फोर्स सहित विभिन्न विभागों से आने वाले असल दस्तावेजों की बोर्ड वेरिफिकेशन करता है। बोर्ड ने हर सर्टिफिकेट की वेरिफिकेशन के लिए छह सौ रुपये की फीस निश्चित की है।