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ITO राकेश जैन और पत्नी के खिलाफ तय हुआ आरोप, जानिए क्या कांड किया था?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 02 May 2018 11:37 AM IST
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इनकम टैक्स ऑफिसर राकेश जैन
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इनकम टैक्स आफिसर (आईटीओ) राकेश जैन और उनकी पत्नी के खिलाफ आरोप तय हो गए हैं।। वहीं पूरा मामला भी खुलकर सामने आ गया है। 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते सीबीआई द्वारा रंगेहाथ गिरफ्तार किए गए पूर्व इनकम टैक्स ऑफिसर (आईटीओ) राकेश जैन और उसकी पत्नी सुनीत जैन के खिलाफ जिला अदालत ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट-2002 के अधिनियम 45 (3) (4) के अलावा भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 की धारा 13 (1), (ई), 13 (2) के तहत मंगलवार को आरोप तय कर दिए गए।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में पिछले साल अक्तूबर में चार्जशीट दायर की थी। चार्जशीट के अनुसार दंपती ने कुल 1,77,05,346 रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कमाए दिखाए हैं। ईडी ने जैन के खिलाफ यह कार्रवाई जैन के घर से 23 लाख रुपये कैश, एक किलो सोने की ईंट के अलावा घर और लॉकरों से भारी मात्रा में मिली सोने की गिन्नियां और गोल्ड ज्वैलरी मिलने पर की थी। इसके अलावा दोनों के लॉकरों से मिले निवेश, प्रापर्टी और इंश्योरेंस संबंधी दस्तावेज और लाखों की ज्वैलरी की लिस्ट भी शामिल हैं। केस का ट्रायल पांच जून से शुरू होगा।
122 पेज की चार्जशीट में ईडी ने राकेश जैन और सुनीत जैन के खिलाफ 19 गवाह बनाए हैं। शुरुआत में ईडी ने केस में राकेश जैन के पिता यशपाल जैन और माता कांता जैन को भी आरोपी बनाया था क्योंकि बैंक ऑफ बड़ौदा की सेक्टर-17 शाखा और सेक्टर-22बी स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा के जिन लॉकरों से लाखों की ज्वैलरी, डायमंड, निवेश और इंश्योरेंस के दस्तावेज मिले थे वह राकेश के माता-पिता और पत्नी सुनीत के नाम थे।
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बैंक ऑफ बड़ौदा की सेक्टर-17 शाखा के लॉकर से ईडी को एक किलो सोने की ईंट के अलावा गोल्ड मिला था। वहीं स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के लॉकर से 10-10 ग्राम की 12 सोने की गिन्नियों के अलावा, 18 अन्य गोल्ड ज्वैलरी शामिल हैं। इनमें गोल्ड रिंग, नेकलेस, ईयररिंगस, कंगन आदि शामिल थे। इनका 513 ग्राम सोने की ज्वैलरी लॉकर से मिली थी। आरोप के अनुसार जैन ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कुल 1.77 करोड़ रुपये बनाए थे।
सीबीआई ने पकड़ा था 50 हजार की रिश्वत लेते
2 फरवरी 2013 को सीबीआई ने रियल एस्टेट और शराब कारोबारी अशोक अरोड़ा की शिकायत पर राकेश जैन को उनके घर से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अरोड़ा ने सीबीआई को दी शिकायत में कहा था कि उन्हें आयकर विभाग की ओर से आईटी एक्ट 1961 की धारा 142 (2) के तहत नोटिस आया था। इसके बाद आईटीओ राकेश जैन की ओर से कॉल आई और 2011-12 के टैक्स को लेकर अपने ऑफिस बुलाया।
वहां बातचीत में जैन ने उन्हें टैक्स नोटिस को सेटल करने के लिए 3.5 लाख रुपये बतौर रिश्वत की डिमांड की। बातचीत के बाद यह सौदा 2.5 रुपये में तय हो गया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने ट्रैप लगाकर जैन को उसके सेक्टर-22 स्थित घर से रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सर्च के दौरान उनके घर से 23 लाख रुपये कैश समेत लाखों की गोल्ड ज्वैलरी मिली।
इसके बाद सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय को इस बारे में सूचना दी। इसके बाद ईडी ने अपने स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए राकेश जैन, सुनीत जैन, यशपाल जैन और कांता जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था।
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मामले में पिछले साल अक्तूबर में चार्जशीट दायर की थी। चार्जशीट के अनुसार दंपती ने कुल 1,77,05,346 रुपये मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कमाए दिखाए हैं। ईडी ने जैन के खिलाफ यह कार्रवाई जैन के घर से 23 लाख रुपये कैश, एक किलो सोने की ईंट के अलावा घर और लॉकरों से भारी मात्रा में मिली सोने की गिन्नियां और गोल्ड ज्वैलरी मिलने पर की थी। इसके अलावा दोनों के लॉकरों से मिले निवेश, प्रापर्टी और इंश्योरेंस संबंधी दस्तावेज और लाखों की ज्वैलरी की लिस्ट भी शामिल हैं। केस का ट्रायल पांच जून से शुरू होगा।
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122 पेज की चार्जशीट में ईडी ने राकेश जैन और सुनीत जैन के खिलाफ 19 गवाह बनाए हैं। शुरुआत में ईडी ने केस में राकेश जैन के पिता यशपाल जैन और माता कांता जैन को भी आरोपी बनाया था क्योंकि बैंक ऑफ बड़ौदा की सेक्टर-17 शाखा और सेक्टर-22बी स्थित स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा के जिन लॉकरों से लाखों की ज्वैलरी, डायमंड, निवेश और इंश्योरेंस के दस्तावेज मिले थे वह राकेश के माता-पिता और पत्नी सुनीत के नाम थे।
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बैंक ऑफ बड़ौदा की सेक्टर-17 शाखा के लॉकर से ईडी को एक किलो सोने की ईंट के अलावा गोल्ड मिला था। वहीं स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के लॉकर से 10-10 ग्राम की 12 सोने की गिन्नियों के अलावा, 18 अन्य गोल्ड ज्वैलरी शामिल हैं। इनमें गोल्ड रिंग, नेकलेस, ईयररिंगस, कंगन आदि शामिल थे। इनका 513 ग्राम सोने की ज्वैलरी लॉकर से मिली थी। आरोप के अनुसार जैन ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कुल 1.77 करोड़ रुपये बनाए थे।
सीबीआई ने पकड़ा था 50 हजार की रिश्वत लेते
2 फरवरी 2013 को सीबीआई ने रियल एस्टेट और शराब कारोबारी अशोक अरोड़ा की शिकायत पर राकेश जैन को उनके घर से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अरोड़ा ने सीबीआई को दी शिकायत में कहा था कि उन्हें आयकर विभाग की ओर से आईटी एक्ट 1961 की धारा 142 (2) के तहत नोटिस आया था। इसके बाद आईटीओ राकेश जैन की ओर से कॉल आई और 2011-12 के टैक्स को लेकर अपने ऑफिस बुलाया।
वहां बातचीत में जैन ने उन्हें टैक्स नोटिस को सेटल करने के लिए 3.5 लाख रुपये बतौर रिश्वत की डिमांड की। बातचीत के बाद यह सौदा 2.5 रुपये में तय हो गया। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सीबीआई ने ट्रैप लगाकर जैन को उसके सेक्टर-22 स्थित घर से रिश्वत की पहली किश्त के तौर पर 50 हजार रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सर्च के दौरान उनके घर से 23 लाख रुपये कैश समेत लाखों की गोल्ड ज्वैलरी मिली।
इसके बाद सीबीआई ने प्रवर्तन निदेशालय को इस बारे में सूचना दी। इसके बाद ईडी ने अपने स्तर पर भी कार्रवाई करते हुए राकेश जैन, सुनीत जैन, यशपाल जैन और कांता जैन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज किया था।