जमानत के बाद योगराज ने ये क्या कह डाला?
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क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह ने मारपीट के केस में जमानत पर रिहा होने के बाद दिल का दर्द उड़ेल दिया। योगराज सिंह ने कहा कि पूरे मामले से वह काफी हताश हैं। ऐसे हालात में देश रहने लायक नहीं लगता।
समझ नहीं आ रहा है कि यह उनके साथ क्यूं हुआ। गलत आरोप लग रहे हैं। योगराज के मुताबिक वह सेक्टर-2 में गए ही नहीं थे, जबकि पुलिस केस के मुताबिक योगराज मौके पर इतने बेकाबू थे कि अतिरिक्त पुलिस बल मंगाना पड़ा।
गौरतलब है कि सोमवार सुबह ही पंचकूला पुलिस ने मारपीट के केस में योगराज सिंह को गिरफ्तार किया था। योगराज सिंह के खिलाफ उन्हीं के पड़ोसी रिटा. आशानंद ने पुलिस में शिकायत दी थी।
ब्रिटिश काउंसिल पहुंचा मामला
योगराज की एनआरआई बहन कुलजीत कौर ने ब्रिटिश काउंसिल में फोन पर मामले की शिकायत दी है। इसमें उन्होंने मदद की गुहार लगाई है। कौर ने बताया कि उनके और उनकी बेटी के साथ अभद्र व्यवहार हुआ। उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपियों को छेड़छाड़ के लिए चार्ज नहीं किया गया।
कौर के मुताबिक उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है कि इंडिया महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को ब्रिटिश काउंसिल से किसी अधिकारी के पंचकूला आने की संभावना है।
इसलिए हुआ झगड़ा
डॉ. भूपेंद्र के घर के पास एक खाली प्लाट है, जो हुडा की प्रापर्टी है। इस प्लाट को साफ कराकर लोग यहां गाड़ियां पार्क करने लगे। पुलिस के मुताबिक इसी पार्किंग के चक्कर में डॉ. भूपेंद्र और आशानंद के बीच कई बार झगड़ा हो चुका है।
रविवार को यह झगड़ा हद पार कर गया। पहले आशानंद के पक्ष ने योगराज के संबंधियों को पीटा और उसके बाद योगराज के पक्ष ने मारपीट की। इसी के चलते दोनों पक्षों पर केस दर्ज हुआ।
30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत
पिता योगराज सिंह को मारपीट के केस में सेक्टर-5 थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। वहां से उन्हें 30 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिल गई। उनके दोस्त डॉ. भूपेंद्र सिंह को भी कोर्ट में पेश किया गया, लेकिन उन्हें जमानत नहीं मिली। इस पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। डॉ. भूपेंद्र ने वकील के मार्फत जमानत के लिए अर्जी डाली है, जिस पर मंगलवार के लिए पुलिस को जवाब दाखिल करने का नोटिस जारी हुआ है।
वहीं दूसरे पक्ष से आरोपी चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर डीएसपी आशानंद और उनके वकील बेटों सुनील व सुमित को भी गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। तीनों को कोर्ट से जमानत मिल गई। सभी आरोपियों को आठ से दस घंटे पुलिस कस्टडी में बीताने पड़े।
दोनों पक्षों पर हुआ क्रास केस
सेक्टर-5 थाने में क्रास केस दर्ज किया गया है। आशानंद, सुनील व सुमित के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (शारीरिक चोट पहुंचाना), 325 (गंभीर चोट पहुंचाना), 506 (जान से मारने की धमकी देना) व 34 (किसी अपराध में एक से ज्यादा लोगों का शामिल होना) के तहत केस दर्ज किया गया है।
वहीं आशानंद ने भी पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि योगराज सिंह ने सेक्टर-2 में अपने बाउंसरों और डॉ. भूपेंद्र के साथ मिलकर उन्हें पीटा और घर में घुसकर भी मारपीट की। इस शिकायत पर भी सेक्टर-5 थाने में 148 (हथियारों के दम पर दंगा करना), 149 (कई लोगों का अवैध भीड़ में एक से अपराध करना), 323 (चोट पहुंचाना), 452 (ट्रैसपासिंग) व 506 (जान से मारने की धमकी देना) के तहत योगराज सिंह और डॉ. भूपेंद्र के अलावा अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
पंचकूला में घर से गिरफ्तार
पुलिस ने यह गिरफ्तारी चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी की शिकायत पर की है। मामला, पार्किंग विवाद से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह की एनआरआई चचेरी बहन कुलजीत कौर बेटी तान्या और बेटे एरन के साथ इन दिनों इंडिया आई हुई थी। वह पंचकूला सेक्टर दो स्थित डॉ. भूपेंद्र सिंह के घर पर ठहरी हुई हैं। रविवार को वह बेटी और बेटे के साथ योगराज सिंह के मनीमाजरा स्थित घर पर उनकी बेटी के बर्थडे पार्टी में गई हुई थी।
देर रात जब वह घर लौटीं तो उनकी गाड़ी पार्क करने को लेकर पास ही रहने वाले चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी आशानंद से बहस हो गई। इसी बीच रिटायर्ड डीएसपी के हाईकोर्ट में वकील दोनों बेटे सुमित और सुनील भी वहां पहुंच गए।
कार पार्किंग को लेकर पड़ोसी से हुआ विवाद
क्रिकेटर युवराज सिंह के मनीमाजरा स्थित घर से पार्टी से लौट रही उनके पिता की चचेरी बहन और उनके बच्चों की पंचकूला सेक्टर-2 स्थित घर के बाहर गाड़ी पार्क करने को लेकर चंडीगढ़ पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी से बहस हो गई।
इसके बाद दोनों परिवार आमने-सामने आ गए और उनमें मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर रॉड और अन्य हथियारों से हमला करने का आरोप लगाया है। इस मारपीट में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए हैं।
उनका सेक्टर-छह स्थित अस्पताल में मेडिकल कराया गया। देर रात समाचार लिखे जाने तक मुकदमा दर्ज नहीं किया था। दोनों पक्षों के लोग अस्पताल पहुंच गए थे।
मारपीट में घायल हुए थे दोनों पक्ष
थोड़ी देर में ही बहस इतनी बढ़ गई कि उनमें मारपीट होने लगी। इसमें दोनों पक्षों के लोगों को चोट आई है। डॉ. भूपेंद्र सिंह ने इसकी सूचना योगराज सिंह को दी।
इस पर वह वहां पहुंचे और कुलजीत कौर और उनके बच्चों को सेक्टर-छह स्थित अस्पताल ले गए। इसके फौरन बाद दूसरे पक्ष के लोग भी मेडिकल कराने वहां पहुंच गए।
अस्पताल प्रबंधन ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस ने वहां पहुंच दोनों पक्षों का मेडिकल कराया। देर रात तक पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही थी। आज सुबह इस मामले में पुलिस ने योगराज सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
डॉ. भूपेंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजा
सेक्टर 5 थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए क्रिकेटर युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह को अदालत से जमानत मिल गई है, जबकि डॉ. भूपेंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
गाड़ी की पार्किंग को लेकर रिटायर्ड डीएसीपी से मारपीट करने के मामले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार करने के कुछ देर बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने योगराज सिंह व अन्य को बेल दी दी और डॉ. भूपेंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।